Anand Pal Encounter: 18 दिन बाद भी अंत्येष्टि नहीं, गृहमंत्री बोले- सीबीआई जांच करवानी है तो कोर्ट जाएं

Jaipur, Rajasthan, India
Anand Pal Encounter: 18 दिन बाद भी अंत्येष्टि नहीं, गृहमंत्री बोले- सीबीआई जांच करवानी है तो कोर्ट जाएं

राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा- गृहमंत्री यह कहकर लाचारी जताते हैं कि उन्हीं के विभाग, पुलिस द्वारा किए गए एन्काउंटर की जानकारी उन्हें नहीं थी। अब यदि प्रदेश के अन्य गाँवों में भड़कती है तो, इन सब के लिए सरकार पूर्णतया जि़म्मेदार होगी...

गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर के 18 दिन बाद भी अंतिम संस्कार न हो पाने से सरकार एवं पुलिस पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। वहीं, राजपूत समाज और आनंदपाल के समर्थकों की नाराजगी के बाद मचे बवाल में सांवराद में एक व्यक्ति की जान चली गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए..



सीबीआई जांच करवानी है तो कोर्ट जाएं: कटारिया

आनंदपाल समर्थकों कहना है कि राजस्थान सरकार ने आनंदपाल एन्काउंटर की सीबीआई जांच प्रकरण को लेकर जो ग़ैर जि़म्मेदाराना रवैया अपनाया है। उसी का नतीजा है कि सांवराद में एक व्यक्ति की जान चली गई और 30 लोग घायल हो गए। सरकार को आंदोलनकारियों से पहले ही अविलम्ब वार्ता कर इसका हल निकालना चाहिए था, तो आज यह परिस्थिति नहीं बनती।



वहीं, राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा- आनंदपाल के शव को रखे हुए 18 दिन हो गये, जो कि मानवीय दृष्टिकोण से उचित नहीं है। किन परिस्थितियों में किस प्रकार एन्काउंटर हुआ, यदि इसको लेकर परिवारजनों एवं समाज को संदेह है, ओर वो इस की सीबीआई जाँच चाहते हैं तो राज्य सरकार को इसकी जाँच सीबीआई को देने में आनाकानी नहीं करनी चाहिए। पता नहीं सरकार क्यों सीबीआई जाँच कराने में डर रही है। इससे सच्चाई ही सामने आयेगी।



दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार के गृहमंत्री यह कहकर लाचारी जताते हैं कि उन्हीं के विभाग, पुलिस द्वारा किए गए एन्काउंटर की जानकारी उन्हें नहीं थी, एनकाउंटर की घटना होने के 2 घंटे बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें जानकारी दी। सरकार द्वारा सीबीआई जाँच नहीं कराने से एन्काउंटर व सरकार दोनों हि संदेह के घेरे में आते हैं। सरकार के इस रवैये से पूरे प्रदेश में क़ानून व्यवस्था बिगड़ रही है, 5 जिलों में मोबाइल व इन्टरनेट सेवा बंद कर दी गई है, जिस से आम जन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



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सरकार के इस रव्वये से भविष्य में यदि यह आन्दोलन की आग प्रदेश के अन्य गाँवों में भड़कती है तो, इन सब के लिए सरकार पूर्णतया जि़म्मेदार होगी। भविष्य में ऐसी कोइ अप्रिय घटना ना हो उसके लिए सरकार को तुरंत प्रभाव से फ़ैसला लेना चाहिये। वहीं, कटारिया ने जवाब में कहा सीबीआई जांच करवानी है तो कोर्ट जाएं। सरकार सही है।''



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