ई-मित्र संचालक डकार गया 20 लाख की बिल राशि

Kota, Rajasthan, India
ई-मित्र संचालक डकार गया 20 लाख की बिल राशि

कोटा के एक ईमित्र संचालक ने उपभोक्ताओं की ओर से जमा कराए गए नल के बिल की राशि जलदाय विभाग में जमा नहीं कराकर खुद के पास रख ली। राशि जमा नहीं होने से विभाग ने उपभोक्ताओं को बकाया बिल राशि जोड़कर नए बिल भेज दिए। उपभोक्ताओं की शिकायत पर मामले का खुलासा हुआ।

एक ईमित्र संचालक ने उपभोक्ताओं की ओर से जमा कराए गए नल के  बिल की राशि जलदाय विभाग में जमा नहीं कराकर खुद के पास रख ली। राशि जमा नहीं होने से विभाग ने उपभोक्ताओं को बकाया बिल राशि जोड़कर नए बिल भेज दिए। उपभोक्ताओं की शिकायत पर मामले का खुलासा हुआ। 

उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि सूरजपोल स्थित झाला हाउस पर जलदाय कार्यालय में ई-मित्र संचालक आशू चौधरी ने उपभोक्ताओं के नल बिलों की राशि को संग्रहित कर अपने पास रख लिया। जुलाई माह के बिल में पिछले बिल की राशि जुड़कर आई तो इसका खुलासा हुआ।  


ई-मित्र कियोस्क द्वारा लगभग एक हजार उपभोक्ताओं की राशि जमा नहीं करवाई गई। यह राशि करीब 20 लाख तक हो सकती है। अब साथ ही जलदाय विभाग  और ई-मित्र के प्रभारी अधिकारी मामले में पल्ला झाड़ते हुए ई-मित्र संचालक के खिलाफ एफआर्ईआर करवाने को कह रहे हैं।



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पहले जमा करवाया, फिर बकाया जुड़ आया

किशोर सागर के किनारे बर्फ फैक्ट्री संचालित करने वाले विक्रांत व्यास ने बताया कि उन्होंने मार्च व अप्रेल माह का 15735 रुपए का बिल जून में जमा करवाया था। इसके बाद मई व जून का बिल आया है। इसमें पिछले बिल की राशि जोड़ 25996 का बिल भेज दिया है। 



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कलक्टर को लिख दिया

पीएचईडी अधीक्षण अभियंता हेमंत कुमार का कहना है कि ई-मित्र संचालक ने पैसा जमा नहीं कराया है। इसकी जानकारी मिलते ही कलक्टर को कार्रवाई के लिए लिख दिया है।

डीओआईटी उप निदेशक, तरुण यादव का कहना है कि ई मित्र संचालक आशु चौधरी के खिलाफ उपभोक्ताओं की राशि जमा नहीं कराने की शिकायत आई है। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के राज्य सरकार को लिख दिया है।

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