अब टी-20 अंदाज़ में पढ़ें खबरें, यहां जानें 15 जुलाई की बड़ी- ताज़ा और रोचक खबरें

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अब टी-20 अंदाज़ में पढ़ें खबरें, यहां जानें 15 जुलाई की बड़ी- ताज़ा और रोचक खबरें

भागदौड़ भरी जिंदगी में हम आपके लिए लाए हैं फ़टाफ़ट फॉर्मेट में बड़ी और दिलचस्प खबरें। अगर आप तमाम बड़ी खबरें नहीं पढ़ पाए हैं या फिर आपके पास समय की कमी है तो एक ही खबर में पढ़िए अब तक की बड़ी व महत्वपूर्ण खबरें।

चीन पर सीमा विवाद को लेकर विपक्ष ने दिया सरकार का साथ


नई दिल्ली। सराकर ने शुक्रवार को चीन के साथ सीमा पर तनाव और कश्मीर में मौजूदा हालात के साथ मामले में उसकी ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी विपक्ष को दी। सरकार ने संसद के मानसून से पूर्व इन दोनों मुद्दों पर विपक्षी दलों के नेताओं को जानकारी देने के लिए यहां गृहमंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर इन दलों के नेताओं की बैठक बुलाई थी। बैठक में विदेश सचिव एस जयशंकर ने सिक्किम क्षेत्र में सीमा पर पिछले कुछ दिनों से चीन के साथ चल रहे तनाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। 



उन्होंने राजनीतिक दलों के नेताओं को बताया कि चीन भूटान के डोकलाम क्षेत्र में कब्जा कर रहा था। इस पर भूटान के अनुरोध पर भारत ने उसके साथ सुरक्षा समझौते अनुरूप चीनी सैनिकों को रोका। भारतीय सेना यदि ऐसा नहीं करती तो भविष्य में चीन उस क्षेत्र में भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकता था। कश्मीर के हालात पर गृहमंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी राजीव बग्गा ने विपक्षी नेताओं को अवगत कराया। उन्होंने अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले का ब्योरा देते हुए कहा कि इस तरह के हमले विदेशी तत्वों की ओर से कराए जाते हैं। सरकार की ओर से भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। 



अन्ना द्रमुक के राज्यसभा सांसद नवनीत कृष्णन ने बैठक से निकलने के बाद संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने श्रीलंका की नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरों को परेशान किए जाने और उन्हें पकड़े जाने का मुद्दा उठाया और श्रीलंका के साथ चीन के संबंधों की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने सरकार से श्रीलंका के साथ मछुआरों के मामलों को कड़ाई से उठाने और उसके साथ कोई ढिलाई नहीं बरतने का अनुरोध किया। 



तो वहीं इस बैठक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह के अलावा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रक्षा मंत्री अरुण जेटली, राज्यसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और आनन्द शर्मा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सीताराम येचुरी, केन्द्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान और केन्द्रीय मंत्री एवं तेलगु देशम पार्टी के नेता वाई एस चौधरी के अन्य दलों के नेता मौजूद थे।



बैठक में विपक्षी दलों ने सरकार को आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के मुद्दे पर वे उसके साथ एकजुट हैं और कहा कि ऐसे मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। तो वहीं चीन के साथ सीमा पर तनाव को राजनयिक माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने अमरनाथ यात्रियों पर आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और सरकार से कहा कि खुफिया जानकारी के बावजूद सुरक्षा में यह चूक कैसे हुई इसका पता लगाया जाना चाहिए। 



संसद के मानसून से पहले इन दोनों मुद्दों पर विपक्ष को विश्वास में लेने के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर बुलाई गई बैठक में रक्षा मंत्री अरूण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सरकार का पक्ष रखा। जबकि भारत सरकार के प्रवक्ता फ्रेंक नरोन्हा ने संवाददाताओं को बताया कि बैठक में विभिन्न दलों के 19 सांसद शामिल हुए और बाकी बचे दलों के नेताओं के साथ कल भी ऐसी ही बैठक बुलाई गई है।



महागठबंधन की बढ़ी मुश्किल, 80 विधायकों वाले बयान पर JDU ने कहा- तेजस्वी पर RJD दे सफाई


