कृष्ण धुन ने जहां बिखेरी 'वृंदावन' सी महक, मगर निगम नहीं चाहता कि गायें खाएं-पीएं व स्वस्थ रहें -जानिये क्यों ?

Jaipur, Rajasthan, India
कृष्ण धुन ने जहां बिखेरी 'वृंदावन' सी महक, मगर निगम नहीं चाहता कि गायें खाएं-पीएं व स्वस्थ रहें -जानिये क्यों ?

हजारों गायों की मौत से हुई किरकिरी के बाद गौशाला की कमान अक्षयपात्र को सौंपी थी। तब से सफाई और देखभाल से गायों की संख्या 25 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। मृत्युदर 50 प्रतिशत घटी है।

गोविंद.. गोपाल.. मधुसूधन.. मुरारी.. मनमोहन..। ये उन सेवकों के नाम हैं जो हिंगोनिया गौशाला में गायों की देखभाल कर रहे हैं। चहुंओर लगे माइक पर 'हरे रामा, हरे कृष्णा' की धुन सुनाई देती है। कृष्ण नाम की इस धुन-पुकार ने काल के गाल में समाती गायों को न सिर्फ मौत के बाड़ों से उबारा, उन्हें नई ऊर्जा भी दी है। 




गौशाला में गायें अब स्वस्थ-मस्त हैं, निगम ने ढर्रा अब तक नहीं सुधारा। समय पर भुगतान की बजाय 4 करोड़ पर कुंडली मारे बैठा है। 

श्यामवीर सिंह जादौन,एमएल शर्मा





हजारों गायों की मौत से हुई किरकिरी के बाद गौशाला की कमान अक्षयपात्र को सौंपी थी। तब से सफाई और देखभाल से गायों की संख्या 25 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। मृत्युदर 50 प्रतिशत घटी है। प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन 563 लीटर तक पहुंच गया है।




निगम बकाया 4 करोड़ के भुगतान से कन्नी काट रहा है। एमओयू के बावजूद गायों की प्रतिदिन खुराक के तय 75 रुपए का भुगतान नहीं कर रहा। गायें बढऩे से हरे-सूखे चारे की मांग बढ़ रही है। 



पहले भी हाईकोर्ट की फटकार के बाद निगम ने 3 माह के बकाया 4 करोड़ का भुगतान अक्षयपात्र को किया था।




दुग्ध उत्पादन...(लीटर प्रतिदिन)

अक्टूबर 2016 - 176 ,नवंबर 2016 -217,दिसंबर 2016 -270,जनवरी 2017-385 और फरवरी 2017-563 ।



गायों की संख्या...

9,264, 9,158, 9,443, 11,557, 13,317


घटी मृत्युदर ...

14.04 %, 14.10%, 10.39%,  8.40%, 6.30%




यह है करार...

निगम ने करार किया था कि अक्षयपात्र को प्रति गाय 70 और प्रति बछड़ा 35 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान होगा। वहीं, गौशाला के विस्तार व वार्डों के निर्माण के लिए अलग से बजट देना है। 




अक्टूबर 2016 में अक्षयपात्र ने गौशाला संभाली तब निगम ने 75 लाख का भुगतान किया। 





यूं सुधरे हालात...

गौशाला में गायों की देखरेख योजनाबद्ध ढंग से की जा रही है। वार्ड प्रभारी और सुपरवाइजरों को 30 वॉकी-टॉकी दिए गए हैं। गायों के लिए सूखे चारे में मशीनों के जरिए पशु आहार मिलाया जाता है। वार्डों की साफ-सफाई, टिन शेड सहित अन्य व्यवस्थाएं पुख्ता की गई हैं। 




...नहीं तो यह असर 

बकाया भुगतान नहीं हुआ तो पशु आहार की खरीद रुक सकती है। मजदूरों का भुगतान रुकने से गायों की देखरेख और हरे-सूखे चारे की खरीद रुकी तो गायों का स्वास्थ्य गड़बड़ाने की आशंका। 




आईसीयू में भर्ती गायों के उपचार से जुड़ी दवाओं का भी टोटा होने लगेगा। लू से बचाव के इंतजाम में परेशानी आ सकती है। 




13 हजार गायें...

गौशाला में गत माह तक 13317 गाय थीं। हर माह गौशाला में गायों की संख्या बढ़ रही है। पहले 9000 गायों पर ही 45 से 50 गायों की रोजाना मौत हो रही थी 



लेकिन अब 13317 हैं लेकिन मौत का आंकड़ा घटकर 25 पर आ गया है। अभी हो रही मौतों का बड़ा कारण बाहर से आने वाली घायल-अचेत गायें हैं। 





नगर निगम में 3.90 करोड़ के बकाया भुगतान के दस्तावेज जमा कराए हैं लेकिन भुगतान नहीं मिल रहा। बजट के अभाव में निर्माण कार्य बंद होने की स्थिति में हैं। 

राधाप्रियदास, प्रभारी, हिंगोनिया गौशाला, अक्षयपात्र फाउंडेशन 



अक्षयपात्र को 382 बीघा जमीन देने की कारवाई चल रही है। बकाया भुगतान को लेकर भी काम हो रहा है। 

शिवभगवान गठाला, डीसी, गौशाला 





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