एेसा क्या हुआ कि पांच दिन में बनी और सात दिन में उधड़ गई सड़क

Harshwardhan Bhati

Publish: Dec, 02 2016 01:20:00 (IST)

Jodhpur, Rajasthan, India
एेसा क्या हुआ कि पांच दिन में बनी और सात दिन में उधड़ गई सड़क

शहर की एक सड़क लोगों की परेशानियों को देखते हुए इस महीने ही बनी। आनन-फानन में बनी इस सड़क से लोगों को राहत मिलना तो दूर की बात, मुश्किलें और बढ़ गईं। करीब डेढ़ किलोमीटर की यह सड़क पांच दिन में बना दी गई, लेकिन सात दिन बाद ही उधड़ गई।

शहर की एक सड़क लोगों की परेशानियों को देखते हुए इस महीने ही बनी। आनन-फानन में बनी इस सड़क से लोगों को राहत मिलना तो दूर की बात, मुश्किलें और बढ़ गईं। करीब डेढ़ किलोमीटर की यह सड़क पांच दिन में बना दी गई, लेकिन सात  दिन बाद ही उधड़ गई। 


अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जोधपुर विकास प्राधिकरण के इस तरह काम कराने का क्या फायदा, जिससे कोई राहत ही नहीं हो। वहीं जेडीए में बैठे अफसर इस सड़क की जरूरत कुछ दिनों तक होने की बात कहकर चलता-फिरता काम करवाने की बात कह रहे हैं।


यह है मामला

शहर से बनाड़ रोड की तरफ जाने वाली सड़क पर सारण नगर आरओबी का काम चल रहा है। इसके चलते कई वाहन सारण नगर आरओबी के समानान्तर चलने वाली रोड से निकल रहे हैं। जो रेलवे लाइन की दूसरी तरफ महादेव नगर और सेंट्रल एकेडमी के सामने होकर जाती है। 


इस सड़क पर गहरे गड्ढे होने के चलते क्षेत्रवासियों की शिकायत पर जेडीए ने इसका कार्यादेश 29 सितम्बर को निकाला। इसके बाद यह कार्य 20 नवम्बर को शुरू हुआ और 24 नवम्बर को पूरा हो गया। लेकिन अभी कार्य को हुए मुश्किल से सात  दिन ही हुए हैं और सड़क कई जगह से धंस गई है। कई जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं और वाहनों को यहां से निकलने में फिर से परेशानी हो रही है।


साढ़े 5 लाख में बना दी 1.4 किमी सड़क

जेडीए की ओर से सारण नगर आरओबी के समानांतर चलने वाले इस सड़क का तकमीना 8.2 लाख रुपए का बनाया गया। लेकिन जेडीए ने कार्य को बीएसआर दर से 37 प्रतिशत तक नीचे यानी करीब 5.47 लाख में करवाया। 


यह सड़क रावत मिष्टान भंडार रेलवे क्रॉसिंग से लेकर सारण नगर रेलवे क्रॉसिंग तक कुल 1.4 किमी बनी। इस दौरान सड़क पर सिर्फ डब्ल्यूबीएम बिछाकर छोड़ दिया गया और इसकी आवश्यकता नहीं बताते हुए डामर नहीं कराई गई। अब यह सड़क चार दिन में ही उधड़ गई। साथ ही विकास के नाम पर यहां खर्च की राशि बर्वाद हो गई।


एेसी सड़क का क्या फायदा

इस सड़क पर वाहनों के गुजरने से आए दिन धूल उड़ती रहती थी, जिससे आसपास रहने वाले लोग परेशान थे। हमने इसकी शिकायत संपर्क पोर्टल पर दर्ज करवाई, जिसके बाद जेडीए ने इसेे बनवाया, लेकिन ऐसी सड़क का क्या फायदा, जो रोड के मुख्य लेवल से ही नीची बनाई गई है। सड़क पर मुटाम बिछाकर छोड़ दिया, जिससे यह फिर उधडऩे लगी है।


डामरीकरण का कार्य होगा

मैं इंजीनियरों से इसकी जानकारी कर लेता हूं। डब्ल्यूबीएम का कार्य करवाकर नहीं छोड़ सकते, इस पर डामरीकरण का कार्य होगा।

-कैलाश चंद्र मीणा, जेडीए आयुक्त

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