पटना। बिहार में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप के बाद महागठबंधन के दोनों घटक दलों के बीच दरार बढ़ती ही जा रही है। जहां राजद और जदयू के बीच आपसी आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। जहां शुक्रवार को जदयू ने राजद से कहा है कि उसे अपने 80 विधायकों का घमंड छोड़कर डेप्युटी सीएम तेजस्वी पर लगे आरोपों पर सफाई देनी चाहिए। 



बिहार में जदयू के प्रदेश प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा है कि राजद को 80 विधायकों का गुमान नहीं होना चाहिए। साथ ही कहा कि राजद को ये नहीं भलना चाहिए कि साल 2010 में हुए प्रदेश चुनाव में उनके 22 विधायक थे। राजद के विधायकों की संख्या 2015 में सीएम नीतीश कुमार के विश्वसनीय चेहरे के कारण बढ़ी है। जो कि महागठबंधन के प्रमुख के तौर पर थे। 



गौरतलब है कि 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में राजद के पास 80 विधायक हैं। तो वहीं जेडयू के पास 71 और कांग्रेस के पास 27 विधायक है। जबकि प्रमुख विपक्षी बीजेपी के 53 विधायक हैं। संजय सिंह ने राजद बिहार प्रमुख रामचंद्र पूर्वे के 80 विधायक वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अपनी सीमाओं के भीतर रहना चाहिए, और जितनी जल्दी हो सके आरोपों पर सफाई दें। 



तो वहीं जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू और तेजस्वी पर लगे आरोपों को लेकर कहा कि जिनके खिलाफ आरोप लगे हैं, उन्हें इस मामले में आगे आ कर अपनी संपत्ति का स्त्रोत देना चाहिए, जिससे कि विपक्षी दल चुप हो सकें। जबकि वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार की राजनीति में आए बवाल को शांत करने के लिए तेजस्वी यादव इस्तीफा दे सकते हैं। जिसका ऐलान लालू यादव के शनिवार को रांची से पटना पहुंचने के बाद किया जा सकता है। 



बावजूद इसके उपमुख्यमंत्री इन रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए उन्होंने ट्वीट किया कि और कहा कि 'उत्पाती सूत्रों' के नाम से मीडिया का एक वर्ग भाजपा का जो एक सूत्रीय कार्यक्रम चला रहा है उसपर ज़ोरों से हंसी आ रही है। साथ ही उन्होंने इस ट्वीट के आगे मजाकिया लहजे में लिखा कि भूंजा खाओ, मस्त रहो। 



क्या यह मानवाधिकार है, एक बेटी को पापा के अंतिम संस्कार में शामिल होने का भी हक नहीं दिया- चीनू


नागौर. आनंदपाल के अंतिम संस्कार को लेकर पुलिस का दावा है कि शव का अंतिम संस्कार आनंदपाल के परिजनों की सहमति से किया गया है वहीं एक ऑडियो में कथित रूप से दुबई में रह रही आनंदपाल की बड़ी बेटी चीनू का कहना है कि उनके पिता का अंतिम संस्कार जबरन किया गया है और उनकी मां, दादी, बहन योगिता, भाई व बुआ को पुलिस ने धक्का देकर मारपीट कर कमरे में बंदकर शव जबरन ले गए। एक मिनट 56 सैकण्ड के ऑडियो में आवाज को कथित रूप से चीनू की बताया जा रहा है। 



बाल-बाल बचे थे नागौर एसपी व प्रशिक्षु आईपीएस

ऑडियो में चीनू कहती है ‘अंतिम संस्कार को लेकर परिवार की सहमति नहीं ली गई। परिवार में मैं भी पापा की बेटी हूं, मेरी सहमति नहीं है, भाई, बहन की सहमति नहीं है तो किसकी सहमति से अंतिम संस्कार किया गया है।’ बिल्कुल पापा के शव को जबरदस्ती लेकर गए। रात को अंतिम संस्कार करने का कौनसा समय होता है। ये लोग रात में अंतिम संस्कार करने लेकर गए। सूरज डूबने के बाद अंतिम संस्कार कर रहे हैं। 



