खानों में होने वाले विस्फोट के दुष्प्रभाव से बचाएगा एप

Harshwardhan Bhati

Publish: Oct, 26 2016 01:49:00 (IST)

Jodhpur, Rajasthan, India
खानों में होने वाले विस्फोट के दुष्प्रभाव से बचाएगा एप

एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व डीन प्रो. सुशील भण्डारी ने खनन के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए एन्ड्रॉइड मोबाइल के लिए स्मार्ट ब्लास्टिंग एप तैयार किया है, जो अगले सप्ताह गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा।

एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व डीन प्रो. सुशील भण्डारी ने खनन के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए एन्ड्रॉइड मोबाइल के लिए स्मार्ट ब्लास्टिंग एप तैयार किया है, जो अगले सप्ताह गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा।


एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व डीन प्रो. सुशील भण्डारी ने खनन के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए एन्ड्रॉइड मोबाइल के लिए स्मार्ट ब्लास्टिंग एप तैयार किया है, जो अगले सप्ताह गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा। 


ब्लास्टिंग एप के जरिए पहाड़ों और खानों में होने वाले विस्फोट का मापन करके कम्पन की तरंगों को नियंत्रित किया जा सकता है। इससे आसपास की बस्तियों और इमारतों में विस्फोट से होने वाली हानि से छुटकारा मिल सकेगा। 


विशेष बात यह है कि दुनिया की सबसे बड़ी खनन कम्पनियों में से एक अमरीका की एंग्लोअमरीकन कम्पनी ने एप को डेमो देखने के बाद इसे खरीदने की पेशकश की है। प्रो. भण्डारी ने कहा कि इस एप की कुछ तकनीक फ्री में उपलब्ध होगी, जबकि खान की तरह एप में भी गहराई में उतरने पर यूजर्स से चार्जेज लिए जाएंगे।


एेसे काम करेगा स्मार्ट ब्लास्टिंग

स्मार्ट ब्लास्टिंग एप को डाउनलोड करने के बाद इसमें विस्फोट के स्थान के फोटो व वीडियो अपलोड करने होंगे। एप के सॉफ्टवेयर में विस्फोटक, ड्रिलिंग, डिलिंग होल का व्यास, डीले टाइम जैसे पैरामीटर फीड करने के बाद यह विस्फोट के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विस्फोटक की मात्रा और उसकी वाइब्रेशन पावर के बारे में बताएगा। एप के परिणाम देखने के बाद विस्फोटक की मात्रा को कम या बढ़ाकर वाइब्रेशन का नियंत्रित किया जा सकेगा।


ब्लास्टिंग एप का फायदा

- विस्फोट से पहले कम्पन तरंगों की दूरी पता चल सकेगी, जिससे विस्फोट के दायरे में आने वाली रहवासीय बस्तियों और इमारतों को खाली कराया जा सकेगा।

- अगर भूकम्प की तरंगें शहर के काफी अंदर जा रही है तो उसे विस्फोटक के मात्रा से नियंत्रित किया जा सकेगा।

- विस्फोट के बाद पत्थर व धूल कहां तक उड़ेगी, पता चल सकेगा।

- विस्फोट के समय एक होल से दूसरे होल में 'डीले टाइमÓ का घटाया-बढ़ाया जा सकेगा।

- एप के साथ जीपीएस भी जुड़ा है, जिससे विस्फोट जगह की लोकेशन व अन्य स्थानों की सटीक जानकारी रहेगी।

हिंदुस्तान जिंक व आदित्य बिड़ला कर रहे यूज

मैंने खनन के लिए कई अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर बनाए हैं, जिससे हिंदुस्तान जिंक, टाटा और आदित्य बिड़ला ग्रुप उपयोग में ले रहे हैं। इन्हंी सॉफ्टवेयरों में कुछ बदलाव करके मोबाइल एप का रूप दिया गया है जो और अधिक उपयोगी साबित होगा।

-प्रो. सुशील भण्डारी, पूर्व डीन, एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज

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