अब पहली बार राज्य सरकार हस्तशिल्पियों के लिए बनाएगी आर्टिजन कार्ड, आर्टिजन्स को अब मिलेगी पहचान..

Jodhpur, Rajasthan, India
अब पहली बार राज्य सरकार हस्तशिल्पियों के लिए बनाएगी आर्टिजन कार्ड, आर्टिजन्स को अब मिलेगी पहचान..

राज्य सरकार पहली बार हस्तशिल्पियों को आर्टिजन कार्ड जारी किए जाएंगे। अब मिल पाएगी उन्हें अपनी पहचान.. राज्य सरकार ने के उत्थान के लिए शिल्पी कार्ड बनाने का निर्णय लिया है,

जोधपुर में संचालित हो रहे हस्तशिल्प उद्योग से जुड़े छोटे-छोटे आर्टिजन्स, कारीगरों, शिल्पकारों व निर्माताओं को सरकारी योजनाओं का पूरा फायदा नहीं मिल रहा है। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से करीब 1 लाख आर्टिजन्स विभिन्न उद्योगों से जुड़े हुए हैं, लेकिन इन आर्टिजन्स को अभी तक पहचान नहीं मिल पाई है।

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 वर्तमान में विकास आयुक्त हस्तशिल्प नई दिल्ली की ओर से आर्टिजन्स (शिल्पियों) को आर्टिजन कार्ड जारी हो रहे हैं, लेकिन वहां की लेटलतीफी के कारण हमारे आर्टिजन्स अभी तक आर्टिजन कार्ड से वंचित हैं। लेकिन अब आर्टिजन्स की इस समस्या को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से पहली बार शिल्पियों को आर्टिजन कार्ड जारी किए जाएंगे।





प्रदेश की योजनाओं में मिलेगा फायदा

राज्य सरकार की ओर से जारी आर्टिजन कार्ड से कारीगरों को प्रदेश में उद्योगों से संबंधित संचालित हो रही योजनाओं का फायदा मिलेगा। इनमें सब्सिडी, ब्याज की दरों, कारीगरों के कल्याण से जुड़ी विकास योजनाओं में कारीगरों को फायदा मिलेगा। इस प्रकार के कार्ड से आर्टिजन्स सरकार की ओर से दी जाने वाली विकासशील योजनाओं से लाभान्वित होंगे। इसके अलावा, प्रदेश में लगने वाले उद्योग मेलों में सब्सिडी, स्टॉल आवंटन आदि में कार्डधारक कारीगर को प्राथमिकता मिलेगी।





कारीगर को ये दस्तावेज लाने होंगे, आर्टिजन कार्ड बनाने के लिए

- भामाशाह कार्ड

- राशन कार्ड

- बैंक खाते की पासबुक की फोटो कॉपी

- जिस शिल्प में कार्य कर रहे है, उसमें कार्य करते हुए कि दो फोटो

भामाशाह कार्ड बनाने के लिए

- आधार कार्ड

- जन्म तिथि प्रमाण पत्र

- बैंक खाते की पासबुक की फोटो कॉपी

- परिवार के सदस्यों की फोटो





आज से तीन दिवसीय शिविर लगेगा

पाल हस्तशिल्प विकास समिति व जिला उद्योग केन्द्र की ओर से सोमवार से पाल शिल्प ग्राम में तीन दिवसीय शिविर लगाया जाएगा। शिविर में कारीगर के आर्टिजन कार्ड बनाए जाएंगे। जिसकी कुल लागत 110 रुपए होगी। इसमें 60 रुपए जिला उद्योग केन्द्र वहन करेगा और शेष 50 रुपए कारीगर को देने होंगे। शिविर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया जाएगा। शिविर में ई-मित्र सेवा उपलब्ध रहेगी, जिसका शुल्क आवेदक को देना होगा।

अमरसिंह लोढ़ा, अध्यक्ष

पाल हस्तशिल्प विकास समिति


राज्य सरकार ने हस्तशिल्पियों के उत्थान के लिए शिल्पी कार्ड बनाने का निर्णय लिया है, जिससे राज्य सरकार की ओर से जारी सहूलियतें हस्तशिल्पियों को मिलेगी।

-केआर मेहरा, महाप्रबंधक,

जिला उद्योग केन्द

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