चीनू कहती है कि शव के अंतिम संस्कार में परिवार के लोग शामिल नहीं हुए। जो भी शामिल हो रहे हैं उनको पुलिस जबरदस्ती शामिल कर रही है। दबाव बनाकर व ट्रॉचर करके अंतिम संस्कार में शामिल किया जा रहा है। ऑडियो में भावुक हुई चीनू कहती है कि क्या यह न्याय है, यह मानवाधिकार है, एक बेटी को उसके पापा के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने का भी हक नहीं दिया गया सरकार की तरफ से।  



अभिनेता जॉन अब्राहम ने कहा परमाणु परीक्षण से भारत को मिली विश्व शक्ति के रूप में पहचान

पोकरण। मशहूर अभिनेता जॉन अब्राहम ने कहा कि भारत को विश्व शक्ति केरूप में पहचान दिलाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी की ओर से 11 व 13 मई 1998  को पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में सिलसिलेवार पांच परमाणु परीक्षण किए गए। जिससे भारत ने अपनी शक्ति का लोहा पूरे विश्व में मनवाया। जिस पर आज प्रत्येक भारतवासी को गर्व है। उन्होंने शुक्रवार को सुबह पोकरण के बालागढ फोर्ट में जोधपुर के लिए रवाना होने से पूर्व पत्रिका से विशेष बातचीत की। उन्होंने कहा कि परमाणु परीक्षण होना हर्ष का विषय है, लेकिन आज की युवापीढी को इस बारे में जानकारी नहीं है।उन्होंने बताया कि परमाणु परीक्षण को लेकर सरकार, वैज्ञानिकों को खासी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसी की जानकारी के लिए अभिषेक शर्मा के निर्देशन में परमाणु : द स्टोरी ऑफ पोकरण फिल्म बनाई जा रही है। जिससे युवाओं को परमाणु परीक्षण की जानकारी होगी।



पोकरण में हुआ था महत्वपूर्ण परीक्षण

जॉन ने कहा कि परमाणु परीक्षण के लिए पोकरण की धरती को चुना गया, जो यहां के लोगों के लिए हर्ष व गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इसी परमाणु परीक्षण के कारण आज हिन्दुस्तान की विश्व के शक्तिशाली देशों में गिनती होती है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें राजस्थान की संस्कृति से लगाव है। चूंकि इस फिल्म की कहानी पोकरण से संबंधित है। इसी कारण शूटिंग के अधिकांश दृश्य पोकरण में फिल्माए गए है।



8 दिसम्बर को होगी रिलीज

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है तथा दो दिन पूर्व इसका ट्रेलर भी लोंच किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पूरी फिल्म आठ दिसम्बर को रिलीज कर दी जाएगी। उन्होंने जैसलमेर जिले की संस्कृति की तारीफ करते हुए कहा कि यहां की संस्कृति की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है। उन्होंने फिर कभी मौका मिलने पर यहां आने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यहां शूटिंग करके उन्हें अच्छा लगा। उन्होंने शूटिंग के दौरान प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले लोगों व पोकरणवासियों के सहयोग, व्यवहार की सराहना करते हुए उनका आभार जताया। 



दाल-बाटी-चूरमा पर लगा जीएसटी का ग्रहण

अश्विनी भदौरिया / जयपुर।  सावन शुरू होने के साथ ही गुलाबी नगर में सामूहिक गोठ का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस बार गोठ में बनने वाले दाल-बाटी-चूरमा पर टैक्स का ग्रहण लग गया है। इससे इस बार गोठ करने वालों को पांच से 10 फीसदी का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। हालांकि जीएसटी का असर ब्रांडेड और पैक्ड आइटम पर ही है।



मैन्यू किया सीमित

शहर के प्रमुख हलवाइयों का कहना है कि गोठ में बनने वाले पकवानों की संख्या में कमी आई है। पिछले साल लोग तीन से चार तरह से चूरमा, दो से तीन सब्जियां और बाटी के अलावा पूड़ी भी बनवा रहे थे। जबकि इस बार चूरमा और सब्जियों में लोग कटौती कर रहे हैं। 



किस पर कितना बढ़ा

ब्रांडेड आटा, चने की दाल, बेसन, पापड़, चावल पर पांच फीसदी टैक्स है। वहीं ब्रांडेड घी पर 5.50 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा पैक्ड पानी की बोतल पर 15 से 18 फीसदी टैक्स कर दिया है। सूखे मेवे पर भी 12 फीसदी टैक्स है।

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