स्कूल में बच्चों को मिलेगी ऐसी 'खुराक' जिससे कमजोर बच्चे हो जाएंगे होशियार

shailendra tiwari

Publish: Jul, 17 2017 11:34:00 (IST)

Kota, Rajasthan, India
स्कूल में बच्चों को मिलेगी ऐसी 'खुराक' जिससे कमजोर बच्चे हो जाएंगे होशियार

माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूल में अध्ययनरत कमजोर छात्र-छात्राओं को उपचारात्मक शिक्षा दी जाएगी। इसके तहत बच्चों की कमजोरी दूरी कर उनका शैक्षणिक स्तर सुधारने की कोशिश होगी।

माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूल में अध्ययनरत कमजोर छात्र-छात्राओं को उपचारात्मक शिक्षा दी जाएगी। इसके तहत बच्चों की कमजोरी दूरी कर उनका शैक्षणिक स्तर सुधारने की कोशिश होगी। जिले में 277 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूल हैं। 


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शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक स्कूल के संस्था प्रधानों को दिशा निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विद्यालय में 50 प्रतिशत से ज्यादा व 50 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले बच्चों के अलग-अलग समूह तैयार करें। दोनों बच्चों को अलग-अलग अध्ययन कराएं। 


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कमजोर बच्चों की एक्स्ट्रा क्लास ली जाए। इसके लिए बच्चों को छुट्टी होने के बाद रोक लिया जाए या स्कूल लगने से आधा या एक घंटा पहले बुला लिया जाए। साथ ही दोनों छात्र-छात्राओं के समूह के अलग-अलग रजिस्टर भी तैयार होंगे, जिसमें ये लिखा होगा कि बच्चा स्कूल आ रहा है या नहीं आ रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारी जब भी स्कूल का निरीक्षण करेंगे। उस दौरान रजिस्टर को जांचा जाएगा। 


पता करेंगे कारण

साथ ही 50 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले बच्चों को उपचारात्मक शिक्षा भी (रेमेडियल क्लास) दी जाएगी। इसके तहत शिक्षक यह पता लगाएगा कि बच्चे को समझ में क्यों नहीं आ रहा है। य फिर वह किस कारण से उसके नंबर कम आ रहे हैं। इन बातों का पता लगाकर बच्चे की कमजोरी दूर की जाएगी। 


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होंगे मासिक टेस्ट 

जिन बच्चों को 50 प्रतिशत से ज्यादा नंबर आ रहे हैं। उनके मासिक टेस्ट होंगे। इसके लिए विषय अध्यापक प्रत्येक माह मॉडल पेपर तैयार करेंगे। इसके बाद बच्चों की परीक्षा ली जाएगी। 


स्कूल में कमजोर व होशियार बच्चों के अलग-अलग समूह तैयार किए जाएंगे। कमजोर बच्चों की एक्स्ट्रा क्लास ली जाएगी, जिससे उनका स्तर सुधरे।

पांचूराम सैनी, डीईओ, माध्यमिक 

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