'दंगल' में अब ज्यादा चुनौतियां

Kota, Rajasthan, India
'दंगल' में अब ज्यादा चुनौतियां

अन्तरराष्ट्रीय खिलाड़ी रेखा राठौड़ का कहना है कि अब कुश्ती में चुनौतियां पहले से ज्यादा बढ़ गई हैं। पहले दोनों कंधों को जमीन से छुलाते ही प्रतिद्वंदी प्रतिभागी हार जाता था, लेकिन अब कई प्वाइंट्स को मिलाकर हार-जीत का फैसला होता है।

 कुश्ती जैसे खेल को सरकार नजर अंदाज कर रही। मुकाम हासिल करने के लिए सारा खर्च खुद ही उठाना पड़ता है। सरकार कोई सहयोग नहीं करती। सरकार को चाहिए कि कुश्ती जैसे खेलों को प्रोत्साहन दे। बावजूद इन सबके लड़कियों के लिए कुश्ती का भविष्य काफी अच्छा है।


यह कहना है कुश्ती की अन्तरराष्ट्रीय खिलाड़ी रेखा राठौड़ का। 'पत्रिका' से बातचीत में रेखा ने बताया कि कुश्ती में अब चुनौतियां पहले से ज्यादा बढ़ गई हैं। काफी दमखम दिखाना होता है। पहले प्रतिद्वंदी खिलाड़ी के दोनों कंधों को जमीन से छुलाते ही जीत हासिल हो जाती थी, लेकिन अब कई तरह के अंक अर्जित करने के बाद ही हार-जीत का फैसला होता है। 


फिल्म से मिला प्रोत्साहन

कलादीर्घा में लगी चित्र प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में शामिल होने कोटा आई दंगल फिल्म में अभिनय करने वाली कुश्ती खिलाड़ी स्वीटी कलेर और रिंकी शर्मा भी सरकार के स्तर पर कुश्ती खिलाडि़यों की अनदेखी को लेकर खफा नजर आई। स्वीटी ने कहा कि राज्य स्तरीय कुश्ती खेल प्रतियोगिताओं में गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ी को एक-एक लाख देने की घोषणा तो राजस्थान सरकार ने कर दी, लेकिन उन्हें आज तक यह मदद नहीं मिली। दोनों ने कहा कि बड़े पर्दे पर अभिनय करने का उन्हें फायदा मिला है। खुद भी कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित हुई हैं। 

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