आरटीयू के कोर्सेज को एआईसीटीई का तमगा

shailendra tiwari

Publish: Apr, 21 2017 12:33:00 (IST)

Kota, Rajasthan, India
आरटीयू के कोर्सेज को एआईसीटीई का तमगा

गत दिनों एआईसीटीई की टीम ने आरटीयू का निरीक्षण किया था

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) में संचालित कोर्सेज को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की मान्यता मिल चुकी है। एेसे में इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र में आरटीयू की साख और बढ़ गई है। गत दिनों  एआईसीटीई की टीम ने आरटीयू का निरीक्षण किया था। इसके बाद परिषद के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय से आरटीयू में संचालित कोर्सेज पर परिषद ने अपनी स्वीकृत दे दी। इसका फायदा यह होगा कि अब एमटेक के दौरान छात्र ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे।

इन कोर्सेज को मान्यता 

आरटीयू के शैक्षणिक विभागों में सभी बीटेक कोर्सेज जैसे सिविल, कम्प्यूटर, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, पी एंड आई, आईटी पेट्रोलियम, पेट्रो कैमिकल्स, इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कण्ट्रोल, एयरोनॉटिकल तथा एमटेक के पावर सिस्टम, पॉवर इलेक्ट्रोनिक्स, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग, जियोटेक्निकल इंजीनियरिंग, एनवॉयरनमेंटल इंजीनियरिंग, मशीन डिजाइन, रिन्युएबल एनर्जी, डिजीटल कम्यूनिकेशन, कण्ट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन, कम्प्यूटर साइंस, इण्डस्ट्रियल इंजीनियरिंग एवं मैनेजमेंट, नैनो टेक्नोलॉजी एवं एमबीए आदि एआईसीटीई से अनुमोदित हो गए हैं। आरटीयू कुलपति प्रो. एनपी कौशिक ने इसके लिए विवि के सभी अधिकारियों एवं शिक्षकों को बधाई दी। 

छात्रवृत्ति के अवसरों में वृद्धि

अनुसंधान परियोजनाओं के लिए अनुदान देने वाले सरकारी विभाग केवल एआईसीटीई से अनुमोदित शिक्षण संस्थानों के प्रस्ताव स्वीकार करते हैं। इस लिहाज से आरटीयू को अब अनुदान मिल सकेंगे। छात्रवृत्ति के अवसरों में वृद्धि होगी। एआईसीटीई से पाठ्यक्रम अनुमोदित होने के बाद अब नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडेशन से भी मान्यता आसानी से मिल सकेगी। इससे आरटीयू के प्रमुख विभागों में क्वालिटी इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम के तहत एमटेक व पीएचडी प्रोग्राम में कुछ सीटें आवंटित होने की संभावना बनी है।

नहीं बना सकेंगे दो कोर्स मिलाकर एक 

इधर, एआईसीटीई ने इंजीनियंिरग कॉलेजों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कई ऐसे इंजीनियरिंग कॉलेज हैं जहां दो कोर्स मिलाकर एक कोर्स बनाकर डिग्री देने पर एआईसीटीई ने रोक लगा दी है। एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग की डिग्रियों के नामों की सूची जारी की है, जिसमें मौजूद नामों के ही कोर्स संस्थान चला सकेगी। अभी तक कॉलेज अपना कोर्स डिजाइन करके एआईसीटीई की मंजूरी लेकर नए कोर्स चला लेते थे। जैसे मैकेनिकल इंजीनियरिंग के साथ कम्प्ूटर साइंस या इलेक्ट्रिकल साइंस के साथ एनवायरमेंट इंजीनियरिग जोड़कर। अब इस तरह के कोर्स नहीं चल सकेंगे। 


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