राजस्थान में किसानों का महापड़ाव शुरू, सभी जिला मुख्यालयों पर अपनी इन मांगों को लेकर सरकार के सामने खड़े हैं

Jaipur, Rajasthan, India
राजस्थान में किसानों का महापड़ाव शुरू, सभी जिला मुख्यालयों पर अपनी इन मांगों को लेकर सरकार के सामने खड़े हैं

लाखों किसानों के आंदोलन की चेतावनी के बाद देश के सबसे बड़े राज्य में एक लाख से अधिक कारोबारी प्रतिष्ठान बंद हैं। जीएसटी में कपड़े पर 5 प्रतिशत कर लगाने के विरोध में भी राजस्वकर्मियों की हड़ताल जारी...

समर्थन मूल्यों पर फसलों की खरीद नहीं होने और किसानों के प्रति सरकार की बेरुखी को लेकर प्रदेशभर के किसानों ने गुरूवार से सभी जिला मुख्यालयों पर एकसाथ महापड़ाव शुरू कर दिया है।



राजधानी जयपुर में वीटी रोड पर किसान महापड़ाव डाल रहे हैं। किसानों के आंदोलन को देखते हुए जिलों में पुलिस और प्रशासन को मुस्तैद किया गया है।



कपड़ा संघ का बंद

जीएसटी में कपड़े पर 5 प्रतिशत कर लगाने के विरोध में आज राजस्थान कपड़ा एवं साड़ी व्यवसाय संघ ने एक दिवसीय बंद का आह्वान किया है। इस दौरान प्रदेशभर के एक लाख से अधिक कारोबारी प्रतिष्ठान बंद हैं। इससे लगभग 80 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित होने की आशंका है।


किसानों का महापड़ाव

जयपुर में व्यापारी जौहरी बाजार से रामलीला मैदान तक रैली निकालकर प्रदर्शन करेंगे। कपड़ा व्यापारी कपड़े पर जीएसटी लगाने का विरोध कर रहे हैं। संघ अध्यक्ष ओमप्रकाश तनेजा ने बताया कि पिछले 70 साल से देश में कपड़ा और अनाज कर मुक्त रहे हैं।



राजस्वकर्मियों की हड़ताल जारी

वहीं राजस्थान राजस्व सेवा परिषद के आह्वान पर प्रदेशभर के राजस्वकर्मी अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। कल राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव से राजस्वकर्मियों के नेताओं की वार्ता हुई लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण वार्ता विफल हो गई। राजस्वकर्मियों के अवकाश के दूसरे दिन भी राजस्व लोक अदालत, शहरी क्षेत्रों में पट्टा वितरण कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है।



Read: देश के सबसे बड़े राज्य में 15 जून से 8 जगहों पर महापड़ाव करेंगे किसान, 825 तहसीलों की बनी एकराय

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned