Exclusive: अब यहां कपड़ा कंपनी के नाम पर शुरू हुई फर्जीवाड़े की चेन, ज्वाइनिंग के ₹43 हजार ले रही है, न कोई पर्ची न कोई रसीद

Jaipur, Rajasthan, India
Exclusive: अब यहां कपड़ा कंपनी के नाम पर शुरू हुई फर्जीवाड़े की चेन, ज्वाइनिंग के ₹43 हजार ले रही है, न कोई पर्ची न कोई रसीद

राजस्थान में एक पंजाबी कंपनी के फर्जीवाड़े का सच: तेजी से बेरोजगारों को अपने गिरफ्त में ले रहे हैं, जिनकी कार्यप्रणाली ही शक के दायरे में खड़ा कर देती है। स्टोरी पढ़ भौचक्के रह जाएंगे आप....

राजस्थान में फर्जीवाड़े की चैन किसी भी डेवलपर्स व उद्योग के क्षेत्र में हो सकती हैं। जैसे, अगर कोई आपको चैन सिस्टम से कपड़ा बेचकर पैसे कमाने का तरीका बताए तो थोड़ा सावधान हो जाइए। राजधानी सहित पूरे प्रदेश में यह फर्जीवाड़ा चल रहा है....



पहले पैसे लेती है, साक्ष्य कुछ देती नहीं है

पहले कंपनी ट्रेनिंग देने के नाम पर 1000 रुपए शुल्क वसूल रही है तो कंपनी में ज्वाइनिंग शुल्क के रूप में 8200 व 43 हजार रुपए ले रही है। वह भी नकद ले रही है। न कोई रसीद न कोई पर्ची। ट्रेनिंग के बाद पैसे तुरंत जमा कराने होते हैं। एक दिन का ाी समय नहीं दे रही है। जिसका पैसा जमा उसकी ज्वाइनिंग नहीं तो बाहर। यह कार्यप्रणाली कंपनी को शक के घेरे में खड़ा करती है।



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सोशल नेटवर्किंग साइट पर लाइक कर पैसा कमाने का फर्जीवाड़ा अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि नए तरीके से हो रहे फर्जीवाड़े ने सैंकड़ो युवकों को अपनी गिरफत में ले लिया है। इसमें तेजी से बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक शामिल हो रहे हैं। गौरतलब है कि रेलवे, कृषि कॉल सेंटर सहित अन्य चैन सिस्टम के नाम पर पहले ाी युवाओं को बड़े पैमाने पर ठगा जा चुका है। 2013 में तो कृषि कॉल सेंटर के नाम पर तो शेखावाटी की गैंग ने तो सैंकड़ों युवकों को बुलाकर फर्जी परीक्षा कराने की ाी तैयारी का थी।



पंजाब की है कंपनी
जयपुर में तेजी से बेरोजगारों को अपने गिरफ्त में ले रही यह कंपनी पंजाब की बताई जा रही है। इसमें अब तक करीब 500 लोगों को जोड़ा जा चुका है। फिलहाल अ ाी परचेजिंग और चैन बनाने का सिस्टम ही चल रहा है। बड़ी बात यह है कि यह चार दिनों की टे्रनिंग में आने वाले हर युवक इसमें आरओसी नंबर, टिन नंर, सिम नंबर, पैन नंबर, एफ फार्म का नंबर दि ााती है और इंटरव्यू में सिर्फ इन्हीं नंबरों को पूछा जाता है।



43 हजार रुपए की पैंट-शर्ट

ट्रेनिंग के बाद युवकों को पास करके उनसे 43 हजार रुपए और 8200 रुपए कैश में मांगे जाते हैं। इसके बाद वहां बैठा युवक एक पैंट-शर्ट, कोड देता है और 43 हजार रुपए की ारीददारी करनी होती है। इसमें मैट्रिक्स चैन सिस्टम है। पांच लोगों को पार्टनर बनाकर एक से तीन ला ा रुपए कमाने का लालच दिया जाता है। इसमें दो रैंकिंग सिस्टम काम करते हैं 20 और 29। 20 रैंक पर आपको 8200 रुपए का फायदा होता है और 29 रैंक पर जोडऩे पर 11000 रुपए का।



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दस चरण में लूट जाते हैं लोग
ट्रेनिंग के दस चैप्टर हैं। पहला टारगेट-इसमें बड़े सपने तय कराए जाते हैं। टयूरिंग-इसमें घूमने और घुमाने का तरीका बताते हैं। एबीपी सिटिंग-बैठने-बिठाने का तरीका। 5 मिनट चिटचैट-अंजान व्यक्ति से मित्रता। नाम सूची-इसमें लिस्ट बनाओ। टीअप-तरीफ करने का तरीका। इंफार्मेशन एक्सचेंज एंड इन्वीटेशन कॉल-कंपनी के बारे में बताकर लोगों को आकर्षित करने का तरीका बातते हैं। सीनियर एडवाइजर-बिजनेस और जॉब का डिफरेंस बताया जाता है। 3वाई शेयरिंग -इसमें सवाल पूछे जाते है। कैलकुलेशन-रैङ्क्षकग सिस्टम में कितना फायदा और कैसे यह बताते हैं।



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