अजब फरमान : शौचालय नहीं बना तो सरकार ने छीन लिया तंगहाल परिवार का निवाला

laxman singh

Publish: Jul, 12 2017 01:37:00 (IST)

Rajsamand, Rajasthan, India
अजब फरमान : शौचालय नहीं बना तो सरकार ने छीन लिया तंगहाल परिवार का निवाला

तिरपाल के नीचे रहकर गुजर बसर कर रही विधवा का ग्राम पंचायत ने पेंशन बद कर निवाला ही छीन लिया। गरीब तबके इस महिला के लिए दो वक्त का गुजारा ही मुश्किल है, मगर बेरहम प्रशासन को जरा भी दया न आई।

वह 6  बच्चों के साथ तिरपाल के नीचे गुजारा कर रही है और घर में खाने के दाने तक नहीं हैं। लेकिन, इसके बावजूद सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों का दिल नहीं पसीजा। इसके चलते उन्होंने शौचालय नहीं होने से इस महिला की न सिर्फ पेंशन बंद कर दी, बल्कि उसे नरेगा में मजदूरी तक नहीं दे रहे। 


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यह मामला है क्षेत्र की ग्राम पंचायत ताल के समेती गांव में रहने वाली तोली देवी का, जिसके पति नीमसिंह की करीब 6  माह पूर्व टीबी की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। पति की मौत के बाद 6  बच्चों और स्वयं की रोजी-रोटी का भार इस महिला पर ही है। इसके बावजूद महिला की पेंशन सिर्फ इसलिए बंद कर दी गई कि उसने घर पर शौचालय नहीं बनवा रखा है। जबकि, वास्तविकता यह है कि महिला का कोई घर ही नहीं है और वह अपने खेत पर ही तंबू और तिरपाल लगाकर जैसे-तैसे गुजर बसर कर रही है। इसके बाद भी जब उस पर शौचालय बनवाने का अत्यधिक दबाव डाला गया तो उसने इसके लिए टैंक निर्माण का गड्ढा तो खुदवा लिया, लेकिन आर्थिक स्थिति नहीं होने से वह इसके आगे काम शुरू नहीं करवा पा रही है। इसको लेकर पीडि़त पेंशन और नरेगा में काम के लिए कई बार ग्राम पंचायत के कई चक्कर काट चुकी है। लेकिन, वहां से उसे हर बार शौचालय बनवाकर आने के लिए ही कहा जाता है। उसके पास नरेगा के तहत जॉब कार्ड भी बना हुआ है, लेकिन फिर भी काम नहीं दिया जा रहा। 


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फेंक दिया जॉब कार्ड

पीडि़त महिला के बार-बार पंचायत में जाकर काम मांगने व पेंशन शुरू कराने का कहने पर कार्मिकों ने उसका जॉब कार्ड तक फेंक दिया। इसके बाद महिला ने इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भी मदद की गुहार लगाई है। पत्रमें बताया कि पति की मृत्यु के बाद उसने कर्ज लेकर पति के सामाजिक क्रिया कर्म किए। इससे उसके पास अब इतने रुपए नहीं कि वह शौचालय बनवा सके, जिसके बावजूद सरपंच एवं सचिव उसकी कोई सहायता नहीं कर रहे। मजदूरी नहीं मिलने से उसका व बच्चों का पेट पालना मुश्किल हो रहा है तो वह शौचालय कहां से बनाए। पीडि़त ने पत्र में विधवा पेंशन, पालनहार योजना के तहत सहायता स्वीकृत कराने व पट्टा दिलाने की गुहार लगाई है। इस मामले को लेकर ताल के ग्राम रोजगार सहायक टीकम सिंह ने बताया कि यदि ऐसी स्थिति है तो महिला को अगले मास्टररोल में महानरेगा अंतर्गत काम पर लगा दिया जाएगा।

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