नकल कराने के लिए शिक्षकों को ऐसे धमकाते हैं 'मुन्नाभाई'

Jhalawar, Rajasthan, India
नकल कराने के लिए शिक्षकों को ऐसे धमकाते हैं 'मुन्नाभाई'

सरकार ने स्पष्ट आदेश दिया है कि नकल करते हुए छात्र पकड़ा जाए तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए, लेकिन झालावाड़ के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 40 से ज्यादा नकलची पकड़े जाने के बाद भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। नकलचियों के हौसले इतने बढ़ गए कि शिक्षकों को नकल कराने को धमका रहे हैं।

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इन दिनों परीक्षाएं चल रही है लेकिन बाहरी लोग परीक्षा में नकल करवाने के लिए वीक्षकों पर दबाव बना रहे हैं। वहीं नकलची छात्रों पर नकेल कसने में कॉलेज प्रशासन विफल साबित हो रहा है जबकि आयुक्तालय ने नकल के मामलें में थाने में प्रकरण दर्ज कराने तक के निर्देश दे रखे है। साथ ही सीसीटीवी से नजर रखने के निर्देश भी दिए थे लेकिन झालावाड़ राजकीय पीजी महाविद्यालय में एक भी निर्देश की पालना नहीं हो रही है। 



प्रवेश पत्र वालों को परीक्षा के दौरान आने पर भले ही मनाही हो, फिर भी असामाजिक तत्वों की पूरी टोली आती है और बाहर से आने वाले वीक्षकों को डरा-धमका कर अपने दोस्तों के नकल की पूरी व्यवस्था करके जाते हैं। बाहरी वीक्षक यह सब देखकर भी अनदेखा कर लेता है। एक वीक्षक ने जिम्मेदारी समझते हुए एमए समाजशास्त्र के पेपर में नकल के मामले में एक छात्र को टोका तो पूरी गैंग ने वीक्षक को कॉलेज में आकर धमकाया।



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कार्यकाल समाप्त फिर भी चल रही नेतागिरी 

28 फरवरी को छात्रनेताओं के राजनीति करने का कार्यकाल समाप्त हो जाता है। फिर भी महाविद्यालय में आकर परीक्षा कक्षों में जाकर वीक्षकों को धमकाने पर आखिर रोक क्यों नहीं लग पा रही है। इससे विवि परीक्षा की पारदर्शिता तो समाप्त हो ही रही है महाविद्यालय की साख भी धूमिल हो रही है।



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वीक्षकों की जिम्मेदारी तय

 वीक्षक के मोबाइल का उपयोग करने पर रोक लगाई थी। कक्ष के बाहर खड़े नहीं रह सकेंगे और न ही कमरे में बैठेंगे। उन्हें सर्तक रहते हुए कक्ष में घूमते हुए नकल पर नजर रखनी होगी। वहीं सुपरवाइजर पेपर वितरण के बाद स्टाफ रूम में जाकर नहीं बैठेंगे। अपने-अपने कमरों की पूरी निगरानी रखनी होगी। वीक्षक के अतिरिक्त आंतरिक या बाह्य उडऩदस्ता के निरीक्षण के दौरान विद्यार्थी सामूहिक रूप से अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए पकड़े जाते हैं तो  वीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। 



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यह कहा था आयुक्तालय ने

गत दिनों परीक्षा पूर्व जारी आदेश में परीक्षा संचालन में गंभीरता दिखाने के निर्देश दिए  थे। उसमें स्पष्ट किया था कि परीक्षा के दौरान कोई विद्यार्थी नकल करते पकड़ा जाए तो उसके खिलाफ निकवर्ती पुलिस थाने में राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम1982) के तहत एफआईआर दर्ज कराकर रिपोर्ट निदेशालय को भेजने के लिए कहा था। लेकिन  महाविद्यालय में अभी तक करीब 40 मामले नकल के आ चुके है। एक में भी एफआरआई नहीं कर्रवाई गई है।

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