आकाश में शनिदेव के होंगे दर्शन : यह चमत्कार नहीं, बल्कि विज्ञान व ज्योतिष का है परिणाम

Rajsamand, Rajasthan, India
आकाश में शनिदेव के होंगे दर्शन : यह चमत्कार नहीं, बल्कि विज्ञान व ज्योतिष का है परिणाम

कोई भी व्यक्ति घर बैठे शनिदेव के प्रत्यक्ष दर्शन कर सकेगा। रात में बिना दूरबीन के आसानी से देख सकेंगे

15 जून को शहर-देहात में कोई भी व्यक्ति घर बैठे शनिदेव के प्रत्यक्ष दर्शन कर सकेगा। जी हां, यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि विज्ञान और ज्योतिष की खोज का ही परिणाम है। क्योंकि 15 जून को शनि ग्रह 15 करोड़ किमी. तक पृथ्वी के नजदीक होंगे, जिससे हर कोई खुली आंखों से रात में बिना दूरबीन के आसानी से देख सकेंगे। इसी दिन शनि, पृथ्वी व सूर्य एक ही सीध में होंगे। इसके लिए मोबाइल पर स्काई मेप एप्स अपलोड करके भी शनि के प्रत्यक्ष व आसानी से दर्शन किए जा सकते हैं। 


READ MORE : मार्बल ब्लॉक गिरा, रोटी की तरह पिचका श्रमिक : घायल श्रमिक को देख कांप गया हर कोई

ज्योषित भरत कुमार खंडेलवाल ने बताया कि 21 जून 2017 को शनि वक्रगति से पिछली राशि वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा, जहां चार महीने तक वक्री रहने पर 26 अक्टूबर 2017 को पुन: मार्गी गति से धनु राशि में प्रवेश करेगा। वक्रीय गति के चलते शनि ढाई वर्ष की बजाय 3 वर्ष तक राशि में भ्रमण करेगा। वक्री मंगल औसत डेढ़ माह एक राशि में रहने के बजाय 6 माह तक बना रहेगा। 


READ MORE : ट्रोली ने रोक दी श्रमिक की सांसे : मार्बल कटर पर खौफनाक हादसा, कांप उठी हर किसी की रूह


आकाश में शनि को यूं पहचाने 

15 जून को दक्षिण पूर्वी क्षितिज पर रात 9 बजे उदित होगा। धरातलीय वायु सघनता प्रदूषण, धुल के कणों के कारण रात 9.30 बजे बाद दक्षिण पूर्वी क्षितिज में 20 डिग्री पर श्वेत सतत प्रकाशमान दुधिया रोशनी का ग्रह आसानी से पहचाना जा सकेगा। इसे आगामी 4 माह तक बढ़ती ऊंचाई से देखा जा सकेगा। 


READ MORE : सरकार की कंजूसी से व्यर्थ बहेगा अमृत, अफसरों ने भी खड़े कर दिए हाथ


एंड्रॉयड मोबाइल से दर्शन का तरीका 

प्ले स्टोर में जाकर स्काई मेप एप डाउनलोड करना होगा। फिर एप को ओपन कर राशियों, गेलेक्सियों आदि सात ऑप्शन में से केवल ग्रहों के ऑप्शन ओके अर्थात् पीला कर दे। फिर दाईं तरफ के ऑप्शन खोले, जिसमें केलिबरेट को ऑके करना है। यदि लोकेशन आगे पीछे या गलत बताए, तो मोबाइल कम्पाज को आगे पीछे, ऊपर व नीचे, दाएं-बाएं करके कम्पाज को सेट किया जा सकता है। ऊपर सर्च के ऑप्शन में ग्रहों को सर्च करें, जैसे शनि शर्टन। फिर गोल घेरा तीन का निशान दर्शाएगा। इसी सीध में जो दूधिया रोशनी वाला सतत प्रकाशमान तारा शनि दिखाई देता है, जिसे बिना दुरबीन के खुली आंखों से आसानी से दक्षिण पूर्व दिशा में देखा जा सकता है। लेजर लाइट से रात को आसानी से प्रत्येक तौर पर अलग अलग दिखाया जा सकता है। 


READ MORE : केन्द्र व राज्य सरकारों के आदेश और बजट को ठुकरा रहे राजसमंद नगरपरिषद के अफसर


राहु-केतू हमेशा वक्री 

सूर्य व चंद्रमा के परिक्रमण पथ पर जो कटाव के दो बिन्दु माने गए हैं। उन्हें क्रमश: राहु व केतू स्थान दिया है। इनका आकाश में भौतिक अस्तित्व नहीं है। इनका 18 माह में पिछली राशि में परिवर्तन होता है, जिससे सूर्य व चन्द्र ग्रहण होते हैं। 

कौनसा ग्रह कब होता है वक्री : बुध ग्रह 115 दिन बाद वक्री होता है। इसी तरह शुक्र ग्रह 571 दिन में, मंगल ग्रह 780 दिन में, गुरू ग्रह 399 दिन में व शनि ग्रह 378 दिन में वक्री होता है। 


READ MORE : रात में गांव की चौपाल पर एक घंटे बैठे रहे कलक्टर और 50 अफसर, ग्रामीण रहे बेखबर


वक्री शनि के 12 राशियों पर प्रभाव 

मेष : विधिध कार्य बाधा, व्याधियां, विघ्न बाधाएं, कार्य विलंब ऋण 

वृषभ : साझेदारी, संधि, मैत्री, श्रेष्ठ दाम्पत्य जीवन श्रेष्ठ दिनचर्या 

मिथुन : सुख, विजय, यश, लाभ प्रतियोगिताओं, चुनौतियों में सफलता 

कर्क : सन्तति सुख, यश, विद्या, पे्रम, प्रतिष्ठा प्रसन्न दिनचर्चा 

सिंह : मानसिक चिंता, परेशानियां, थकान, कार्यनाश, ऋण, हानि 

कन्या : मित्र बंधु सुख, सहयोग, विजय, लाभ, कार्य में सफलता 

तुला : भ्रमण खर्च, उत्सव तिर्थाटन, धन संचय, सुख समृद्धि विशेष 

वृश्चिक : पेअ विकार, असंतोष, ऋण, आर्थिक चिंता, कार्य बाधाएं, थकावट 

धनु : विग्रह विवाद, कार्य दक्षता में कमी, हानि, उद्वेग, प्रमाद, आलस्य 

मकर : आय, लाभ, सुख, समृद्धि, स्वजनों का सुख, सहयोग, ऐश्वर्य 

कुंभ : वृत्तिका विस्तार, पद प्रतिष्ठा, मान अधिकार, उन्नति, आत्मविश्वास 

मीन : नवीन कार्य योजना, भाग्य वृद्धि, धर्म यश, तिर्थाटन सुख, समृद्धि 


Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned