#रीति-रिवाजः इंद्रदेव को मनाने के लिए सवारी लेकर निकल पड़े घास भैरू

Kota, Rajasthan, India
#रीति-रिवाजः इंद्रदेव को मनाने के लिए सवारी लेकर निकल पड़े घास भैरू

राजस्थान के हाड़ौती इलाके में घास भैरू एक लोक देवता है। मान्यता है कि इनकी सवारी निकालने से अच्छी बारिश होती है और फसलें लहलहाने लगती है। सावन के महीने में जब बादल बरसने से मना करने लगते हैं तब हाड़ौती के लोग घास भैरू की सवारी निकाल कर उनसे अच्छी बारिश की कामना करते हैं।

बादल जब दगा देने लगते हैं तो कहीं इंद्र देव को तरह-तरह से मनाने की कोशिश की जाती है। कहीं बारिश के लिए हल चलाया जाता है तो कहीं यज्ञ और अनुष्ठान किए जाते हैं। राजस्थान के हाड़ौती इलाके में इंद्र को मनाने का अनूठा तरीका अपनाया जाता है। यहां लोक देवता घास भैरू की सवारी निकाली जाती है, ताकि वह इंद्र के पास जाकर बारिश करवा सकें। इस बार भी बारिश होती नहीं दिख रही तो परेशान लोगों ने गांव-गांव घास भैरू की सवारी निकालना शुरू कर दिया है। 





ऐसे निकलती है सवारी 

हाड़ौती क्षेत्र में बारिश की मनोकामना के लिए घास भैरू की पूजा की जाती है। लोक देवता घास भैरू के रूप में कहीं पत्थर तो कहीं घास के बड़े गोले का प्रतीकात्मक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। इस बड़े से पत्थर या फिर घास के गट्ठर की पहले पूजा अर्चना की जाती है। उसके बाद बैलों के गले में बंधी रस्सियों से बांध दिया जाता है। बैल इसे घसीटते हुए पूरे गांव में घूमते हैं। बैलों का उत्साह बढ़ाने के लिए ढ़ोल नगाड़े बजाए जाते हैं और लोग पूरे रास्ते जयकारे लगाते हुए चलते हैं। इसके बाद जिन जगहों पर घास भैरू के लिए स्थान नियत किया होता है वहां आकर सवारी का समापन होता है और अच्छी बारिश एवं लहलहाती फसलों की मंगल कामना की जाती है। 



Read More: मोदी जी...लड़कियों के लिए बिना शौचालय के स्कूल बनवा रहे हैं राजस्थान के अफसर



शुरू हुआ लोक देवता को मनाना 

सावन का दूसरा सोमवार आने को है, लेकिन अभी तक ढ़ंग से बारिश नहीं हुई। बादल रोजाना उमस तो बढ़ा देते हैं, लेकिन बसरते नहीं। लोगों को लगने लगा है कि इस बार इंद्र देवता नाराज हैं। इसलिए कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ जिलों के गांवों में घास भैरू की सवारी निकलने लगी है। लोग अपने इस प्रिय लोक देवता को मनाने में जुट गए हैं, ताकि जल्द से जल्द अच्छी बारिश हो सके। 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned