सीकर के इस बच्चे के हौसलों के सामने झुक गया एवरेस्ट, घर की सीढिय़ों पर ली थी ट्रेनिंग

Sikar, Rajasthan, India
सीकर के इस बच्चे के हौसलों के सामने झुक गया एवरेस्ट, घर की सीढिय़ों पर ली थी ट्रेनिंग

उम्र सात साल...और उपलब्धि एवरेस्ट के बैंस कैम्प तक पहुंचना।

 उम्र सात साल...और उपलब्धि एवरेस्ट के बैंस कैम्प तक पहुंचना। ये लिटिल चैम्प है फतेहपुर निवासी व पूना प्रवासी उद्योगपति राधेश्याम भरतिया का पौता अद्वैत।


अद्वैत इसी महीने की 13 तारीख को अपनी मम्मी पायल व अन्य के साथ एवरेस्ट फतह के लिए निकला था। 13 दिन की कठिन राह के बाद 26 नवंबर को 17 हजार 593 फीट की ऊंचाई चढ़कर अद्वैत ने बैंस कैम्प पार कर लिया।


पूने से फोन पर अद्वैत के दादा राधेश्याम भरतिया ने बताया कि अद्वैत अपनी मम्मी के साथ सुबह छह बजे बेस कैम्प के लिए रवाना होता और शाम छह बजे तक चढ़ाई तय करता। 13 दिन तक यह सिलसिला चलता रहा। इतना ही नहीं सात साल का अद्वैत सात भाषाओं में भी पारंगत है। वह हिन्दी, अंग्रेजी, स्पेन, जर्मनी, मराठी, चाइनीज तथा राजस्थानी भाषा बखूबी बोल लेता है।


मूल रूप से फतेहपुर के अद्वैत संगीत कला में भी माहिर है। राधेश्याम भरतिया बताते हैं कि अद्वैत की मम्मी पायल पर्वतारोही है। इसी कारण अद्वैत को इसका शौक लगा और इतनी छोटी सी उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर ली।


उल्लेखनीय है कि अद्वैत का परिवार फतेहपुर का मूल निवासी है। यहां उसके दादा, पड़दादा ने भरतिया अस्पताल सहित कई जनकल्याण के कार्य करवाए हैं। 

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