थैंक्स मोदी अंकल! ट्वीट करते ही अनाथ बच्चों के लिए भेज दी इतनी बड़ी मदद

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थैंक्स मोदी अंकल! ट्वीट करते ही अनाथ बच्चों के लिए भेज दी इतनी बड़ी मदद

नरेंद्र मोदी का जवाब नहीं है। वह सिर्फ मन की बात नहीं करते बल्कि सुनते भी हैं। कोटा के इन दो अनाथ बच्चों के मामले में तो यही साबित होता है। इन अनाथ बच्चों को नोटबंदी के बाद घर में 95 हजार रुपए के पुराने नोट मिले। बच्चों ने गुहार लगाई तो मोदी अंकल ने खुशियों की बौछार कर दी।

मोदी अंकल इतने दिलदार भी हो सकते हैं, कोटा के इन दो अनाथ बच्चों ने सोचा भी ना था। इन बच्चों ने मोदी अंकल को महज एक चिट्ठी लिखी थी, जिसके बदले उन्होंने खुशियों की बरसात कर दी। यह बच्चे मोदी अंकल की तारीफ करते थक नहीं रहे। 




दरअसल हुआ यूं कि नोटबंदी के बाद पुराने नोट बदलने की मियाद गुजरने के बाद कोटा के दो अनाथ बच्चों सूरज और सलोनी बंजारा के पुश्तैनी घर से मिले 96 हजार रुपए के पुराने नोट मिले थे। जिन्हें रिजर्व बैंक ने बदलने से इनकार कर दिया था। इसके बाद  अनाथ आश्रम मधु स्मृति संस्थान के संचालकों ने पीएमओ को ट्विट कर इन बच्चों की व्यथा बताई। 



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आई खुशियों की चिट्ठी 

ट्विट करने के बाद जब कोई जवाब नहीं आया तो बच्चों ने समझा कि प्रधानमंत्री तक उनकी बात ही नहीं पहुंची और पहुंच भी गई तो अनसुनी कर दी गई। यह सोच बच्चे भी उन्हें भूल गए, लेकिन शुक्रवार को अचानक खुशियों की चिट्ठी स्मृति संस्थान पहुंची। प्रधानमंत्री की ओर से भेजी गई इस चिट्ठी में बच्चों की परेशानी पर दुख प्रकट किया गया है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने बच्चों को तोहफे के रूप में प्रधानमंत्री विवेकाधीन कोष से 50 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने आगे लिखा है कि पीएम सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत पांच दोनों बच्चों का बीमा किया जाएगा। पांच साल तक बीमा प्रीमियम का भुगतान प्रधानमंत्री विवेकाधीन कोष से ही होगा। 



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यह था पूरा मामला 

कोटा में पूजा बंजारा दिहाड़ी मजदूर थी। साल 2013 में उसकी हत्या के बाद अनाथ हुए सूरज और सलोनी कोटा में मधु स्मृति संस्थान में रह रहे हैं। जहां काउंसलिंग के दौरान दोनों ने अपने पुश्तैनी घर की जानकारी दी। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर पुलिस की तलाशी में बच्चों के पुश्तैनी घर से सोने-चांदी के जेवरात और एक बॉक्स में एक हजार के 22 व 500 के 149 पुराने नोट यानी 96 हजार 500 रुपए मिले थे। इसके बाद 17 मार्च को नोटों को बदलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को पत्र लिखा। 22 मार्च को आरबीआई ने ई-मेल के जरिए सूचना दी कि अंतिम तिथि के बाद अब नोट नहीं बदले जा सकेंगे। जिसके बाद बच्चों ने पीएमओ को चिट्ठी लिख पुराने नोट बदलवाने की मांग की थी। संस्थान संचालिका डॉ. अंजलि निर्भीक ने पीएमओ को ट्विट किया था।

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