मरू क्षेत्र में अब इजराइल की तकनीक के पॉली हाउस बन रहे वरदान

rajendra denok

Publish: Feb, 15 2017 10:57:00 (IST)

Pali, Rajasthan, India
मरू क्षेत्र में अब इजराइल की तकनीक के पॉली हाउस बन रहे वरदान

पाली. मरू क्षेत्र में चंद फसलों से संतोष करने वाले किसानों के लिए पॉली हाउस वरदान साबित हो रहा है। खास बात यह है कि 50 प्रतिशत लागत सब्सिडी और फसलों की शत-प्रतिशत सुरक्षा के साथ जिले के किसान इसे अपना रहे हैं। हाल ही में अहमदाबाद से आई एक टीम ने शहर के समीप एक खेत में जिले के सबसे बड़े पॉली हाउस में से एक का मुआयना किया है। पहले जहां बारिश और बांधों पर निर्भर हमारे क्षेत्र की खेती अब कम पानी और उन्नत तकनीक से नए आयाम स्थापित कर रही है। पाली में बीते कुछ वर्ष में इजराल की तकनीक के पॉली हाउस स्थापित किए गए हैं। ये पॉली हाउस जहां सरकार से सब्सिडी प्राप्त है तो वहीं कई प्रकार से आम जन को लाभ देने वाले हैं। खास बात यह है कि ये पॉली हाउस अब तक किसानों को शत-प्रतिशत फायदा देने वाला ही साबित हो रहे हैं।

इस प्रकार है पॉली हाउस की स्थिति

- 10 बीघा में पॉली हाउस

- ढाई-ढाई बीघा के चार अलग-अलग डोम

- एक डोम पर करीब 47 लाख का खर्च

- इस पर 50 प्रतिशत सब्सिडी सरकार देती है

इस प्रकार मिलती है सब्सिडी

यह सब्सिडी नेशनल हॉर्टीकल्चर बोर्ड की ओर से दी जाती है। इसके लिए संबंधित जमीन के दस्तावेज और प्लान के साथ आवेदन किया जा सकता है। कुल लागत की 50 प्रतिशत राशि सरकार की ओर से अनुदान में दी जाती है। एेसा मरू क्षेत्र में पॉली हाउस खेती को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।

एक यूनिट में 12 हजार पौधे

ढाई बीघा के एक डोम में एक फसल के करीब 12 हजार पौधे लगा सकते हैं। गुजरात से आए कंपनी के एक्सपर्ट बताते हैं कि वर्ष की खेती में करीब 8-9 लाख का मुनाफा कमाया जा सकता है। इसी कारण लोगों का रुझान पॉली हाउस की ओर बढ़ा है।

गर्मी में रहता है ठण्डा

पॉली हाउस की तकनीकी एेसी होती है कि यदि तेज गर्मी भी पड़ रही है तो फव्वारा सिस्टम कम कर पूरे डोम में नमी लाई जा सकती है। इसी कारण तेज गर्मी में भी सर्दियों की फसल तैयार कर ली जाती है। इसके साथ ही सिंचाई के लिए ड्रिप इरिगेशन और खाद को सीधे पौधे तक पहुंचाने का सिस्टम भी लगा होता है।

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