रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया तो हो जाएगा मैरीज गार्डन सीज

Kota, Rajasthan, India
रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया तो हो जाएगा मैरीज गार्डन सीज

कोटा मैरिज गार्डन संचालकों को अब हर हाल में रजिस्ट्रेशन कराना ही होगा। उन्हें 10 रुपए प्रतिवर्ग गज प्रतिवर्ष शुल्क देना होगा। अन्यथा नगर निगम प्रशासन उन पर कार्रवाई करेगा।

शहर में पिछले कई वर्षों से नगर निगम की बिना अनुमति के धड़ल्ले से मैरिज गार्डन संचालित हो रहे थे। जब निगम ने संचालकों को रजिस्ट्रेशन के लिए बाध्य किया तो मैरिज गार्डन संचालकों ने जयपुर से कोटा में अधिक शुल्क होने का बहाना बनाकर टाल दिया। 


इस पर मामला राज्य सरकार के पाले में चला गया, लेकिन अब सरकार ने निगम को संचालकों से 25 रुपए प्रतिवर्ग गज प्रतिवर्ष के स्थान पर 10 रुपए प्रतिवर्ग गज प्रतिवर्ष शुल्क वसूलने की अनुमति दी है। एेसे में मैरिज गार्डन संचालकों को अब हर हाल में रजिस्ट्रेशन कराना ही होगा। अन्यथा नगर निगम प्रशासन उन पर कार्रवाई करेगा। लेकिन अभी निगम संचालकों को रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने को लेकर नोटिस देने की तैयारी में है।



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जानकारी के अनुसार शहर में संचालित हो रहे मैरिज गार्डनों को अब संचालन के लिए नगर निगम की अनुमति लेनी ही होगी। राज्य सरकार की आेर से अनुमति शुल्क की दर 25 रुपए प्रति वर्ग गज की जगह 10 रुपए प्रति वर्ग गज प्रतिवर्ष कर दिए जाने के बाद अब इसके लिए चला आ रहा विवाद खत्म हो गया है। 


इसके बाद अब निगम ने मैरिज गार्डन संचालकों पर संचालन के लिए निगम से अनुमति लेने के लिए सख्ती करने की तैयारी कर ली है। नगर निगम की आेर से 148 मैरिज गार्डनों की उपलब्ध सूची में से सभी को अनुमति के लिए आवेदन करने को नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है। सोमवार को इसके लिए नोटिस जारी हो जाएंगे। नोटिस में यह भी कहा गया है कि मैरिज गार्डन संचालक अनुमति शुल्क जमा कराने के साथ ही अपने मैरिज गार्डन के निर्माण की स्वीकृति, फायर एनओसी तथा पार्र्किंग की जगह के बारे में भी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें।



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अब तक यह था विवाद

राज्य सरकार की ओर से नगर निगम क्षेत्रों में स्थित मैरिज गार्डनों की अनुमति के लिए 25 रुपए प्रतिवर्ग गज प्रतिवर्ष राशि तय की थी। इसके बाद जयपुर नगर निगम की ओर से बोर्ड की बैठक में इसे 10 रुपए प्रति वर्ग गज करने का प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को अनुमोदन के लिए भेज दिया। राज्य सरकार ने इसका अनुमोदन भी कर दिया। इसके चलते जयपुर में 10 रुपए प्रति वर्ग गज व कोटा में यही शुल्क 25 रुपए प्रतिवर्ग गज प्रति वर्ष होने के कारण मैरिज गार्डन संचालक इसे अव्यवहारिक बताते हुए अनुमति शुल्क जमा नहीं करवा रहे थे। 


इसके बाद कोटा नगर निगम ने भी बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लेकर इस शुल्क को 10 रुपए प्रति वर्ग गज ही कर दिया और प्रस्ताव अनुमोदन के लिए राज्य सरकार को भेज दिया, लेकिन राज्य सरकार ने एक बार तो प्रस्ताव नामंजूर कर 25 रुपए प्रतिवर्ग गज के हिसाब से ही अनुमति शुल्क वसूलने के निर्देश जारी कर दिए, लेकिन राज्य सरकार को इस बारे में बताया गया कि शहर में इसे लेकर आक्रोश है तथा कोई भी मैरिज गार्डन संचालक राशि जमा कराने के लिए तैयार नहीं है तो इसके बाद स्वायतशासन विभाग ने हाल ही में इसे 10 रुपए प्रति वर्ग गज के हिसाब से ही वसूलने के निर्देश जारी कर दिए।


राजस्व समिति नगर निगम अध्यक्ष महेश गौतम लल्ली का कहना है कि 'मैरिज गार्डन संचालकों को अब अनुमति शुल्क जमा कराना ही होगा। अब 10 रुपए प्रतिवर्ग गज प्रतिवर्ष ही राशि वसूली जा रही है। मैरिज गार्डन संचालक तत्काल आवेदन कर शुल्क जमा कराएं इसके बाद सख्ती होगी।'

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