अब टी-20 अंदाज़ में पढ़ें खबरें, यहां जानें 13 जुलाई की बड़ी- ताज़ा और रोचक खबरें

nakul devarshi

Publish: Jul, 13 2017 08:07:00 (IST)

National News
अब टी-20 अंदाज़ में पढ़ें खबरें, यहां जानें 13 जुलाई की बड़ी- ताज़ा और रोचक खबरें

भागदौड़ भरी जिंदगी में हम आपके लिए लाए हैं फ़टाफ़ट फॉर्मेट में बड़ी और दिलचस्प खबरें। अगर आप तमाम बड़ी खबरें नहीं पढ़ पाए हैं या फिर आपके पास समय की कमी है तो एक ही खबर में पढ़िए अब तक की बड़ी व महत्वपूर्ण खबरें...

चीन ने फिर छेड़ा कश्मीरी राग, कहा- रुह्रष्ट पर तनाव से बचें भारत और पाक, लेकिन अमरनाथ हमले पर साधी चुप्पी

बीजिंग।

चीन ने भारत और पाकिस्तान के बीच के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। चीन का कहना कि नियंत्रण रेखा पर विवाद दक्षिण एशिया क्षेत्र के लिए अच्छा नहीं है।  वह कश्मीर पर भारत व पाकिस्तान के संबंधों को सुधारने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है, जहां के हालात ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपनी तरफ खींचा है।  



विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि कश्मीर के हालात ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का काफी ध्यान खींचा है। बावजूद इसके उन्होंने सोमवार को कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों पर हुए आतंकवादी हमले पर कुछ नहीं कहा। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास संघर्ष से न सिर्फ दोनों देशों की शांति व स्थिरता को, बल्कि क्षेत्र की शांति व स्थिरता को भी नुकसान होगा।



उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि संबंधित पक्ष क्षेत्र में शांति व स्थिरता के लिए अधिक कार्य कर सकते हैं और तनाव बढ़ाने से बच सकते हैं। चीन, भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को सुधारने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने का इच्छुक है। तो वहीं चीन ने सार्वजनिक तौर पर कश्मीर मुद्दे पर तटस्थता बनाए रखी है और इस मामले में अपनी रचनात्मक भूमिका पर पहले भी बात कर चुका है।



सरकारी मीडिया व चीनी विशेषज्ञों ने चीन को सुझाव दिया है कि चीन कश्मीर पर भारत के साथ विवाद में अपने सहयोगी पाकिस्तान की मदद कर सकता है। इस सप्ताह एक चीनी विशेषज्ञ ने कहा था कि जिस तरीके से भारत डोकलाम में भूटान की मदद कर रहा है, उसी तरह चीन भी अपनी सेना कश्मीर में भेजकर पाकिस्तान की मदद कर सकता है।



गौरतलब है कि उधर भारत और चीन की सेना सिक्किम क्षेत्र के डोकलाम में गतिरोध की वजह से तैनात हैं। इससे दोनों पक्षों में तनाव बढ़ा है।



दाल रोटी खाने वालों के लिए अच्छी खबर: रिटेल महंगाई में रिकार्ड गिरावट हुई दर्ज- घटकर 1.5 फीसदी के स्तर पर पहुंची

नई दिल्ली।

केंद्र सरकार को महंगाई के मोर्चे पर लगातार दूसरे महीने जून में भी राहत मिली है। जून में तेल और खाने की वस्तुओं की रिटेल महंगाई में कमी आई है। जिससे रिलेट महंगाई अब तक के निचले स्तर 1.54 फीसदी पर आ गई है। 



बुधवार को सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, मई में रिटेल महंगाई 2.18 फीसदी से जून के महीने में घटकर 1.54 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई है। जिससे मई से लेकर जून के महीने में खुदरा महंगाई में 0.64 अंको की कमी आई है। साथ ही जून में रिटेल महंगाई की दर साल 2012 के सबसे निचले स्तर पर रही। और महंगाई का आकंड़ा रिजर्व बैंक के अनुमान से कम रहा है। 



सीएसओ के ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल महीने में खुदरा महंगाई के आंकड़े 2.99 फीसदी से घटकर 2.18 पहुंच गए थे। जबकि दाल,सब्जी और खाने पीने की चीजों के सस्ता होने के कारण कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स मई में रिकार्ड 1.54 फीसदी के निम्न स्तर पर आ गई। तो वहीं जानकारों का मानना है कि खुदरा महंगाई कम होने से रिजर्व बैंक पर ब्याज दर कम करने का दबाव बढ़ेगा। 



