मुस्कुराया बचपन...दो साल में 50 से अधिक गुमशुदा व लावारिस बच्चों को मिलवाया अपने परिवार से, आपको भी होगा गर्व जब पढ़ेंगे यह खबर...

dinesh rathore

Publish: Jul, 16 2017 01:27:00 (IST)

Sikar, Rajasthan, India
मुस्कुराया बचपन...दो साल में 50 से अधिक गुमशुदा व लावारिस बच्चों को मिलवाया अपने परिवार से, आपको भी होगा गर्व जब पढ़ेंगे यह खबर...

चाइल्ड लाइन के जरिए अब-तक करीब 50 गुमशुदा व लावारिस बच्चों को उनके परिजन एवं रिश्तेदारों के हवाले किया जा चुका है।

चाइल्ड लाइन के जरिए अब-तक करीब 50 गुमशुदा व लावारिस बच्चों को उनके परिजन एवं रिश्तेदारों के हवाले किया जा चुका है। इधर-उधर भटक रहे बच्चों को पाकर अभिभावक भी गद्गद् हो गए। वहीं अपनों के बीच पहुंचकर बच्चे भी अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हालांकि इनमें कुछ बच्चे एेसे भी थे। जिनको राजकीय संप्रेषण गृह व बालिका गृह भिजवाया गया। ताकि वहां उनकी खाने-पीने व पढ़ाई तक की व्यवस्था उन्हे हासिल हो सके।


पुलिस को भी नहीं मिली सूचना


चाइल्ड लाइन के कोर्डिनेटर सुरेश छापोला के अनुसार करीब तीन महीने पहले चाइल्ड लाइन एक बच्चे को ग्वालियर से लेकर आई। जो कि, खाटुश्यामजी का रहने वाला था। जिसकी जानकारी पुलिस को भी नहीं लग पाई थी। लेकिन, ग्वालियर चाइल्ड लाइन के जरिए बच्चे को ढूंढ कर परिजनों के हवाले कर दिया गया। 20 जून को एक चार साल के बच्चे को शिवसिंहपुरा स्थित कच्ची बस्ती में उसके परिवार वालों को सौंपा गया। कुछ दिनों पहले बीकानेर चाइल्ड लाइन के जरिए गणेश्वर के एक बच्चे को उसके परिजनों तक पहुंचाया गया। जुलाई महीने में ही एक 14 साल की बच्ची को बिसातियान चौक में रह रहे उनके रिश्तेदारों को सौंपा गया है।


701 बच्चों को मिली मदद


चाइल्ड लाइन के निदेशक सुदीप गोयल के अनुसार विगत दो सालों में बच्चों से जुड़ी 3800 कॉल्स चाइल्ड लाइन के पास आई। जिनमें शारीरिक व मानसिक शोषण से 45 बच्चों को छुड़वाया गया। 184 बच्चों को बालश्रम व भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया। 58 बच्चों के लिए आश्रय सहित 701 बच्चों की कई प्रकार से मदद की गई। 1098 चाइल्ड लाइन का टोल फ्री नंबर है। जिस पर बच्चों से जुड़ी समस्याओं पर काम किया जाता है। 

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