आस्था का सैलाब, पांडाल छोटा पड़ा

Jhalawar, Rajasthan, India
आस्था का सैलाब, पांडाल छोटा पड़ा

संसार में केवल मां ही ऐसी होती है जो संतान लिए कभी नहीं बदलती, किसी भी प्रकार के प्लास्टिक डिस्पोजल का उपयोग नहीं किया जा रहा है, खबर शेयर करना व झालावाड़ पत्रिका फेसबुक पेज लाइक करना न भूले



खानपुर. कस्बे के कृषि उपज मण्डी समिति में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। तुरंत आयोजन समिति द्वारा पांडाल बड़ा करने के बाद भी छोटा पड़ गया। ऐसे में श्रद्धालुओं ने पांडाल के बाहर भी खड़े होकर कथा का श्रवण किया। 

       कथा वाचक राधाकृष्ण महाराज ने मुरली प्रेम की बजाई रे नन्दलाला...,भजनों पर हजारों श्रद्धालु झूम के पांडाल में नाच उठे। उन्होंने कहा कि आज का व्यक्ति अपनी पत्नी की बातों में आकर मां-बाप के २५ वर्षों के त्याग व वात्सल्य को भूल जाता है। 

जबकि हमारे लिए सच्ची प्रार्थना केवल माता-पिता ही कर सकते है। मां के प्रेम व वात्सल्य से पुत्र के अच्छे से अच्छे रोग दूर हो जाते हंै। 

जब तक घर में माता-पिता हैं तब तक हमारी कोई व्यक्तिगत गृहस्थी नहीं होती। बालिका का कन्यादान घर के आंगन में ही करना चाहिए। हमारी पात्रता ऐसी होनी चाहिए कि गुरू भी हमें शिष्य बनाने की आकांक्षा रखे। 

जब कोई बात मन को उलझाने लगे तो सत्संग का ध्यान कर लेना चाहिए। विवेक की कमी से मनुष्य का चरित्र समाप्त हो जाता है। 

संसार में केवल मां ही ऐसी होती है जो संतान लिए कभी नहीं बदलती। घर में रहकर भी भगवान में मन नहीं लगे तो घर भी वनवास के समान है और जंगल में भी मन लगे तो वह स्वर्ग के समान है। 

कथा में रविवार को लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम मित्तल, भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय सह संगठन गजेन्द्र सिंह सहित देश के कई स्थानों से आए उद्योगपति, पूर्व मंत्रियों और पूर्व विधायकों ने भाग लिया। 

एक घण्टे जाम के हालात

कथा के समापन पर हजारों की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं व वाहनों की रेलमपेल से सभी मार्गों पर जाम के हालात बन गए। करीब एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों को वाहनों को निकालने के दौरान पसीने छूट गए। यहां कथा से एक घण्टे पहले ही श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हो जाता है। 

आयोजन समिति द्वारा वाहनों की उच्च माध्यमिक विद्यालय, बारां रोड सहित अन्य स्थानों पर व्यवस्था की है। लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे सब छोटे पड़ रहे हंै। 

देशी घी का प्रसाद वितरण 

आयोजन समिति द्वारा हजारों श्रद्धालुओं को प्रतिदिन देशी से बना अलग-अलग प्रसाद वितरण किया जा रहा है। 

कथा स्थल पर किसी भी प्रकार के प्लास्टिक डिस्पोजल का उपयोग नहीं किया जा रहा है। समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी टॉयलेट, पेयजल, एंबुलेंस सहित सहित सभी व्यवस्थाएं हैं। 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned