अब टी-20 अंदाज़ में पढ़ें खबरें, यहां जानें 14 जुलाई की बड़ी- ताज़ा और रोचक खबरें

New Delhi, Delhi, India
अब टी-20 अंदाज़ में पढ़ें खबरें, यहां जानें 14 जुलाई की बड़ी- ताज़ा और रोचक खबरें

भागदौड़ भरी जिंदगी में हम आपके लिए लाए हैं फ़टाफ़ट फॉर्मेट में बड़ी और दिलचस्प खबरें। अगर आप तमाम बड़ी खबरें नहीं पढ़ पाए हैं या फिर आपके पास समय की कमी है तो एक ही खबर में पढ़िए अब तक की बड़ी व महत्वपूर्ण खबरें।



गैंगस्टर आनंदपाल के शव का अंतिम संस्कार, मामा के बेटे ने दी मुखाग्नि

लाडनूं । गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर के 20वें दिन गुरुवार शाम आनंदपाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव को साढ़े छह बजे डी-फ्रिज सहित घर के बाहर बरामदे में रखवाया गया। वहां से शव को डी-फ्रिज सहित मुक्तिधाम ले जाया गया और मुखाग्नि दी गई। अंतिम संस्कार करने के लिए देर रात लगाए गए कफ्र्यू में एक घंटे ढील दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान गांव में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा।


गुरुवार दोपहर प्रशासन ने मानवाधिकार आयोग की ओर से जारी किया गया नोटिस एपी के घर चस्पा कर बताया कि शुक्रवार दोपहर तक या तो परिजन शव का अंतिम संस्कार करें अन्यथा प्रशासन को उसका अंतिम संस्कार कराना पड़ेेगा। इसपर गुरुवार शाम एडीजी अजीतसिंह समेत संभागीय आयुक्त एचएस मीणा, आईजी मालिनी अग्रवाल समेत अन्य ने आनंदपाल के परिजनों से अंतिम संस्कार को लेकर वार्ता की। इस पर बिना कोई मांग माने अंतिम संस्कार पर सहमति बनने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।


अंतिम संस्कार के लिए नोटिस तामिल कराया


मानवाधिकार आयोग के निर्देश के बाद प्रशासन ने गुरुवार को आनंदपाल सिंह के परिजनों को नोटिस देकर तामिल करवाया है कि शुक्रवार दोपहर तक या तो परिजन उसका अंतिम संस्कार करें अन्यथा प्रशासन को उसका अंतिम संस्कार कराना पड़ेेगा। इसके चलते वार्ताके बाद परिजन राजी हो गए।


प्रदर्शनकारियों ने उखाड़ा डेढ़ किमी रेलवे ट्रेक


मामले में बुधवार को हुए घटनाक्रम के बाद गांव सांवराद में कफ्र्यू लगा दिया गया है। कफ्र्यू से पहले प्रदर्शनकारियों ने डेढ़ किलोमीटर रेलवे ट्रेक उखाड़ दिया था। ट्रेक उखाडऩे के बाद सभा में आए युवकों ने रेलवे स्टेशन पर कर्मचारियों के कमरों में तोडफ़ोड़ कर आग लगा दी।


केरोसिन डालकर आग लगाने की कोशिश


रेलवे स्टेशन पर ट्रेक उखाडऩे वाले युवकों को मना करने पर आक्रोशित होकर उन्होंने पुलिस पर हमला बोल दिया। इस दौरान युवकों ने तीन पुलिसकर्मियों को पकड़कर केरोसिन डालकर उन्हें आग लगाने की कोशिश की।


देर रात कईयों को लिया हिरासत में


पुलिस ने बुधवार रात लोकेंद्र सिंह कालवी सहित राजपूत समाज के प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया। वहीं 51 युवकों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया। करीब 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने की खबर है।


रतनगढ़-डेगाना के बीच नहीं चली ट्रेन


सांवराद में डेगाना रतनगढ़ रेलवे ट्रेक उखाडऩे के बाद गुरुवार को कुछ टे्रन प्रभावित हुई। इसमें 22421 भगत की कोठी दिल्ली को बीकानेर होकर भेजा गया। वहीं 22422 को बीकानेर होकर आ रही है। 54810 जोधपुर-रेवाड़ी पैसेंजर वाया बीकानेर होकर आईऔर 54811 को वाया बीकानेर होकर भेजा गया। 74836 जोधपुर-हिसार ट्रेन को रतनगढ़-डेगाना के बीच निरस्त किया गया। इसके 74835 को डेगाना-रतनगढ़ के बीच निरस्त किया गया।


आज भी बंद रहेगा इंटरनेट


जिला प्रशासन ने इंटरनेट बंद रखने की अवधि बढ़ा दी है।  एडीएम राजपाल सिंह ने बताया कि सांवराद में स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण यह अवधि 14 जुलाई तक रात नौ बजे तक बढ़ाई है। पहले यह 13 जुलाई रात नौ बजे तक निर्धारित थी।


24 जून को हुआ था एनकाउंटर


रतनगढ़ क्षेत्र के मालासर गांव में 24 जून की रात को पुलिस, एसओजी व आनंदपाल के बीच करीब 50 मिनट तक हुई मुठभेड़ में गोली लगने से आनंदपाल की मौत हो गई थी। जिसके बाद 25 जून को रतनगढ़ के राजकीय जालान अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। इसके बाद 30 जून को फिर से रतनगढ़ एडीजे न्यायालय के आदेश पर चूरू के राजकीय डेडराज भरतीया अस्पताल में फिर मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। एक जुलाई की सुबह एपी के शव को चूरू ने उसके गांव सांवराद में परिजनों के सुर्पुद कर दिया था। एपी के परिजन एनकाउंटर को फर्जी मान रहे हैं। परिजन आनंदपाल एनकाउंटर मामले की सीबीआई जांच करवाने पर अड़े हुए थे।



भारत का चीन को जवाब- डोकलम मामले में कूटनीतिक चैनलों का किया जाएगा इस्तेमाल

नई दिल्ली। डोकलाम क्षेत्र में सीमा को विवाद को हल करने के लिए भले ही चीन भारतीय सेना को पीछे हटने की बात पर अडा हुआ है, लेकिन इस मामले में भारत का कहना है कि सीमा विवाद से जुड़ा यह मामला भी पहले की तरह कूटनीतिक माध्यम के जरिए सुलझाया जाएगा। चीन द्वारा इलाके में आपत्ति जताने के बाबजूद गुरुवार को भारत ने कहा कि डोकलम में सीमा को लेकर चीन के साथ पनपे ताजे विवाद को भी कूटनीतिक स्तर पर हल कर लिया जाएगा।



विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क मौजूद हैं, जिनका आगे भी इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने हाल ही में जर्मनी के हैंबर्ग में हुए जी-20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत का संदर्भ देते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने पिछले सप्ताह अनेक मुद्दों पर बातचीत की।



बागले ने कहा कि जहां तक डोकलम मुद्दे की बात है, आप जानते ही हैं हमारे कूटनीतिक संपर्क हैं। दोनों देशों में दूतावासों में दोनों देशों के प्रतिनिधि हैं और इस संपर्क का आगे भी इस्तेमाल किया जाएगा। भारत और चीन के बीच भूटान से लगी दोनों देशों की सीमाओं को लेकर डोकलम में पिछले तीन सप्ताह से तनाव जैसी स्थिति बनी हुई है। यह विवाद चीन द्वारा डोकलम में सड़क के निर्माण को लेकर शुरू हुई। भारत जहां इस इलाके को डोकलम कहता है, वहीं चीन इसे डोंगलोंग कहता रहा है।



चीन और चीनी मीडिया में ताजा सीमा विवाद को लेकर इस्तेमाल की गई भड़काऊ भाषा को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में बागले ने कहा कि सरकार ने अपना पक्ष बेहद स्पष्टता के साथ रखा है और मुद्दे के समाधान के लिए संपर्क साधे हैं। उनका कहना कि हमने दोनों देशों द्वारा पिछले कई वर्षों से इस तरह के मुद्दों, सीमा विवाद और तिहरी सीमारेखा को लेकर अपनाए गए उपायों का संदर्भ दिया है। हमने दोनों देशों के बीच आपसी समझदारी का भी जिक्र किया है।



साथ ही बागले ने विदेश सचिव एस. जयशंकर द्वारा हाल ही में दिए गए बयान का भी जिक्र किया। जयशंकर ने पिछले सप्ताह सिंगापुर में कहा था कि भारत और चीन इससे पहले भी आपसी सीमा विवाद सुलझाते रहे हैं और ऐसा कोई कारण नहीं है कि इस बार भी वे इसका समाधान नहीं निकाल लेंगे। 



हालांकि, एक दिन पहले ही बुधवार को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने जयशंकर की टिप्पणी को यह कहकर खारिज कर दिया कि 'डोकलम में भारतीय सैनिकों द्वारा की गई घुसपैठ इससे पहले भारत और चीन के बीच अस्पष्ट सीमा को लेकर उपजे विवाद से अलग है। 



बागले से जब पूछा गया कि क्या मोदी और शी के बीच डोकलम मुद्दे को लेकर खासतौर पर बात हुई है, तो उन्होंने सवाल का सीधा जवाब देने से इनकार करते हुए कहा कि मैं इसे आपकी कल्पना और सहज बुद्धि पर छोड़ता हूं कि दोनों नेताओं के बीच किन-किन मुद्दों पर बात हुई होगी।



