इस राह को देखकर डर से रौंगटे खड़े हो जाते है

pradeep beedawat

Publish: Jul, 12 2017 12:34:00 (IST)

Jalore, Rajasthan, India
इस राह को देखकर डर से रौंगटे खड़े हो जाते है

चितलवाना(जालोर). हम बात कर रहे है जालोर जिले के नेहड़ क्षेत्र की। जहां बारिश के दिनों में गांव टापू बन जाते है।

चितलवाना(जालोर). हम बात कर रहे है जालोर जिले के नेहड़ क्षेत्र की। जहां बारिश के दिनों में गांव टापू बन जाते है। पंचायत समिति के ग्राम पंचायत खेजडिय़ाली में पिछले साल आई बाढ़ से सड़कों पर बनी रपट टूटने के एक साल बाद भी ठीक नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। बारिश हो या चाहे नर्मदा के ओवरफ्लो का पानी। हमेशा यहां पानी आते ही यह मार्ग बंद हो जाता है।

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ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल में ग्राम पंचायत के चारों ओर से करीब एक माह तक बाढ़ का पानी भरा होने से सड़क व रपट टूटकर बिखर  गए  थे। इस बार फिर से मानसून आ गया है। लेकिन अभी तक टूटी हुई रपट व पुलिए को ठीक नहीं किया गया है। ऐसे में  ग्रामीणों को   टूटे पुलिए पर हर समय  खतरे  से  गुजरना पड़ता था। वहीं  सड़कें भी टूटकर बिखर गई हैं।
तैरकर पार करना पड़ता है रास्ता
खेजडिय़ाजी ग्राम पंचायत मुख्यालय से जोडऩे वाली सड़कों पर नदी के बहाव में रपट टूटी होने से बारिश या नर्मदा का ओवरफ्लो पानी आने से रास्ता बंद हो जाता है।ग्रामीणों को आवागमन के साधन  नहीं होने पर उन्हें पैदल या पानी में तैरकर दूसरी तरफ जाना पड़ता है।
बारिश में टापू बन जाता खेजडिय़ाली
बारिश में अतिवृष्टि से बाढ़ आते ही खेजडिय़ाली पंचायत मुख्यालय सड़कों पर बने रपट टूटी होने से एक महिने तक टापू   बन जाता हैं। ऐसे में ग्रामीणों को पानी से तैरकर ही पार जाना पड़ता है। गांव के चारों तरफ पानी का भराव होने से वाहनों के आवागमन का रास्ता बंद हो जाता है।
इनका कहना...
खेजडिय़ाली में पिछले साल बाढ़ आने के बाद से टूटी सड़क व रपट को ठीक नहीं किया गया हैं। ऐसे में पानी आते ही रास्ता बंद हो जाता हैं।
-गोमतीदेवी, सरपंच खेजडिय़ाली
बाढ़ से सड़क पर रपट टूटी थी। बजट के अभाव में उसे ठीक नहीं किया हैं। वैसे एक पुलिया तो कुछ ठीक करवाया है।
-मदनलाल कलबी, सहायक अभियन्ता, पीडब्ल्यूडी सांचौर

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