इधर भले ही महंगाई की दर में कमी आने से राहत मिली है। लेकिन मई के महीने में आईआईपी ग्रोथ के मुताबिक देश की इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। जहां आईआईपी ग्रोथ लुढ़कर 1.7 फीसदी पहुंच गया। खाद्य महंगाई दर की बात करें तो जून में शहरी इलाकों में 2.13 पीसदी से घटकर 1.41 फीसदी रही है। तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई दर 2.3 प्रतिशत से घटकर 1.59 प्रतिशत रही है। 



रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए मोदी सरकार का बड़ा फैसला, हथियारों की खरीद के लिए सेना को असीमित वित्तीय अधिकार

नर्इ दिल्ली।

चीन के साथ डोकलाम क्षेत्र में गतिरोध और जम्मू कश्मीर में सीमा पार से आतंकवादी हमलों में तेजी के बीच सरकार ने सेना को किसी भी तरह की आकस्मिक स्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम बनाने के उद्देश्य से जरूरी हथियारों और गोलाबारूद की खरीद के असीमित वित्तीय अधिकार दिए हैं। सेना के सूत्रों के अनुसार दो- तीन दिन पहले ही सरकार की ओर से इस आशय की अधिसूचना जारी की गर्इ है जिसमें सेना उप प्रमुख को किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए हथियारों, पुर्जों और गोला बारूद की कमी को पूरा करने के लिए असीमित वित्तीय अधिकार दिए गए हैं।



सेना को यह अधिकार हथियारों और गोला बारूद के भंडार को जरूरी निर्धारित स्तर तक बनाए रखने के लिए दिए गए हैं। सेना उप प्रमुख को असीमित वित्तीय अधिकार होंगे और वह जरूरत के हिसाब से कितनी भी खरीद कर सकेंगे। मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए सरकार के इस फैसले को बडा नीतिगत और महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। पिछले काफी समय से यह महसूस किया जा रहा था कि सेना के जरूरत के अनुरूप हथियारों और गोलाबारूद का भंडार नहीं है और इस संबंध में लगातार मांग उठ रही थी।


सूत्रों के अनुसार इसके लिए मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति तथा रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद से मंजूरी लेने की भी जरूरत नहीं होगी। अभी तक पांच हजार करोड रूपए से अधिक की खरीद के लिए सुरक्षा मामलों की समिति से मंजूरी लेनी जरूरी थी।


सूत्रों ने बताया कि मौजूदा जरूरत को देखते हुए यदि इन अधिकारों का इस्तेमाल कर हथियारों और गोला बारूद की खरीद की जाये तो यह 40,000 करोड रूपये तक हो सकती है। अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि ये वित्तीय अधिकार राजस्व व्यय के तहत तथा मंत्रालय के बजटीय प्रावधानों के अनुरूप होंगे। 



आनंदपाल एनकाउंटर मामला: सांवराद में उग्र हुआ आंदोलन- 16 जवान घायल, पुलिस ने की हवाई फायरिंग

डीडवाना (नागौर). गैंगस्टर आनंदपालसिंह एनकाउण्टर को लेकर बुधवार को सांवराद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने आए युवकों ने रात करीब आठ बजे सांवराद रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रेक उखाड़ दिया। 



पुलिस एवं आरपीएफ के जवानों ने युवकों को खदेडऩे का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसमें एक दर्जन से अधिक पुलिस एवं आरपीएफ के जवान घायल हो गए। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस द्वारा जवाब में फायरिंग करने की जानकारी मिली, जिसमें चार युवक घायल हो गए। हालांकि पुलिस का कहना है उपद्रवी युवकों ने उनसे हथियार छीन लिए तथा फायरिंग भी उन्होंने ही की। रेलवे ट्रेक को उखाड़ दिया।



सभी घायलों को डीडवाना के राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो जनों की स्थिति गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जयपुर रेफर किया गया। 



जानकारी के अनुसार श्रद्धांजलि सभा में शामिल युवक दिनभर सरकार के जवाब का इंतजार करने के बाद शाम को सांवराद रेलवे स्टेशन की ओर चले गए तथा पटरियों पर कब्जा कर लिया। इस बीच पुलिस एवं प्रशासन द्वारा बार-बार यह बताया जा रहा था कि कुछ ही देर में उनकी मांगों को लेकर जवाब दिया जाएगा। इससे युवक आक्रोशित हो गए और उन्होंने शाम करीब आठ बजे रेलवे  टे्रक उखाड़ दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस एवं रेलवे पुलिस ने उन्हें मौके से खदेडऩा चाहा, जिस पर युवकों ने पुलिस पर लाठियों व पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें करीब १४ पुलिस के जवान घायल हो गए। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें चार युवक घायल हो गए।