जाधव मामले पर विदेश मंत्रालय का बयान- कुलभूषण की मां को वीजा देने पर पाक ने दिखाया दोहरा रवैया

नई दिल्ली।पाक मीडिया ने दावा किया था कि पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की मां को पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय वीजा देने की बात पर विचार कर रहा है। लेकिन इसके कुछ देर बाद ही भारत ने इसका खंड़न करते हुए कहा है कि पाक विदेश मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। 



भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान की ओर से जाधव को काउंसलर एक्सेस दिए जाने या फिर उनकी मां को वीजा दिए जाने के मामले में अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है। जो कि पाकिस्तान का इस मामले में दोहरा रवैया दिखाता है। 


इससे पहले पाकिस्तानी अखबार डॉन ने अपनी एक रिपोर्ट में विदेश कार्यालय के हवाले से यह जानकारी दी थी कि पाकिस्तान ने कहा था कि जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किए गए भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की मां के लंबित वीजा आवेदन पर विचार किया जा रहा है। साथ ही कहा कि भारत ने पाकिस्तान से जाधव की मां अवंतिका जाधव को उनके बेटे से मिलने देने का अनुरोध किया है।

तो वहीं हाल में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गंभीर बीमारी से ग्रस्त पाकिस्तानी नागरिकों को भारतीय मेडिकल वीजा देने की सिफारिश करने में देरी के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि उनकी सिफारिश मिलते ही पाकिस्तानी नागरिकों को तुरंत वीजा दिया जाएगा। स्वराज ने पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में मौत की सजा पाए कुलभूषण जाधव की मां अवंतिका जाधव के वीजा आवेदन को लंबित रखने के लिए भी पाकिस्तान सरकार को आड़े हाथों लिया था। 

उन्होंने कहा था कि भारत में इलाज कराने के लिए मेडिकल वीजा के इच्छुक सभी पाकिस्तानी नागरिकों के प्रति मेरी सहानुभूति है। मुझे भरोसा है कि अजीज को अपने देश के नागरिकों की चिंता है। पाकिस्तानी नागरिकों को मेडिकल वीजा देने के लिए हमें सिर्फ उनकी सिफारिश की जरुरत है। उधर विदेश कार्यालय की प्रवक्ता नफीस जकारिया ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में उस बात पर खेद जताया कि भारत में पाकिस्तानी मरीजों को इलाज के लिए मेडिकल वीजा को मंजूर करने के लिए शर्ते रखी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अजीज से सिफारिश किए जाने के लिए कहना राजनयिक मानकों के खिलाफ है। 

गौरतलब है कि कुलभूषण जाधव को इसी साल अप्रैल में पाकिस्तान के सैन्य न्यायाधिकरण ने जासूसी और आतंकवाद का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी जिसे भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में चुनौती थी और यह मामला अभी लंबित है।  



असम में बाढ़ का कहर: 44 की मौत तो लाखों हुए बेघर

नई दिल्ली। एक ओर देश की राजधानी दिल्ली मानसून बारिश का इंतजार कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर के राज्य असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है और इसकी चपेट में 24 जिलों के 17 लाख लोग आ गए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि अब तक बाढ़ में 44 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसके बाद यहां बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान को तेज कर दिया गया है। 



तो वहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने दौरा किया। उन्होंने हवाई जहाह के जरिए राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा भी लिया। साथ ही बचाव अभियान के द्वारा चलाए जा रहे अभियान का निरिक्षण किया। उधर सूत्रों के मुताबिक, असम में स्थित काजीरंगा नैशनल पार्क पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। यहां जलभराव के कारण नेशनल पार्क में रहने वाले यूनीहॉर्न राइनों (गेंडा) की जिंदगी पर खतरा मंडराने लगा है। ससे पहले बुधवार को असम के सीएम सर्बानंद सोनोवाल ने बुधवार को बाढ़ग्रस्त माजुली जिले का दौरा किया और राहत शिविरों का जायजा लिया। असम में भीषण बाढ़ के चलते 1,760 हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो गई है और सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अंतिम 24 घंटों में अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई है। 



एएसडीएमए ने बताया कि बुधवार तक 17,18,135 लोग बाढ़ की जद में आ गए हैं। असम में 31,000 लोगों के लिए 294 राहत शिविर लगाए गए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। अब तक 2,000 से अधिक लोगों को बचाया गया है। 



असम के सीएम सोनोवाल ने काजीरंगा अभयारण्य का भी दौरा किया और अधिकारियों को पशुओं पर नजर रखने का निर्देश दिया। जिससे कि वे शिकारियों का निशाना न बनें। उन्होंने कहा कि नगांव, गोलाघाट, कार्बी आंगलोंग, सोनितपुर और बिस्वनाथ जिलों का प्रशासन बाढ़ के हालात के बारे में रोज वन मंत्री को रिपोर्ट करेगा और पशुओं की सुरक्षा के उपाय करेगा।



अलवर जिले के गोवड़ी गांव में दो महिलाओं की चोटी काटी, गांव में भय

अलवर। क्षेत्र के गांव गोवड़ी में एक के बाद एक कर दो महिलाओं की चोटी काटने का मामला सामने आया है। घटना से गांव में भय व्याप्त है। वहीं नारायणपुर क्षेत्र में भी तीन महिलाओं के बाल काटने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने महिलाओं का घर से निकलना बंद कर गांव के तेजाजी मंदिर में भजन-कीर्तन करना शुरू कर दिया है।


एक के बाद एक गांव में चोटी काटने की हुई इन दो घटनाओं की सूचना पर पुलिस-प्रशासन सहित चिकित्सा विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम को फिलहाल दोनों घटनाओं के कारणों का पता नहीं चला है। पुलिस घटना को सुनियोजित अफवाह बता रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार दोपहर गांव की महिला मीरा (33) पत्नी सुल्तान यादव खेत से ज्वार लेने गई थी। कुछ देर बाद वह वहीं बेहोश होकर गिर पड़ी।


ग्रामीण जब मौके पर पहुंचे तो महिला की चोटी कटी हुई थी। इसके थोडी देर बाद मनखुरी (40) पत्नी लीलाराम यादव पानी लेने गई  और वहीं गिर गई। उसकी भी चोटी कटी पाई।

एक-एक कर दो महिलाओं की कुछ देर में चोटी कटने से गांव में भय व्याप्त हो गया। कुछ लोग इसे देवताओं का नाराज होना मान भजन-कीर्तन में जुट गए। वहीं, कुछ इसे किसी शरारती तत्व की हरकत मान रहे हैं।


ग्रामीणों ने दिखाए बालों के गुच्छे


 गांव में दो महिलाओं की चोटी कटने की सूचना पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों को ग्रामीणों ने महिलाओं की कटी चोटी दिखाई। उधर, गांव पहुंचे थानागाजी सीएचसी के चिकित्सक डॉ. डीसी मीणा व शेरसिंह चौधरी ने दोनों महिलाओं की जांच की। इस दौरान दोनों महिलाओं का बीपी व पल्स रेट नॉर्मल आई।


मारवाड़ में भी फैली अफवाह, गलत साबित हुई: महिलाओं की चोटी काटने की अफवाह का दौरा एक पखवाड़ा पूर्व मारवाड़ से शुरू हुआ। मारवाड़ के जोधपुर, बाड़मेर एवं अन्य स्थानों पर महिलाओं की चोटी काटने की घटनाओं की चर्चा रही थी। बाद में इन घटनाओं की जांच कराई गई तो ये सभी झूठी निकली। मारवाड़ में अफवाह का दौर थमने के बाद अब अलवर जिले में भी कुछ एेसी ही घटनाओं की गूंज सुनाई पडऩे लगी है। फिलहाल यहां भी एेसी घटनाओं को अफवाह का दौर बताया जा रहा है।


सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटना


गांव गोवड़ी में दो महिलाओं की चोटी कटने की घटना बुधवार को पूरे जिले में चर्चा का विषय रही। सोशल मीडिया पर भी यह जमकर वायरल हुई। उधर, तहसीलदार बनवारीलाल गुप्ता ने ग्रामीणों से घटना को वायरल नहीं करने की अपील की है।


बनवारीलाल गुप्ता तहसीलदार थानागाजी ने बताया कि यह सही है कि दोनों महिलाओं के बाल कटे हुए हैं। यह कैंची से नहीं काटे हुए लगते हैं। फिलहाल कुछ समझ में नहीं आ रहा है। हो सकता है यह किसी शरारती तत्व की हरकत या अफवाह हो।


रचना आसोपा व्याख्याता गौरी देवी महाविद्यालय अलवर ने बताया कि महिलाओं की चोटी काटने की घटनाएं कल्पित हैं। महिलाओं को एेसी घटनाओं पर विश्वास नहीं करना चाहिए।  कोई भी एेसी अफवाहों पर ध्यान नहीं दंे।


डॉ. मूल सिंह मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अलवर ने बताया कि यह अफवाह है। एेसी अफवाहें अन्य जिलों में भी फैलाई जा  रही हैं। ग्रामीण इस पर ध्यान नहीं दें। यह कुछ लोगों की अफवाह फैलाने की सुनियोजित साजिश हो सकती है।


Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned