37200 किसानों के 19 करोड़ के क्लेम पर कुंडली मारकर बैठे बैंक अधिकारी

shyam choudhary

Publish: Jul, 16 2017 05:51:00 (IST)

Nagaur, Rajasthan, India
37200 किसानों के 19 करोड़ के क्लेम पर कुंडली मारकर बैठे बैंक अधिकारी

बैंकों ने किसानों का प्रीमियम काटने के बावजूद नहीं भेजी पूरी जानकारी, कम्पनी ने अटकाया फसल बीमा क्लेम- बीमा कम्पनी ने प्रथम चरण में जारी किए थे 36.68 करोड़ रुपए

नागौर. बैंक अधिकारियों की कारस्तानी कहिए या अकर्मण्यता, जिसके कारण जिले के 37 हजार 200 किसानों का 19 करोड़ रुपए से ज्यादा फसल बीमा क्लेम आठ माह बाद भी उन्हें नहीं मिल पाया है। बीमा कम्पनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड ने यह कहते हुए किसानों का क्लेम रोक दिया कि उसे अब तक बैंकों से पर्याप्त रिकॉर्ड नहीं मिला है। सोचने वाली बात यह है कि किसानों को गत वर्ष का बीमा क्लेम अब तक नहीं मिला, जबकि खरीफ-2017 की बुआई लगभग पूरी हो चुकी है। 



यह बात गत दिनों जयपुर में कृषि आयुक्त विकास एस. भाले की अध्यक्षता में आयोजित सभी जिलों के कृषि उप निदेशक, लीड बैंक अधिकारी एवं बीमा कम्पनी के अधिकारियों की बैठक में सामने आई, जब कम्पनी के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें नागौर के 37 हजार 200 किसानों के प्रपत्र-5 अब तक नहीं मिले। 


यह स्थिति केवल नागौर में ही नहीं है, बल्कि पूरे राजस्थान में है और प्रदेश के लाखों किसानों का गत वर्ष का बीमा क्लेम इसलिए अटका हुआ है, क्योंकि बैंक अधिकारियों ने कम्पनी को पूरे दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। 


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गौरतलब है कि खरीफ-2016 में बीमा कम्पनी ने जिले के 3 लाख 72 हजार किसानों का फसल बीमा किया, जिसमें से एक लाख 8 हजार किसानों की फसलों में नुकसान मानते हुए उनका  क्लेम पास किया गया। इनमें से 71 हजार किसानों को गत ८ जून  को 36 करोड़ 68 लाख रुपए का क्लेम जारी किया है, जबकि द्वितीय चरण में जिले के 37 हजार 200 किसानों का करीब १९ करोड़ रुपए का क्लेम पास किया गया, लेकिन बीमा अधिसूचना की शर्तों के अनुसार प्रपत्र-5 नहीं मिलने से कम्पनी ने यह राशि बैंकों को हस्तांतरित नहीं की। 


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सबसे ज्यादा को-ऑपरेटिव बैंक के बकाया

बीमा कम्पनी द्वारा उपलब्ध करवाई गई सूचना के अनुसार जिले में सबसे ज्यादा बकाया सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक नागौर के प्रपत्र बकााय हैं। इस अकेले बैंक के 11 हजार 758 किसानों के प्रपत्र जमा नहीं करवाए गए हैं, जबकि सीकर पंजाब नेशनल बैंक के 6 हजार 471, सुजानगढ़ की एसबीआई के 4 हजार 216, मारोठ की एसबीबीजे के 2 हजार 407 सहित अन्य बैंकों के 37 हजार 200 किसानों के दस्तावेज पेंडिंग हैं। 


हमने की थी सहयोग की पेशकश

गत माह 23 तारीख को जयपुर में बैठक होने के बाद 29 जून को नागौर एडीएम सीआर झाझडि़या की अध्यक्षता में बैंक अधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें हमने बताया कि प्रपत्र-5 बीमा कम्पनी को नहीं भेजने के कारण 37 हजार 200 किसानों का फसल बीमा क्लेम अटका हुआ है। एडीएम सर ने बैंक अधिकारियों को जल्द से जल्द प्रपत्र भिजवाने के निर्देश दिए थे। मैंने भी उन्हें सुपरवाइजर के माध्यम से सहयोग की पेशकश की थी, लेकिन अब तक हमसे किसी भी बैंक अधिकारी ने सहयोग नहीं मांगा है। 

- हरजीराम चौधरी, उप निदेशक, कृषि विभाग, नागौर

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