राजस्थान पुलिस में ADG V/S ADG, सर्विस के दौरान संपत्ति मामले पर भिड़े दो अफसर, महकमें में हड़कंप!

Jaipur, Rajasthan, India
राजस्थान पुलिस में ADG V/S ADG, सर्विस के दौरान संपत्ति मामले पर भिड़े दो अफसर, महकमें में हड़कंप!

एडीजी इंदू भूषण के पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को आईपीएस अफसरों के एक कार्यक्रम में फिर विवादित बोल सामने आए।

एडीजी इंदू भूषण के पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को आईपीएस अफसरों के एक कार्यक्रम में फिर विवादित बोल सामने आए। पुलिस की उपलब्धियां सोशल मीडिया पर बताने को लेकर जुटे अफसरों के बीच उन्होंने अफसरों की सम्पत्ति पर टिप्पणी की और एक एडीजी पर आरोप भी लगा दिया। इससे वहां अफसर आपस में उलझ गए। 




भूषण ने कहा कि जब आईपीएस लगते हैं तो उनकी सम्पत्ति जीरो होती है, वही तीन साल बाद तीन पेज की हो जाती है। सोशल मीडिया पर पुलिस की उपलब्धि की क्या जरूरत है, जबकि पुलिस में भ्रष्टाचार भरा है। अधिकारी दिल्ली की एक कम्पनी के सोशल मीडिया पर डेमो कार्यक्रम में जुटे थे।




साधा निशाना, एडीजी ने भी दिया जवाब

उन्होंने वहां मौजूदएशाना साधते हुए कहा कि उनके पास भी जयपुर, लखनऊ और नोएडा में प्लाट हैं। कहां से आई यह सम्पत्ति? तभी एडीजी पीके सिंह ने कहा कि उनके पास जो भी सम्पत्ति है, उसके पूरे दस्तावेज उनके पास हैं। सम्पत्ति उनकी ईमानदारी की कमाई से अर्जित की गई है।




क्या वे मुझे बेचेंगे अपना प्लॉट

एडीजी इंदू भूषण ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि राजस्थान पुलिस आंकड़े कम करने के लिए मामले दबा रही है। केरल और दिल्ली में आंकड़े बढ़ रहे हैं, राजस्थान में कम कैसे हो रहे हैं। राजस्थान पुलिस मामले दर्ज नहीं करती। थानेदार जांच के नाम पर महिला की अस्मत मांगता है तो कोई रिश्वत। मीडिया पुलिस की बुराई दिखाती है तो अच्छाई भी बताती है। फिर सोशल मीडिया पर पुलिस का क्या प्रजेन्टेशन देना, इसकी जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पीके सिंह का वैशाली नगर वाले प्लॉट की कीमत 50 लाख रुपए लगा रखी है, आज उसकी कीमत 50 लाख है, यह कीमत है तो क्या वे उक्त प्लॉट को मुझे बेचेंगे।




1994 में लिया था, मुझे बेचना नहीं

एडीजी पीके सिंह ने कहा कि बैठक में कंपनी का डेमो खत्म होने के बाद सबसे पहले इंदू भूषण ने कहा कि वे कुछ कहना चाहते हैं। तब उन्होंने सोशल मीडिया की जरूरत नहीं बताई। लेकिन इसका सबने विरोध किया। पुलिस की अच्छाइयां भी सामने जानी चाहिए। सभी भ्रष्ट नहीं होते हैं। वैशाली नगर वाला प्लॉट 1994 में खरीदा था, तब उसकी कीमत लगाई थी। मुझे वहां और कोई प्लॉट लेना नहीं, ना ही किसी को यह प्लॉट बेचना है। भविष्य में भी प्लॉट मेरे पास ही रहेगा। बार-बार मेरे प्लाट की कीमत किसी से क्यों लगवाऊं।





दोनों अधिकारी रहे हैं विवादित

एडीजी इंदू भूषण और आईपीएस पंकज चौधरी विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं। इंदू भूषण के खिलाफ कई विवादित मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले हैदराबाद पुलिस अकादमी में मिड कॅरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम में तेलंगाना और आन्ध्रा के राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन से बहस करने पर उन्हें बीच कार्यक्रम में से एडीजी इंदूभूषण को जयपुर भेज दिया गया था। इसी तरह आईपीएस पंकज चौधरी पूर्व में भी अपने अधिकारियों के खिलाफ बयानबाजी कर चुके हैं।

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