स्पेशल आेलम्पिक में धाक जमा चुकी 'दिव्यांग पूनम' अब आस्ट्रिया में करेंगी धमाल

Jodhpur, Rajasthan, India
स्पेशल आेलम्पिक में धाक जमा चुकी 'दिव्यांग पूनम' अब आस्ट्रिया में करेंगी धमाल

राष्ट्रीय स्तर पर स्पेशल ओलम्पिक में धाक जमाने वाली दिव्यांग खिलाड़ी पूनम भाटी का आस्ट्रिया के ग्राफ में इसी माह विशेष योग्यजनों के लिए होने वाली स्पेशल ओलम्पिक वल्र्ड विंटर गेम्स के लिए चयन हुआ है।

राष्ट्रीय स्तर पर स्पेशल ओलम्पिक में धाक जमाने वाली दिव्यांग खिलाड़ी पूनम भाटी का आस्ट्रिया के ग्राफ में इसी माह विशेष योग्यजनों के लिए होने वाली स्पेशल ओलम्पिक वल्र्ड विंटर गेम्स के लिए चयन हुआ है। 14 से 25 मार्च तक होने वाली प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पूनम 6 मार्च को चौपासनी (जोधपुर) से रवाना होगी। पूनम भाटी 15 सदस्यीय भारतीय टीम की सदस्य है। चार बहिनो में सबसे छोटी पूनम जोधपुर में चौपासनी हाउसिग बोर्ड स्थित नवज्योति मनोविकास केन्द्र की छात्रा है।


एक अरब बच्चों में से राहुल को थी ये दुर्लभ बीमारी, एम्स जोधपुर के डॉक्टर्स ने 4 घंटे में दिखाया कमाल


अपने दम पर रही थी तीसरे स्थान पर


इस संस्थान के मास्टर टे्रनर महेश पारीक के निर्देशन में पूनम ने सितम्बर 2015 में आयोजित फ्लार बाल प्रतियोगिता में राजस्थान टीम का प्रतिनिधित्व किया था। इसके नेशनल कोचिंग केम्प अम्बाला केन्ट में शनदार प्रदर्शन के आधार पर बिलासपुर में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियेागिता के लिए चयन हुआ और गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद उसने सोलन (हिमाचल प्रदेश) में आयोजित स्पेशल ओलम्पिक फ्लार बाल नेशनल चैम्पियनशिप में कई मेडल जीते। पूनम के दम पर ही राजस्थान की टीम तीसरे स्थान पर रही। अब आस्ट्रिया में होने वाली प्रतियोगिता के लिए चयन होने पर पूनम के चेहरे पर रौनक छा गई है।


कभी कठपुतली के शौक ने दोस्तों ने उड़ाया था मजाक, वल्र्ड पपेट शो में छाए जोधपुर के अमित!


ऐसे बदली जीवन की दिशा


पूनम के पिता मोहनदास भाटी कपड़े धोने व प्रेस करने का काम करते हैं। रहने के लिए खुद का मकान नहीं है। परिवार में चार बेटियां होने और इनमें से एक बेटी मानसिक दिव्यांग होने से मोहनदास और उनकी पत्नी इन्दिरा परेशान थे। ऐसी स्थिति में नवज्योति मनोविकास केन्द्र के चेयरमैन स्व. डॉ. जीएम सिंघवी ने मई 2012 में पूनम को केन्द्र में प्रवेश दिया। यहां आकर पूनम के जीवन की दशा व दिशा ही बदल गई। केन्द्र में अध्ययन के दौरान पूनम की शाररिक व मानसिक स्थिति में सुधार हुआ।


खूंखार पैंथर के लगाया माइक्रोचिप, अब हर गतिविधि पर रहेगी नजर


संस्थान की प्राचार्या और मनोवैज्ञानिक कृष्णा गौड की टीम के प्रयास के से पूनम ने शिक्षण के साथ घर के काम में भी हाथ बंटाना शुरू कर दिया। अब पूनम के माता पिता काफी खुश हैं। संस्थान मे स्पेशल मास्टर ट्रेनर ने बताया कि जिले से लेकर राष्ट्रीय स्तर की स्पेशल एथलेटिक प्रतियोगिता में अच्छे प्रदर्शन के आधार पर पूनम ने राष्ट्रीय स्तर पर अच्छे मानसिक दिव्याग खिलाड़ी के तौर पर पहचान बना ली है। अब अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन होने से पूनम के परिवार और नवज्योति मनोविकास केन्द्र अध्ययन संस्थान में भी खुशी का माहौल है।


जोधपुर के इस गांव की 'यंग महिला सरपंच' ने कर दिखाया एेसा कमाल, हर जगह हो रही चर्चा


अपने घर की इच्छा और सरकार की अनदेखी


पूनम को राज्य व केन्द्र सरकार की तरफ से अब तक प्रोत्साहन के नाम पर कुछ भी नहीं मिला है। उसे उम्मीद है कि आस्ट्रिया में मेडल जीतने के बाद सरकार से कुछ अच्छा पैकेज मिले। पूनम का सबसे बड़ा सपना है कि उसके परिवार का अपना घर हो।


जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय में होगी सुपर फूड पर रिसर्च, बढ़ेगी फसलों की प्रोडक्टिविटी व क्वालिटी


संस्थान ने दिया आशीर्वाद


नवज्योति मनोविकास केन्द्र में शनिवार को आयोजित एक समारोह में अंतराष्ट्रीय दिव्यांग खिलाड़ी पूनम भाटी को माला पहना मुंह मीठा कराया गया। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन जीसी भंडारी, उपाध्यक्ष पीसी संचेती, सचिव सुरेश गांग, शिक्षिका रेखा बरवड, सेन्ट्रल बैंक के शाखा प्रबंधक रामलाल बैरवा, पा्रचार्य कृष्णा गौड, उपप्रचार्य शशी जैन समेत कई प्रदाधिकारी मौजूद थे। 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned