सलमान खान 18 को जोधपुर आएंगे,फैसले की घड़ी तय

Harshwardhan Bhati

Publish: Jan, 10 2017 10:31:00 (IST)

Jodhpur, Rajasthan, India
सलमान खान 18 को जोधपुर आएंगे,फैसले की घड़ी तय

फिल्म अभिनेता सलमान खान के खिलाफ जोधपुर में विचाराधीन अवधि पार हथियारों से शिकार के मामले में सुनवाई पूरी हो गई है। खान 18 जनवरी को जोधपुर आएंगे।

फिल्म अभिनेता सलमान खान के खिलाफ जोधपुर में विचाराधीन एक और मामले में फैसले की घड़ी तय हो गई है। अवधिपार हथियार रखने और उनसे हरिणों का शिकार करने के आरोप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जोधपुर जिला) की अदालत में गत 18 साल से विचाराधीन मुकदमे का फैसला 18 जनवरी को सुनाया जाएगा। फैसला सुनने के लिए सलमान खान को खुद कोर्ट में पेश होना होगा।

फैसले की तारीख मुकर्रर

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जोधपुर जिला) दलपतसिंह राजपुरोहित ने सोमवार को अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद 18 जनवरी को फैसले की तारीख मुकर्रर की। इससे पहले सुनवाई के दौरान सलमान खान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत और राज्य सरकार की ओर से अभियोजन अधिकारी भवानीसिंह ने कुछ और दस्तावेज और अहम न्यायिक दृष्टांत कोर्ट के समक्ष पेश किए।

एेसा रहा घटनाक्रम

- वर्ष 1998 में जोधपुर में अपनी फिल्म 'हम साथ-साथ हैं ' की शूटिंग के दौरान सलमान खान पर तीन अलग-अलग स्थान पर हरिण का शिकार करने के आरोप लगे।

- उनकी गिरफ्तारी हुई और उनके कमरे से पुलिस ने 22 सितम्बर 1998 को रिवाल्वर .32 और .22 बोर राइफल बरामद की। इनके लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी थी।

- वन अधिकारी ललित बोड़ा ने लूणी पुलिस थाने में 15 अक्टूबर 1998 को मुकदमा दर्ज करवाया था कि सलमान खान ने 1-2 अक्टूबर 1998 की मध्यरात्रि में कांकाणी गांव की सरहद पर दो काले हरिणों का शिकार किया, जिसमें उसने रिवॉल्वर व राइफल का इस्तेमाल किया। दोनों हथियारों की लाइसेंस अवधि समाप्त हो चुकी थी। इस पर सलमान के खिलाफ आम्र्स एक्ट  में मामला दर्ज किया गया। मामले में कुल 20 गवाहों ने गवाही दी है।

सात साल की सजा का प्रावधान

आम्र्स एक्ट के तहत इस विचाराधीन मामले में धारा 3/25 में अधिकतम तीन साल और धारा 27 में अधिकतम सात साल तक की सजा का प्रावधान है।

सलमान ने कहा था- मैं निर्दोष, मुझे झूठा फंसाया गया

आम्र्स एक्ट के मामले में गत दस मार्च, 2016 को सलमान खान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जोधपुर जिला) दलपतसिंह राजपुरोहित के समक्ष आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा था कि, वे निर्दोष हैं। उन्हें झूठा फंसाया गया है। वन विभाग के अधिकारियों के कहने पर उन्होंने उन कागजों पर दस्तखत किए हैं, जिनसे कथित अवैध हथियार मुम्बई से मंगवाए गए थे। इससे पहले इसी मामले में 29 अप्रेल, 2015 को सलमान खान के बयान मुल्जिम हुए थे। जिसमें भी सलमान ने अपने आप को बेगुनाह बताया था। जिसके बाद इस मामले में उच्च न्यायालय की अनुमति पर बचाव पक्ष की ओर से कुछ और गवाह पेश किए गए।

दो मामलों में हाईकोर्ट ने किया बरी

शिकार के तीन मामलों में से भवाद प्रकरण में उन्हें एक साल व घोड़ा फार्म हाउस प्रकरण में पांच साल की सजा सुनाई गई थी। इन दोनों मामलों में राजस्थान हाईकोर्ट ने उन्हें बेगुनाह ठहराते हुए बरी कर दिया। हालांकि दोनों मामलों में राज्य सरकार हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। जहां पर सरकार की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) विचाराधीन है।

एक मामला और है लम्बित

एक और दो अक्टूबर 1998 की मध्यरात्रि में कांकाणी की सरहद पर दो काले हरिणों के शिकार का आरोप लगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जोधपुर जिला) की कोर्ट में गवाहों के बयान जारी, कुल 52 गवाह हैं। मामला अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस मामले में सलमान खान के अलावा फिल्म अभिनेता सैफ अली खान, बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली बेन्द्रे, तब्बू व नीलम भी आरोपी हैं। सैफ अली खान, सोनाली बेन्द्र व नीलम की ओर से अधिवक्ता केके व्यास और तब्बू की ओर से अधिवक्ता मनीष सिसोदिया पैरवी कर रहे हैं।







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