ढाई साल देरी से चल रहा है हाइकोर्ट के नए भवन का निर्माण

Jodhpur, Rajasthan, India
ढाई साल देरी से चल रहा है हाइकोर्ट के नए भवन का निर्माण

11 अप्रेल 2011 से 31 जनवरी 2015 थी काम पूरा करने की डेडलाइनक्या हड़तालों और चुनावों ने रोकी दी हाइकोर्ट के नए भवन के निर्माण की रफ्तार


बहुप्रतीक्षित राजस्थान उच्च न्यायालय के नए भवन का निर्माण कार्य शुरू होने के 6 साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। भवन का निर्माण कार्य निर्धारित समय से करीब ढाई साल देरी से चल रहा है।


राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट कॉर्पोरेशन (आरएसआरडीसी) द्वारा 11 अप्रेल 2011 को शुरू किया गया भवन निर्माण का कार्य यूं तो 31 जनवरी 2015 तक पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन हकीकत में अभी भी इसको पूरा होने में करीब डेढ़ माह और लगेगा। यही वजह है कि यही वजह है कि उद्घाटन की तारीख तय होने के बाद भी अब तक भवन का उद्घाटन नहीं हो पाया है।


उच्च न्यायालय के नए भवन के उद्घाटन की 1 जून 2017 तारीख तय कर दी गई लेकिन वो भी निकल गई...बीते दो साल से नए हाईकोर्ट में जल्द ही न्यायिक गतिविधियां शुरू होने की चर्चा होती और हर बार सिर्फ चर्चा होकर रह जाती है।



जिम्मेदारों की मानें तो अभी भी नए भवन में फिनिशिंग का कार्य चल रहा है जिसे पूरा होने में करीब डेढ़ माह और लगेगा। हालांकि यह भी सम्भावित है।  बीते छह साल के दौरान हाइकोर्ट के आसपास कई निजी टाउनशिप और मॉल बनकर तैयार हो गए लेकिन हाइकोर्ट के नए भवन का निर्माण कार्य पूरा होने का अब भी इंतजार है।



बजट पूरा, फिर भी काम अधूरा


आरएसआरडीसी के अधिकारियों का कहना है कि भवन निर्माण के लिए बजट की कोई कमी नहीं थी। जब वर्ष 2011 में काम शुरू हुआ तब से अब तक बजरी को लेकर हड़ताल, भारी वाहनों की हड़ताल, क्रैशर आदि पर काम करने वाले कामगारों की हड़तालों के चलते काम की रफ्तार धीमी पड़ गई। 



साइट के परियोजना निदेशक सुरेश शर्मा ने बताया कि अब तक 3 बार बजरी की हड़ताल हो चुकी है। साथ ही लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव और पंचायती राज चुनावों के दौरान वाहनों की कमी के चलते निर्माण कार्य धीमा पड़ गया। इससे जो काम 15 दिन में पूरा होना था वह डेढ़ से दो माह में पूरा हो सका।


इसके लिए करीब 15 कंस्ट्रक्शन कंपनियों को अलग-अलग काम करने के लिए ठेका दिया गया था। जिसमें कई कंपनियों के काम पूरे हो चुके हैं सिर्फ अंतिम टच अभी भी दिया जाना बाकी है। 

187.52 करोड़ में हो रहे हैं ये कार्य


राजस्थान उच्च न्यायाल के नए भवन का निर्माण कार्य 187.52 करोड़ रुपए से हो रहा है, जिसमें निम्र कार्य शामिल हैं-


कार्य                                                                          राशि
1. मुख्य भवन ढांचा कार्य                                    38 करोड़ रुपए
2. फिनिशिंग कार्य                                              33 करोड़ रुपए
3. खिड़की दरवाजों का कार्य                               6.80 करोड़ रुपए
4. सैनेट्री कार्य/सीवरेज                                       4.10 करोड़ रुपए
5. भवन में बाह्य पत्थर कार्य                               7.10 करोड़ रुपए
6. अभिभाषक कक्ष निर्माण कार्य                       32.70 करोड़ रुपए
7. विद्युत कार्य (आंतरिक तार)                           12.80 करोड़ रुपए
8. वातानुकूलन(आग प्रतिरोधक कार्य)             19.62 करोड़ रुपए
9. ट्रांसफॉर्मर/जनरेटर कार्य                               19.62२ करोड़ रुपए
10. विकास कार्य व सड़क कार्य                          11.76 करोड़ रुपए
11. ध्वनि संतुलन कार्य                                     5.45 करोड़ रुपए
12. दीमक प्रतिरोधी कार्य                                  1.10 करोड़ रुपए
13. लिफ्ट कार्य                                                  3.27  करोड़ रुपए



नए भवन में यह है खास


आकार व गोलाई के मामले में नए भवन का डोम उत्तर भारत में सबसे बड़ा डोम है, जो कि राजस्थान विधानसभा भवन व संसद के डोम से भी बड़ा। डोम की ऊंचाई जमीन तल से 35 मीटर यानी 120 फीट व व्यास 118 फीट का है। अपने विशाल डोम के कारण इमारत 5 किलोमीटर की दूरी से व टेक ऑफ  और लैंड करते प्लेन से भी आसानी से नजर आती है।



कोर्ट रूम व विशिष्ट सुविधाएं 


नया भवन कोर्ट रूम और कई विशिष्ट सुविधाओं से लैस है। इसके सेंट्रल हॉल में प्रवेश के पांच रास्ते हैं। नीचे दो लोक अदालत, लाइब्रेरी, रिकॉर्ड रूम, डिस्पेंसरी हैं। सभी कोर्ट ऊपरी मंजिलों पर हैं। न्यायाधीश व लोगों के लिए 12 लिफ्ट हैं। डोम के नीचे सेंट्रल हॉल के बीचोंबीच न्याय की देवी की प्रतिमा व चारों ओर फव्वारे लगाए गए हैं।


विजिटर्स के लिए कुर्सियों की व्यवस्था होगी। पूरा हाईकोर्ट भवन एयरकूल्ड होगा। प्राकृतिक रोशनी के लिए भवन में दर्जनों खिड़कियां लगाई गई हैं। यहां न्यायाधीशों के लिए 24 कोर्ट रूम और वकीलों के लिए 392 चैम्बर बनाए गए हैं।


इन्होंने ये कहा 


भवन का काम पूरा होने में करीब डेढ़ माह और लग सकता है। संभवत: 31 जुलाई तक फाइनल टच दे दिया जाएगा। मुझे ये साइट संभालते हुए एक साल ही हुआ है इस दौरान बजरी हड़ताल के चलते 2-3३ माह की देरी हुई थी। लेबर नहीं मिलती है तो काम धीमा हो ही जाता है।

- राकेश भंडारी, डीजीएम, आरएसआरडीसी।

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