कान पर लगातार फोन रखकर बात करना खतरनाक है, खुजली होने पर सींक डालकर मैल न निकालें: जयपुर में बोले विदेशी डॉक्टर

vijay ram

Publish: Mar, 18 2017 08:47:00 (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
कान पर लगातार फोन रखकर बात करना खतरनाक है, खुजली होने पर सींक डालकर मैल न निकालें: जयपुर में बोले विदेशी डॉक्टर

एन्डोस्कोपी में कान के अंदर का 360 डिग्री का व्यू आ जाता है जिससे कान के अंदर चारों तरफ आसानी से देख कर इलाज किया जा सकता है। तो ये करें....

कान पर लगातार फोन रखकर बात करना और खुजली होने पर सींक डालकर मैल निकालना कान के परदे की सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है। राजधानी में चल रही श्रवण रोग विशेषज्ञों की कॉन्फ्रेंस ऑटोराइड 2017 में देश-विदेश से आए डॉक्टर्स ने यह कहा है।



विदेशी डॉक्टरों ने युवाओं और कामकाजी लोगों में बढ़ रही इस प्रवृत्ति पर चिंता जताई है। पदमश्री डॉ.मोहन कामेश्वरन ने कहा कि आज सभी उम्र के लोग मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे हैं। कान पर फोन लगाए रखना या ब्लूटूथ का उपयोग करने से कान में सूनापन, सांय सांय की आवाज आने लगती है।



मोबाइल तरंगे पहुंचाती हैं नुकसान

मोबाइल से निकलने वाली तरंगे कान के परदे को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे बचने के लिए ईयरफोन काम में लिया जा सकता है। कॉन्फ्रेंस के मुख्य संयोजक डॉ. ऋषभ जैन ने बताया कि कान की बीमारियों के इलाज के लिए अब एंडोस्कोपी (दूरबीन तकनीक) का उपयोग किया जाने लगा है, जिससे अब कान के पीछे चीरा लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।



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चीरा लगाने से पहले संक्रमण का खतरा रहता था। एंडोस्कोपी से बीमारी की जड़ तक पहुंचना आसान हो गया है। एन्डोस्कोपी में कान के अंदर का 360 डिग्री का व्यू आ जाता है जिससे कान के अंदर चारों तरफ आसानी से देख कर इलाज किया जा सकता है। कॉन्फेंस के चेयरमैन डॉ. तरुण ओझा ने बताया कि कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य लोगों में कान की बीमारियों के प्रति जागरूकता पैदा करना है।

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