जोधपुर के डॉ. राठौड़ ने लुप्त हो रहे 'सियागोश' का सफल ऑपरेशन कर दिया जीवनदान

Jodhpur, Rajasthan, India
जोधपुर के डॉ. राठौड़ ने लुप्त हो रहे 'सियागोश' का सफल ऑपरेशन कर दिया जीवनदान

लुप्त हो रहे कैट प्रजाति के वन्यजीव प्रदेश अब सिर्फ 28 ही बचे

प्रदेश में तेजी से लुप्त हो रहे केट प्रजाति के संकटग्रस्त दुर्लभ वन्यजीव 'सियागोश' (कैरेकल) की संख्या मात्र 28 रह गई हैं। रणथम्भोर नेशनल पार्क कोर एरिया के एक सूखे कुएं में गंभीर हालत में मिले सियागोश का ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया गया है। जोधपुर के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. श्रवणसिंह राठौड़ सहित जयपुर चिडि़याघर के चिकित्सक डॉ. अरविन्द माथुर व डॉ. जितेन्द्र राजोरिया की टीम ने रविवार को जयपुर में सियागोश का सफल ऑपरेशन किया।


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पूरे देश में पहली बार अनुसूचि प्रथम के घायल वन्यजीव सियागोश की इस तरह सर्जरी की गई। घायल वन्यजीव की एक्सरे जांच में पाया गया कि उसके कूल्हे की हड्डी टूटने के कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया। घायल वन्यजीव की हड्डी जोडऩे के लिए स्टील रॉड लगा कर आर्थोपेडिक सर्जरी की गई।


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वन विभाग की ओर से वर्ष 2015-16 की वन्यजीव गणना रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य में मात्र 28 सियागोश ही बचे हैं। ऑपरेशन सफल होने के बाद सियागोश को जयपुर चिडि़याघर के छोटे पिंजरे में रखा गया है। हालत में सुधार होने के बाद सोमवार से भोजन लेना शुरू कर दिया है।


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चार दिन पहले सूखे कुएं में मिला था


चार दिन पूर्व रणथम्भोर नेशनल पार्क की बालेर रेंज में स्थित एक सूखे कुएं में गंभीर घायल अवस्था में सियागोश को क्षेत्र के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. राजीव गर्ग ने प्राथमिक उपचार के बाद सर्जरी के लिए जयपुर चिडि़याघर पहुंचाया था। रविवार को तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया।


-डॉ. श्रवणसिंह राठौड़, वन्यजीव चिकित्सक, माचिया जैविक उद्यान 

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