कुदरत के मजाक को दिखाया ठेंगा, प्रतिभा दिखाई तो कॉलेज ने एडमिशन से कर दिया मना

khushal bhati

Publish: Jul, 12 2017 07:57:00 (IST)

Jalore, Rajasthan, India
कुदरत के मजाक को दिखाया ठेंगा, प्रतिभा दिखाई तो कॉलेज ने एडमिशन से कर दिया मना

प्रशिक्षण संस्थान की हठधर्मिता इस बेटी के भविष्य निर्माण में रोड़ा बन रही है।


मेंगलवा.  कुदरत ने इस बेटी के साथ मजाक जरूर किया है। लेकिन अपनी प्रतिभा के बलभर इस बेटी ने न केवल बारहवीं प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की, बल्कि इस सत्र में उसका बीएसटीसी में भी चयन हो गया है। लेकिन प्रशिक्षण संस्थान की हठधर्मिता इस बेटी के भविष्य निर्माण में रोड़ा बन रही है। हम बात कर रहे है निकटवर्ती तिलोड़ा में अपने ननिहाल में रहकर अध्ययन करने वाली दिव्यांग  बालिका रूपाकुमारी के बारे में।  बाल्यावस्था में दोनों कलाइयों को खोने के बाद भी इस बालिका ने हताशा  को अपने पास फटकने नहीं दिया।  इसने दोनों हाथों के बीच में पेन पकडक़र अपनी पढ़ाई जारी रखी। अपनी प्रतिभा के बल पर वह हर कक्षा में बेहतर प्रदर्शन करती गई। वहीं इसने बारहवीं कक्षा भी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की।  शिक्षा के अगले पड़ाव में इस होनहार बेटी ने  बीएसटीसी करके शिक्षिका बनने के लिए कमर कसी।  कहते है कि कोशिश  करने वालों की हार नहीं होती  है। इसे  सार्थक करते हुए इस बालिका ने बीएसटीसी भी अच्छे अंको से उत्तीर्ण कर ली।  अत्यंत गरीब व बीपीएल  वर्ग की  बेटी ने हजारोंं रुपए उधार लेकर  श्रीमती चंद्रावल गुप्ता शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय आबूरोड के लिए फीस भरी।  खुशी के साथ यह बालिका शिक्षिका बनने का सपना संजोकर  कॉलेज पहुची। लेकिन कॉलेज प्रशासन ने कलाइयां नहीं होने का हवाला देते हुए इस बालिका प्रवेश देने से मना कर दिया।  ऐसे में इस बालिका ने अब राजस्थान के विशेष योग्यजन आयुक्त धन्नाराम पुरोहित से इस मामले में पैरवी करने की मांग की है।
इनका कहना...
रूपाकुमारी के दोनों हाथ है। कलाइयां नहीं है, लेकिन वह चॉक और पेन पकडक़र लिख सकती है। इस बारे में मैंने  चंद्रावल गुप्ता शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय आबूरोड के प्रबंधन को इस बालिका  को प्रशिक्षण के लिए प्रवेश देने के निर्देश दिए है।
-धन्नाराम पुरोहित, विशेष योग्यजन आयुक्त, जयपुर


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