काली कमाई की सजाः पदोन्नति होती रही, 'कमाई' बढ़ती गई

Kota, Rajasthan, India
काली कमाई की सजाः पदोन्नति होती रही, 'कमाई' बढ़ती गई

राजस्थान में पहली बार किसी कोर्ट ने आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। इतना ही नहीं 85 साल की उम्र होने के बावजूद आरोपी को पांच साल जेल की सजा सुनाई है। मामला कोटा का है। जहां नगर निगम के पूर्व अभियंता पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगा था।

कोटा में लोक सेवक के पद पर रहते हुए भ्रष्ट तरीकों से आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने वाले मोहनदास मरचूनिया ने जमकर भ्रष्टाचार किया। देखिए कैसे उनकी पदोन्नति होती गई और काली कमाई बढ़ती गई। 





मोहनदास 5 दिसम्बर 1960 को नगर परिषद कोटा में सर्वेयर के पद पर नियुक्त हुए थे। जनवरी 1968 में ओवरसिस के पद पर रहे। इसके बाद कनिष्ठ अभियंता और 1981 में सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नत हुए। उन्होंने 1960 से 1992 तक लोक सेवक रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर आय से अधिक सम्पत्ती अर्जित की। इसमें रिहायशी मकान व दुकान के अलावा एफडीआर, जेवरात तक शामिल हैं। अपने बेटे को महाराष्ट्र में सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स कराने तक में खर्च हुई राशि इसमें शामिल है।



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44 गवाहों के कराए बयान

अदालत में इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक निदेशक अभियोजन एहसान अहमद ने 44 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। बहस के दौरान उन्होंने कहा कि लोक सेवक के पद पर रहते हुए भ्रष्ट साधनों से अधिक आय अर्जित करना प्रमाणित पाया गया है। ऐसे में दंडादेश में नरमी का रुख अपनाया गया तो इस तरह का अपराध करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा। जबकि आरोपित के वकील ने कहा कि वह कई सालों से अन्वीक्षा भुगत रहा है और वरिष्ठ नागरिक है। इसके खिलाफ अन्य कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे में आरोपित के प्रति दंडादेश में नरमी बरती जाए।



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एक माह पहले भी सुनाई थी इस तरह की सजा 

गौरतलब है कि अदालत ने करीब एक माह पहले भी इसी तरह की सजा सुनाई थी। अदालत ने 6 जून को राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के तत्कालीन अधीक्षक अभियंता आनंदीलाल माथुर को आय से अधिक सम्पत्ती के 18 साल पुराने मामले में 4 साल कठोर कैद व 15 लाख रुपए जुर्माने से दंडित किया था। साथ ही आय से अधिक अर्जित की गई 11 लाख 96 हजार रुपए को उनकी चल-अचल सम्पत्ती नीलाम कर तीन माह में राजकोष में जमा कराने के आदेश दिए थे।

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