जोधपुर के ये पांच नाले सुधरे तो सुधर जाएंगे हालात: जस्टिस पुष्पेन्द्र सिंह भाटी

Jodhpur, Rajasthan, India
जोधपुर के ये पांच नाले सुधरे तो सुधर जाएंगे हालात: जस्टिस पुष्पेन्द्र सिंह भाटी

राजस्थान उच्च न्यायालय के जस्टिस पुष्पेन्द्र सिंह भाटी का सुझाव, हमने उन पांचों नालों को जगह जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया है। हर प्रमुख संस्था -व्यक्ति द्वारा हर जगह अपनी जमीन बचाने के लालच में उन पांच प्रमुख नालों को बंद कर देने का खामियाजा थोडी बारिश होते ही शहर को भुगतना पड़ता है।

राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने कहा कि जोधपुर में पांच प्राचीन नालों के बंद होने के कारण शहर में जगह-जगह बारिश का पानी भर जाता है । पांच नालों को सुधारा जाए तो बारिश से जमा होने वाले पानी से होने वाली समस्याओं से शहर के लोगों को निजात मिल सकती है। इन्टैक जोधपुर चैप्टर व मेहरानगढ़ म्यूजिय़म ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में मेहरानगढ़ दुर्ग के चौकेलाव महल में रविवार शाम आयोजित 'कन्जर्वेशन ऑफ दी कम्युनिटी एरिया ओरण/चारणोतÓ विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह में जस्टिस भाटी ने कहा कि जोधपुर शहर के पांच प्रमुख नालों को सुधारने के लिए उसके नक्शे उनकी टेबल पर अर्से से धूल फांक रहे हैं । 

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हमने उन पांचों नालों को जगह जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया है। हर प्रमुख संस्था -व्यक्ति द्वारा हर जगह अपनी जमीन बचाने के लालच में उन पांच प्रमुख नालों को बंद कर देने का खामियाजा थोडी बारिश होते ही शहर को भुगतना पड़ता है। केवल हाई कोर्ट से मंडोर तक का नाला ठीक करवा दिया जाए तो शहर को काफी राहत मिल सकती है। सभी पांच नालों का प्रवाह वेग वैज्ञानिक विधि से सीधे जोजरी नदी से जुड़ा है। इसके लिए हमें किसी भी मशीनरी की अतिरिक्त आवश्यकता नहीं है। कानून बने है लेकिन आम नागरिक की सहभागिता की कमी है।

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समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व सांसद गजसिंह ने कहा कि प्राचीन नहरों और कार्य प्रणाली के उचित देख-रेख के अभाव में सुदृढ़ व्यवस्था की दुर्दशा के कारण आमजन को सामान्य एवं बरसात के दिनों में अत्यन्त कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। हम सभी को अपनी प्राकृतिक संपदाओं सुरक्षित रखने के लिए युवाओं को जोडऩा होगा, ताकि वे इसके महत्व को समझ सके। उन्होंने सभी विषय विशेषज्ञों और विद्वानों को दो-दिनों तक इस विषय पर गहन एवं शोधपूर्ण चर्चा के लिए बधाई दी। समापन समारोह में वरिष्ठ निदेशक, प्राकृतिक विरासत विभाग, इन्टैक नई दिल्ली के मनु भटनागर ,कृषि एवं पारिस्थितिकी विकास संस्थान/ओरण फ ॉरम, अलवर के संस्थापक अमनसिंह ने कार्यशाला प्रतिभागियों के द्वारा तैयार ''जोधपुर घोषणा पत्रÓÓ सदन के सामने प्रस्तुत किया।

 इन्टैक जोधपुर चैप्टर के संयोजक डॉ. महेन्द्रसिंह तंवर ने बताया कि राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन रविवार को देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने ओरण संरक्षण के बारे में महत्वपूर्ण सुझाव और जानकारियां दी। समापन समारोह में मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के निदेशक करणीसिंह जसोल सहित शहर के पर्यावरणविद मौजूद थे। 

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