सरकार की सुस्ती से लुट रहे किसान

Kota, Rajasthan, India
सरकार की सुस्ती से लुट रहे किसान

सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का कोई पता नहीं है। सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई दिशा निर्देश तक नहीं दिए हैं। कोटा में गेहूं की सरकारी खरीद केन्द्र भी शुरू नहीं हो पाया है। सरकार के आदेश हवाइे साबित हुए हैं। सरकार की इस सुस्ती के कारण किसान लुट रहे हैं।

सरकार की सुस्ती के कारण किसान लुट रहे हैं। किसानों को अपनी खून-पसीने की कमाई को सस्ते दामों पर बाजार में बेचने को विवश होना पड़ रहा है। शासन और प्रशासन ने किसानों से मुंह फेर लिया है। सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का कोई पता नहीं है। सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई दिशा निर्देश तक नहीं दिए हैं। कोटा में गेहूं की सरकारी खरीद केन्द्र भी शुरू नहीं हो पाया है। सरकार के आदेश हवाइे साबित हुए हैं।


राज्य सरकार ने प्रदेश में 15 मार्च से गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद करने की घोषणा की थी। इसके तहत बुधवार को भामाशाहमंडी समेत सभी मंडियों में खरीद केन्द्र चालू करने थे, लेकिन शाम तक भारतीय खाद्य निगम का कोई केन्द्र नहीं खुला। किसान दिनभर मंडी में सरकारी खरीद केन्द्र चालू होने की आशा लगाए बैठे रहे। खरीद केन्द्र शुरू नहीं होने के कारण गेहूं के दाम भी गिर गए हैं। 


गेहूं 1600 रुपए प्रति क्विंटल तक बिके। जबकि गेहूं का समर्थन मूल्य 1625 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। औसत भावन 1600 से 1750 रुपए प्रति क्विंटल रहा। मंडी में गेहूं की आवक करीब 8 हजार बोरी की रही। पहले दिन हाड़ौती में किसी भी जगह गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हो पाई है। अगले सप्ताह गेहूं की आवक में भारी इजाफा होने की संभावना है।


किसान हो गए पस्त

राज्य सरकार ने अभी तक सरसों की सरकारी खरीद के बारे में कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं। इस कारण प्रशासनिक स्तर पर सरसों की खरीद की कोई तैयारी शुरू नहीं की गई। सरकार की सुस्ती के कारण सरसों के दाम गिर रहे हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। 


केन्द्र सरकार ने सरसों का समर्थन मूल्य 3600 रुपए तथा 100 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि घोषित कर रखी है। जबकि मंडियों में सरसों का औसत भाव 2800 से 3400 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा हे। किसानों का प्रति क्विंटल 400 से 500 रुपए प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा है। हाड़ौती की मंडियों में सरसों की आवक 50 हजार बोरी से अधिक हो रही है।

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