तू ही मुझको बता दे... चाहूं मैं या ना

Kota, Rajasthan, India
तू ही मुझको बता दे... चाहूं मैं या ना

गरीब परिवार के बाल हृदय रोगियों को इलाज मुहैया कराने के लिए पार्श्व गायिका पलक मुछाल और उनके भाई म्यूजिक कंपोजर पलाश मुछाल ने सोमवार की शाम कोटा में चैरिटी शो आयोजित किया। एलन मानधाना परिवार की ओर से उन्हें पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई।

पलक की खनकती आवाज ने जब सैकड़ों दिलों को छुआ तो वैलेंटाइन वीक का खुमार युवाओं के सिर चढ़कर बोलने लगा। आशिकी-2 के चॉकलेटी नगमे 'तू ही मुझको बता दे... चाहूं या ना' के साथ लैण्डमार्क सिटी में सजी सुरों की महफिल विरह में डूबे 'भीगी-भीगी पलकों से मैं तेरा इंतजार करू..' गीत पर आकर थमी। शाम से शुरू हुआ दिलों के झूमने का सिलसिला तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ आधी रात तक चलता रहा। 


इस सुहानी शाम का आयोजन एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट, चम्बल हॉस्टल्स एसोसिएशन एवं कोटा हॉस्टल्स एसोसिएशन ने मिलकर किया था। जिक्र जरूर दिलों का था, लेकिन कोशिश इस आयोजन के जरिए पांच लाख रुपए इकट्ठा कर उन मासूम धड़कनों को कायम रखने की थी, जिनका पैसे की तंगी के चलते इलाज नहीं हो पा रहा। इस कोशिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए पार्श्व गायिका पलक मुछाल और उनके भाई म्यूजिक कंपोजर पलाश मुछाल ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। 


 एलन के छात्रों, फैकल्टी और निदेशकों ने भी दोनों कलाकारों का पूरा साथ दिया। कार्यक्रम के अंत में एलन मानधना परिवार की कृष्णा देवी मानधना ने पलक व पलाश को पांच लाख रुपए का चैक सौंपा। इस दौरान सांसद ओम बिरला, जिला कलक्टर डॉ.रविकुमार सुरपुर, अतिरिक्त जिला कलक्टर सुनीता डागा, एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी व बृजेश माहेश्वरी भी मौजूद रहे। पांच लाख रुपए की इस राशि से 5 बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन करवाया जाएगा। 


अब तक एक हजार को मिली नई जिंदगी


पार्श्व गायिका पलक ने चैरिटी शो के माध्यम से अब तक करीब 1057 गरीब बच्चों के नि:शुल्क हार्ट ऑपरेशन करवाकर उन्हें नई जिंदगी दी है। चैरिटी शो में गायन से उन्होंने 15 साल में 4 करोड़ एकत्रित करने का रिकार्ड बनाया। इस सोशल वर्क के लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ   वल्र्ड रिकार्ड एवं लिम्का बुक में भी दर्ज है। पलक मुछाल हार्ट फाउंडेशन में इस समय देश के करीब 436 गरीब बच्चे ऑपरेशन के लिए प्रतीक्षा सूची में हैं। इस मिशन में प्रतिवर्ष 100 नए गरीब बच्चे जुड़ जाते हैं, जिन्हें हार्ट ऑपरेशन की सख्त जरूरत है। 


इंदौर से शुरू हुआ सफर


भारत ही नहीं पाकिस्तान और थाईलैंड के गरीब बच्चों के नि:शुल्क हार्ट ऑपरेशन करवा चुकी पलक ने बताया कि इस सिलसिले की शुरुआत चार साल की उम्र में इंदौर से की थी। आठ साल के लोकेश की मदद के लिए राजवाड़ा में पहला शो कर 55 हजार रुपए जुटाए थे और इसके बाद तो कभी न रुकने वाला सिलसिला चल पड़ा। 22 साल की उम्र तक 17 भाषाओं में गाने गा चुकी पलक को वर्ष 2000 में भारत सरकार ने नेशनल चाइल्ड अवार्ड, 2005 में राजीव गांधी अवार्ड, 2011 में वीरांगना अवार्ड दिया गया। 2001 में गुजरात में आए भूकम्प, 1999 में ओडिशा में आए चक्रवात व कारगिल वॉर में घायलों की मदद के लिए भी पलक ने गीत गाकर राशि एकत्रित की थी। 


वॉलीबुड में भी जलवा


पलक अब तक एमएस धोनी, काबिल, प्रेम रतन धन पायो, सनम रे, एक था टाइगर, जय हो, आशिकी 2, रूस्तम, गब्बर इज बैक, हीरो, राज रीबूट समेत कई हिट फिल्मों में गाने गा चुकी हैं।   

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