नगरोटा हमले पर सरकार गंभीर, अगले कदम के लिए कुछ विशिष्ट सूचनाओं का इंतजार: MEA

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नगरोटा हमले पर सरकार गंभीर, अगले कदम के लिए कुछ विशिष्ट सूचनाओं का इंतजार: MEA

भारत-पाकिस्तान संबंधों में सामान्य स्थिति के रूप में कभी स्वीकार नहीं कर सकता। भारत ने यह संकेत भी दिए कि वह जम्मू के पास नगरोटा में सैन्य बेस पर हुए आतंकवादी हमले के जवाब में कठोर कार्रवाई करेगा।

 हॉर्ट ऑफ एशिया सम्मेलन के ठीक पहले भारत ने पाकिस्तान को कठोर संदेश देते हुए गुरुवार को कहा कि वह सीमा पार आतंकवाद को भारत-पाकिस्तान संबंधों में सामान्य स्थिति के रूप में कभी स्वीकार नहीं कर सकता। भारत ने यह संकेत भी दिए कि वह जम्मू के पास नगरोटा में सैन्य बेस पर हुए आतंकवादी हमले के जवाब में कठोर कार्रवाई करेगा। 



विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने यहां नियमित ब्रीफिंग में एक सवाल के जवाब में स्पष्ट किया कि हॉर्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में भाग लेने आ रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज की भारतीय समकक्ष से द्विपक्षीय मुलाकात के बारे में पाकिस्तान की ओर से कोई अनुरोध अब तक नहीं प्राप्त हुआ है। 



नगरोटा हमले पर सरकार गंभीर

नगरोटा में सैन्य बेस पर हुए हमले के बारे में उन्होंने कहा कि इस हमले के बारे में हम कुछ विशिष्ट सूचनाओं का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद अगले कदम के बारे में फैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस घटना को बहुत ही गंभीरता से लिया है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी समझा जाएगा, किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है जिसका सीमापार आतंकवाद का लंबा रिकॉर्ड है और जो आतंकवाद को शासन की एक नीति मानता है। 



आतंकवाद को निरंतर प्रायोजित कर रहा है पाकिस्तान

उन्होंने कहा कि संसद पर हमला, कालूचक का जनसंहार, 2005 में दिल्ली में हुए बम धमाके, 2008 में रामपुर में सीआरपीएफ शिविर पर हमला, मुंबई आतंकवादी हमला, इस साल पठानकोट हमला और उरी के सैन्य शिविर पर हमला, ये सब प्रमाण हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद को निरंतर प्रायोजित कर रहा है और नगरोटा हमला इसका ताजा उदाहरण है। ये कोई एक सप्ताह या एक माह का मामला नहीं है। इस चुनौती का हमें बहुत वर्षों से सामना करना पड़ रहा है। 



उरी हमले की संयुक्त जांच के प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर स्वरूप ने कहा कि अगर पाकिस्तान जरा भी गंभीर है तो मुंबई हमले के दोषियों पर कार्रवाई करें। आतंकवादियों के अंगुलियों के निशान और डीएनए का अपने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड से मिलान करे और उन्हें सजा दे। पठानकोट हमले की जांच को अंजाम तक पहुंचाए। 



भारत हमेशा से बातचीत के लिए तैयार

भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित द्वारा भारतीय पक्ष से बिना शर्त बातचीत की पेशकश किए जाने और भारत पर बातचीत के लिए शर्त थोपे जाने के आरोप पर स्वरूप ने कहा कि भारत हमेशा से बातचीत के लिए तैयार रहा है लेकिन स्वाभाविक रूप से लगातार आतंकवादी हमलों के साये में बातचीत नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि भारत लगातार जारी आतंकवाद को द्विपक्षीय संबंधों में सामान्य स्थिति के रूप में कभी स्वीकार नहीं करेगा। 

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