अशोक गहलोत ने कहा ,यूनिवर्सिटी में घोटाला नहीं, सरकार के दबाव में हुई कार्रवाई

Harshwardhan Bhati

Publish: May, 13 2017 08:51:00 (IST)

Jodhpur, Rajasthan, India
अशोक गहलोत ने कहा ,यूनिवर्सिटी में घोटाला नहीं, सरकार के दबाव में हुई कार्रवाई

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी में कोई घोटाला नहीं हुआ है। यहां सरकार के दबाव में कार्रवाई हुई है। क्यों कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट और होईकोर्ट में विचाराधीन है।गहलोत धरना दे रहे शिक्षकों से मिले।

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की सिंडीकेट द्वारा बर्खास्त किए गए 34 शिक्षकों के धरने को समर्थन देने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि शिक्षक भर्ती में कोई घोटाला नहीं हुआ है। कुलपति व सिंडीकेट ने दबाव में यह निर्णय लिया है। सरकार की यह तानाशाही है। मामला सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट में विचाराधीन है। सरकार को निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए। राज्यपाल ने जो ऑर्डिनेंस पास किया उसके तहत भर्ती हुई थी। 

पुरानी सरकार के निर्णयों को बदनाम करना

गहलोत ने कहा कि सरकार का टार्गेट पुरानी सरकार के निर्णयों को बदनाम करना है। जिसका शिकार ये शिक्षक हुए हैं। सिंडीकेट में शिक्षकों के चयनित प्रतिनिधि नहीं हैं, इतना ही नहीं इस सिंडीकेट में सरकार के प्रतिनिधि भी नहीं थे। सरकार एसीबी और अधिकारियों पर दबाव बनाकर काम कर रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

बीजेपी अपने घोटाले दबाना चाहती है?

गहलोत ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में व्यापम घोटाला हुआ, राष्ट्रीय स्तर पर इसकी चर्चा हुई। बीजेपी जेएनवीयू के इस मामले को लेकर यह चाह रही है कि पूरे देश को यह लगे कि घोटाला सिर्फ बीजेपी राज में ही नहीं, कांग्रेस के राज में भी हुए हैं।

कुलपति स्वायत्तता बरकरार रखने में फेल

विश्वविद्यालयों को स्वायत्तता इसलिए दी गई थी कि उनके निर्णय में किसी का हस्तक्षेप न हो। कुलपति दबाव में काम नहीं करें। उनकी प्राथमिकता छात्र व शिक्षकों के हितों की रक्षा हो। इसमें वर्तमान कुलपति फेल साबित हुए।

गहलोत से सवाल-जवाब

सवाल- बीजेपी सरकार पिछली सरकार के निर्णय को टारगेट कर रही है या आपको ?

जवाब- हम इस बात की चिंता नहीं करते हैं। सरकार के निर्णय टरागेट किए जा रहे हैं।

सवाल- अब आप इन शिक्षकों के समर्थन में आए हैं जबकि शिक्षक भर्ती की एसीबी में दर्ज हुई पीई आपकी सरकार के समय में हुई ?

जवाब - एसीबी में पीई कोई भी दर्ज करा सकता है। उसके बाद सुबूत मिलने पर एफआईआर दर्ज होती है। पीई के बाद सरकार बदल गई। भर्ती के विरोध में धरना जानबूझ कर दिया जा रहा है, इन्हें किसी ने गुमराह किया है।

सवाल- इस भर्ती में आपके रिश्तेदार का भी चयन हुआ है?

जवाब - मेरी 45 साल की राजनीति में मैं भाई-भतीजावाद, पक्षपात का विरोधी रहा हूं और जहां इंटरव्यू होते हैं, वहां हम हस्तक्षेप नहीं करते।



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