एनएच-325 बनेगा जोधपुर संभाग का सबसे लंबा सीमेंटेड हाइवे

pradeep beedawat

Publish: Mar, 19 2017 10:36:00 (IST)

Jalore, Rajasthan, India
एनएच-325 बनेगा जोधपुर संभाग का सबसे लंबा सीमेंटेड हाइवे

जालोर. जालोर, बाड़मेर और सिरोही जिले के लिए महत्वपूर्ण नेशनल हाइवे-325 सीमेंटेड हाइवे बनेगा।


- 4 पैकेज में बंटा है नेशनल हाइवे-325
- 136.4 किमी है यह नेशनल हाइवे
- 46 किमी बाइपास भी है इस हाइवे पर
- 2 पैकेज पर मिल चुकी है स्वीकृति
- 4 नंबर पैकेज के तहत हाईवे पर बनने है 5 बाइपास
खुशालसिंह भाटी
जालोर. जालोर, बाड़मेर और सिरोही जिले के लिए महत्वपूर्ण नेशनल हाइवे-325 सीमेंटेड हाइवे बनेगा।
जोधपुर जोन में यह दूसरा नेशनल हाइवे होगा, जो पूरी तरह से सीमेंटेड होगा। अब तक जोधपुर संभाग में केवल जोधपुर में मंडोर रोड से नेतरा तक सीमेंटेड सड़क का निर्माण हुआ है। वह भी मात्र 28 किमी है। इसके अलावा बर से जोधपुर करीब 80 किमी हाइवे भी सीमेंटेड बन रहा है। लेकिन  एनएच-325 अब तक जोधपुर संभाग का सबसे लंबा सीमेंटेड हाईवे होगा।
बालोतरा से जालोर, आहोर सांडेराव को जोडऩे वाले यह 156 किमी (बाइपास समेत)मार्ग पूरी तरह से सीमेंटेड होगा। हालांकि आज तक डामरीकृत नेशनल हाइवे का ही निर्माण हुआ है, लेकिन भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए अब इस मार्ग का निर्माण पूरी तरह से सीमेंटेड होगा। नेशनल हाईवे-325 का प्रोजेक्ट 4 पैकेज के तहत निर्माण होगा। चार पैकेज में से पैकेज 2 और 3 के लिए स्वीकृति जारी हो चुकी है और उसके बाद टेंडर प्रोसेस भी शुरू हो चुका है।
इसलिए सीमेंटेड मार्ग
आमतौर पर नेशनल हाईवे डामरीकृत होता है, लेकिन अब  भविष्य को देखते हुए मार्ग सीमेंटेड बनाए जा रहे है। हालांकि   सीमेंटेड मार्ग डामरीकृत मार्ग से महंगे पड़ते है, लेकिन डामरीकृत मार्ग का मेंटिनेंस महंगा पड़ता है। आमतौर पर डामरीकृत मार्ग का मेंटिनेंस 3 साल में होता है।
बनेंगे टोल प्लाजा
यह मार्ग ईपीएस मोड पर बनेगा। मार्ग पर दो टोल प्लाजा बनने की संभावना है। टोल प्लाजा हाइवे पर निर्धारित 5 बाईपास निर्धारित होने के बाद तय होंगे।
तीन पैकेज में से 2 पर प्रोसेस शुरू
नेशनल हाइवे-325 चार पैकेज के अंतर्गत बनना है। इसमें से पैकेज 2 और तीन के लिए टेंडर प्रोसेस शुरू है, जबकि पैकेज एक के लिए भी अंतिम चरण में प्रक्रिया चल रही है, जबकि पैकेज 4 में नेशनल हाइवे के 5 बाइपास है, जिनके लिए अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
भूमि अवाप्ति के बाद बाइपास
इस नेशनल हाइवे में कुल 5 स्थानों पर बाईपास का निर्माण भी होगा। इसके लिए प्वाइंट निर्धारित हो चुके है, लेकिन अभी तक भूमि अवाप्ति नहीं होने से इस पैकेज के लिए प्रोसेस शुरू नहीं हो पाया है। गौरतलब है एनएच-325 में कुल पांच बाईपास ब्रह्मधाम, मोकलसर, बिशनगगढ़, जालोर, आहोर, में बनेंगे। इस प्रोजेक्ट की कुल दूरी 46.02 किमी है और प्रोजेक्ट कोस्ट 447.51 करोड़ रुपए आंकी गई है।
इन पर प्रोसेस शुरू
एनएच-325 के पैकेज 2 और 3 पर टेंडर प्रोसेस शुरू हो चुका है। पैकेज 2 मोकलसर से जालोर तक है। इसकी लंबाई 24.71 किमी है और प्रोजेक्ट कोस्ट 182.90 करोड़ रुपए है। इसी तरह पैकेज 3 आहोर से सांडेराव है। इसकी लंबाई 34.425 किमी है और प्रोजेक्ट कोस्ट 166.88 करोड़ रुपए है। इन दोनों प्रोजेक्ट को फाइनेंस कमेटी ने स्वीकृति जारी कर दी है। जबकि पैकेज 1 पर भी प्रोसेस चल रहा है। पैकेज 1 सिवाना फांटा से मोकलसर तक है। इसकी लंबाई 31.25 किमी है और प्रोजेक्ट कोस्ट 156.43 किमी है।
तीनों जिलों को फायदा
तीनों ही जिलों में विभिन्न उद्योग धंधे संचालित है। ऐसे में हाईवे बनने से तीनों जिले एक सर्किट के रूप में आपस में जुड़ जाएंगे। वहीं मार्ग अपगेड होने से यहां तक कच्चा माल पहुंचने और यहां से तैयार माल मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी और समय भी कम लगेगा।
सीमेंटेड होगा एनएच
जोधपुर जोन का सबसे लंबा सीमेंटेड एनएच होगा, जो पूरी तरह से सीमेंटेड होगा। आंशिक रूप से सीमेंटेड मार्ग है, लेकिन यह पूरा मार्ग ही सीमेंटेड होगा। मार्ग पर 2 टोल  प्लाजा बनेंगे।
- जेपी सुथार, एक्सईएन, नेशनल हाईवे ऑथोरिटी

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned