लकडिय़ां खरीदने को पैसे नहीं थे इसलिए इस गांव में 20 घंटे तक दाह संस्कार को तरसती रही महिला की पार्थिव देह

pawan pareek

Publish: Jul, 18 2017 12:29:00 (IST)

Jodhpur, Rajasthan, India
लकडिय़ां खरीदने को पैसे नहीं थे इसलिए इस गांव में 20 घंटे तक दाह संस्कार को तरसती रही महिला की पार्थिव देह

सोलंकिया तला की एक मनोरोगी महिला की मौत उसकी मां व भाई पर कहर बनकर आई। जिंदा थी तब तक तो किसी तरह दूसरों की मदद से खाने-पीने को जुगाड़ हो जाता था। मौत के बाद उसके शव के अंतिम संस्कार के लिए लकडि़यां खरीदने को घरवालों के पास पैसे नहीं थे।

सोलंकिया तला की एक मनोरोगी महिला की मौत उसकी मां व भाई पर कहर बनकर आई। जिंदा थी तब तक तो किसी तरह दूसरों की मदद से खाने-पीने को जुगाड़ हो जाता था। मौत के बाद उसके शव के अंतिम संस्कार के लिए लकडि़यां खरीदने को घरवालों के पास पैसे नहीं थे।


दूसरे जतन किए, काम नहीं बना, इसके चलते पार्थिव देह 20 घंटे तक दाह संस्कार के लिए तरसती रही, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। आखिर पुलिस ने मदद की तो अंतिम संस्कार किया जा सका।



हुआ यूं कि ध्रुव देवी (18) स्वर्गीय कानाराम भील का निधन रविवार की दोपहर 2 बजे हो गया। ध्रुव देवी बचपन से ही मनोरोगी थी वह अपनी वृद्ध मां तुलसी देवी के साथ रहती थी। ध्रुव देवी ने अंतिम सांस ली तब उसके पास उसकी मां ही मौजूद थी।

इनके घर किसी का आना जाना नहीं है। इससे मौत की खबर पाकर न उसकी जाति से और न हीं पड़ोस से कोई मदद के लिए आया। उसका भाई सवाईराम मजदूरी के लिए कहीं गया हुआ था। उसे बुलवाया गया, आते-आते शाम हो गई। आया तब न तो उसके पास और न हीं उसकी मां के पास लकडि़यां खरीदने के पैसे थे। मजबूरी में सवाईराम ने अपनी बहन की लाश को दफनाने का फैसला किया।


एक साथी और दो बच्चों की मदद से लाश लेकर रविवार शाम तक श्मशान स्थल पहुंचा तो वहां लोगों ने कहा यहां दफना नहीं सकते, यहां अंतिम संस्कार करना है तो जलाना ही पड़ेगा।


वहां से वह लाश को लेकर वन विभाग की जमीन पर दफनाने के लिए ले गया तो वहां भी विरोध किया गया और कहा गया कि यह सरकारी जमीन है यहां दफना नहीं सकते। कुछ देर रुका और मजबूरन कड़ा फैसला लेकर लाश को वहीं छोड़ आया।


इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस ने मौके पर पहुंच कर लाश को कब्जे में लिया और रात भर मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने सोमवार सुबह सवाई राम व उसकी माता तुलसी देवी को बुलाकर पूछताछ की तो सारी कहानी सामने आई।


तब थाना प्रभारी मनोज राणा ने अंतिम संस्कार की लकडिय़ों के लिए 2000 रुपए और वहां मौजूद लोगों ने 1000 रुपए दिए साथ ही पुलिस के वाहन में शव को सोलंकियातला के श्मशान घाट तक पहुंचाया तथा पुलिस की मौजूदगी में सोमवार 11 बजे शव का अंतिम संस्कार किया गया। 

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