गौरतलब है कि गैंगस्टर आनन्दपाल सिंह के एनकाउंटर के बाद बुधवार को सांवराद में हुई हुंकार रैली में राजपूत व रावणा राजपूत समाज के हजारों लोग उमड़ पड़े। हालात यह रहे कि लोगों के उमडऩे के कारण सभास्थल पर लगाया गया पाण्डाल और टेंट भी कम पड़ गए। प्रदेशभर के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने आनन्दपाल के समर्थन में इस रैली में शिरकत कर सीबीआई जांच की मांग का समर्थन किया।



इस दौरान जहां लाडनूं कस्बा बंद रहा। वहीं सांवराद में पूरे दिन तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। आनन्दपाल के एनकाउंटर से आक्रोशित युवाओं ने बार-बार नारेबाजी की और हाईवे जाम करने का प्रयास किया। उत्पाती युवाओं ने सडक़ पर टायर व लकडिय़ां जलाकर हाईवे जाम कर दिया।



उन्होंने पुलिस की दो गाडिय़ों सहित एक ट्रक के शीशे तोड़ दिए। जब पुलिस ने युवाओं को वहां से हटाकर हाईवे खुलवाने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस पर पत्थरबाजी कर दी। लेकिन पुलिस ने लाठियां लहराकर तथा आंसू गैस के गोले छोडक़र उन्हें भगा दिया। मौके की नजाकत को भांपते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के भारी इंतेजाम किए। इसके लिए सांवराद चौराहे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। इसके अलावा सांवराद जाने वाले प्रत्येक रास्तों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए। 



पुलिस ने फायरिंग नहीं की

सांवराद में पुलिस की ओर से किसी प्रकार की फायरिंग नहीं की गई। स्थिति नियंत्रण में है।

- मालिनी अग्रवाल, आईजी, अजमेर रेंज



महिला क्रिकेट में मिताली राज ने रचा इतिहास, वनडे में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज, 6000 रनों का आंकड़ा किया पार


ब्रिस्टल।

भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज मिताली राज ने बुधवार को इतिहास रच दिया। महिला वनडे इंटरनेरशनल क्रिकेट में मिताली राज ने सबसे ज्यादा रन बनाने का कीर्तिमान हासिल किया है। साथ ही वे इस फाॅर्मेट में 6000 से ज्यादा रन बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर भी बन गर्इ है।



आर्इसीसीसी महिला विश्व कप में मिताली ने जैसे ही आॅस्टेलिया के खिलाफ 34वां रन बनाया वे महिला वनडे में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गर्इं। वहीं मैच से पहले 6000 रन बनाने के लिए उन्हें 41 रन की जरूरत थी जो कि उन्होंने क्रिस्टीन बीम्स की गेंद पर छक्का जड़कर पूरी कर ली।



मिताली ने इंग्लैण्ड की पूर्व कप्तान चार्लोट एडवर्डस का रिकाॅर्ड तोड़ा। एडवर्डस ने 191 मैचों में 5992 रन बनाए थे। वहीं मिताली ने ये उपलब्धि 183वें वनडे मैच में ही हासिल कर ली। मिताली ने 1999 में अपना पहला वनडे खेला था। उनके नाम वनडे मैचों में 5 शतक आैर 49 अर्द्घशतक दर्ज हैं। वहीं उन्होंने दस टेस्ट मैचों में 663 आैर 63 टी-20 मैचों में 1708 रन बनाए हैं।



महिला क्रिकेट में बल्लेबाजी की बात हो या गेंदबाजी दोनों क्षेत्रों में भारतीय खिलाड़ी ही शीर्ष पर हैं। भारत की झूलन गोस्वामी के नाम वनडे में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकाॅर्ड दर्ज हैं। वे इस मैच से पहले तक 189 खिलाड़ियों के विकेट ले चुकी हैं। उन्होंने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के दौरे के दौरान ऑस्ट्रेलिया की खिलाड़ी कैथरीन का 180 विकेट का रिकाॅर्ड ध्वस्त किया था।



मिताली की ये उपलब्धि साबित करती है कि भारतीय पुरुषों के साथ ही महिलाएं भी क्रिकेट में किसी से कम नहीं है। ये भी सुखद है कि पुरुष क्रिकेट में सर्वाधिक टेस्ट आैर वनडे रन बनाने का रिकाॅर्ड भी एक भारतीय के ही नाम है। भारत के लिए ये उपलब्धि सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है। 

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