video: 'चीता' ने साथियों में बांट दिया था एक लाख का इनाम

Kota, Rajasthan, India
video: 'चीता' ने साथियों में बांट दिया था एक लाख का इनाम

सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन कुमार चीता जांबाज ही नहीं खासे दरियादिल भी हैं। आतंकी हमले में घायल होने से पहले उन्हें एक लाख रुपए की इनामी राशि मिली थी। जिसे खुद खर्च करने के बजाय उन्होंने अपने साथियों में बांट दिया था।

कश्मीर में हुई आतंकी मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन कुमार चीता की हालत में सुधार जारी है। संक्रमण की संभावना कम होने के साथ ही बुखार उतरने के बाद एम्स ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सक अब उन्हें वेंटिलेटर से हटाने की तैयारी में जुटे है। वहीं दूसरी ओर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी चीता के माता पिता से मिलने कोटा स्थित उनके घर पहुंचे। 


चेतन कुमार चीता के भाई प्रवीण ने बताया कि शुक्रवार उनका बुखार कम हुआ। घटना के बाद से ही उनके शरीर का तापमान 102 डिग्री से 100 डिग्री के बीच बना हुआ था, लेकिन अब वह सामान्य तापमान 99 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। एम्स ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सकों ने गुरुवार को उनका वेंटिलेटर हटाया था, लेकिन सांस लेने में दिक्कत होने पर दोबारा जीवन रक्षक उपकरण लगा दिए गए। हालांकि चिकित्सकों ने जल्द ही वेंटिलेटर हटाने की बात कही है। चीता की सेहत में सुधार होने के साथ ही खाने में दिया जा रहा तरल पदार्थ भी बढ़ा दिया गया है। अब उन्हें रोज 3.5 लीटर तरल पदार्थ दिया जा रहा है। साथ ही शरीर के अंग भी काम करने लगे हैं। 





भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पहुंचे घर


वहीं दूसरी ओर चीता के लिए दुआओं का दौर जारी है। शुक्रवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष उनके कोटा स्थित आवास पर पहुंचे। जहां माता पिता से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछी। परनामी ने चीता की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि चीता जैसे बहादुर बेटों की बजह से ही देश का सिर हमेशा दुनिया में ऊंचा रहता है। इस दौरान विधायक संदीप शर्मा भी उनके साथ रहे।


बांट दी थी इनामी राशि


चेतन कुमार चीता जितने जांबाज थे उतने ही दरियादिल भी थे। उनकी तैनाती जहां भी रही साथी सैनिकों का ख्याल रखना उनकी प्राथमिकता बन जाती। चीता की पोस्टिंग तीन महीने पहले ही कश्मीर में हुई थी, लेकिन इस छोटे से वक्त में ही उन्होंने आतंकियों के हौसले पस्त कर दिए थे। आलम यह था कि चीता की सजगता से देश को दहलादेने वाली कई आतंकी कोशिशों को उन्होंने नाकाम कर दिया था। उनकी बहादुरी और आतंकियों के खिलाफ त्वरित कार्यवाही से खुश होकर सरकार ने जनवरी में उन्हें एक लाख रुपए का इनाम दिया था। चेतन के पिता रामगोपाल चीता बताते हैं कि इस इनामी राशि को खुद इस्तेमाल करने के बजाय उनके बेटे ने अपने साथियों में बांट दिया। 

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