#शेखावाटी में यहां महिलाओं को बुलाकर कर रहे थे ये घिनौना काम, जिसे सुनकर आप भी शर्म से हो जाएंगे पानी-पानी

Sikar, Rajasthan, India
#शेखावाटी में यहां महिलाओं को बुलाकर कर रहे थे ये घिनौना काम, जिसे सुनकर आप भी शर्म से हो जाएंगे पानी-पानी

शेखावाटी में भू्रण लिंग परीक्षण का मामला अभी थमा नहीं है। यहां पहले भी भ्रूण परीक्षण के कई मामले सामने आ चुके हैं। बतादें कि भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाला एक पूरा गिरोह है जो इस काम को अंजाम देता है। सोमवार को खेतड़ी में इस गिरोह को पकड़कर इसका पर्दाफाश किया गया।

खेतड़ी के बबाई गांव में भ्रूण लिंग परीक्षण करने वालों ने पहले यह घिनौना काम सीकर के कुड़ली बाइपास के पास स्थित एक जगह पर करना तय किया था। यहां एक होटल के पास आने के बाद लिंग परीक्षण की जगह बताई जानी थी। लेकिन शक होने पर लिंग परीक्षण करने वालों ने आखिरी समय पर प्लान बदल दिया। इसके बाद लिंग परीक्षण करने के लिए महिलाओं को कई बार दूसरी  जगहों पर बुलाया गया। आखिर में खेतड़ी तहसील के बबाई गांव में लिंग परीक्षण के लिए महिलाओं को ले जाकर काम को अंजाम दिया गया। इधर इशारा पाते ही पीसीपीएनडीटी की टीम ने डिकोय ऑपरेशन के तहत मौके पर लिंग परीक्षण करते तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनसे अवैध पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन जब्त ली। हालांकि इस दौरान लिंग परीक्षण के इस अंतराज्यीय गिरोह  का मास्टर माइंड रवि सिंह मौके से फरार हो गया। पकडे़ गए आरोपियों में रवि सिंह का सहयोगी सुमेर सैनी व दो अन्य दलाल राजेंद्र व संदीप शामिल हैं। जिन्हें सीकर न्यायालय में पेश किया जहां से 24 जून तक न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिया गया है। सीआई उमेश निठारवाल ने बताया कि झुंझुनूं जिले के सिंघाना निवासी रवि सिंह के बारे में लगातार सूचना मिल रही थी। जानकारी में आया कि यह श्ख्स पिछले छह महीनों से लगभग 15 जिलों सहित सीमावर्ती हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश राज्यों में भू्रण लिंग चयन कराने के गैर-कानूनी कार्य कर रहा है। मुखबिर की सूचना की पुष्टि के बाद मिशन निदेशक नवीन जैन ने डिकोय टीम का गठन कर झुंझुनूं कलक्टर दिनेश कुमार यादव व पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल से बातचीत की और कारवाई को अंजाम तक पहुंचाया।





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एेसे आए पकड़ में 


कार्रवाई में शामिल अधिकारियों के अनुसार 6-7 बार डिकॉय गर्भवती को भेजकर भू्रण लिंग जांच के लिए प्रयास किया। कुड़ली बाइपास के पास बाद रविवार को रवि सिंह नामक दलाल ने शाम छह बजे लिंग जांच हेतु दो गर्भवती महिलाओं को लेकर चिड़ावा पहुंचने को कहा। दलाल ने कुछ देर रेकी करने के बाद गाड़ी के चालक को झांझोत गांव के सर्किल पर मिलने की बात कही। वहां पहुंचने पर खरखड़ा उसके बाद खेतड़ी सरकारी अस्पताल के सामने तथा बाद में पपुरना नामक स्थान पर बुलाया। पपुरना से दलाल राजेन्द्र ने मोटरसाइकिल पर गर्भवती महिलाओं को बैठाकर संजय नगर स्थित ढाणी में लिंग जांच के लिए ले गया। यहां रात को करीब दस बजे बिजली नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को बबाई स्थित रवि सिंह के किराए के मकान में ले जाया गया। जहां पर रवि सिंह ने लिंग जांच कर गर्भवती महिलाओं को उनकी गाड़ी तक छोडऩे के लिए दलाल को रवाना किया। टीम ने इशारा मिलते ही कारवाई कर रवि सिंह के सहयोगी सुमेर सैनी को गिरफ्तार कर लिया।  अवैध पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन व काम में ली गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली। मास्टर माइंड रवि सिंह मौके का फायदा उठाकर अपनी स्विफ्ट गाड़ी में बैठकर पीछे के रास्ते से फरार हो गया। टीम ने गर्भवती महिलाओं को छोडने वाले दलाल राजेन्द्र को भी मौके पर ही दबोच लिया। सहयोगी दलाल संदीप को सिंघाना से गिरफ्तार किया गया।




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जमानत पर छूटने के बाद फिर करने लगे लिंग परीक्षण


पीसीपीएनडीटी के जिला समन्वयक नंदलाल पूनिया व सीएमएचओ विष्णु मीना के अनुसार लिंग परीक्षण करने के आरोप में रवि सिंह व उसका सहयोगी सुमेर पहले भी पकडे़ जा चुके हैं। लेकिन, एक प्रकरण विचारधीन चलने और एक मामले में जमानत मिलने के बाद दोनों वापस इसी काम में जुट गए थे। रवि सिंह महीने में करीब 20 से 25 भ्रूण लिंग परीक्षण करता था। जबकि वह इतना ज्यादा पढ़ा लिखा भी नहीं बताया जा रहा है।   गिरोह का मुख्य सरगना रवि सिंह है। जिसने पूरी गैंग तैयार कर रखी है। हर सदस्य के के अलग-अलग काम बांट रखे हैं।


पत्रिका ने चेताया था


राजस्थान पत्रिका ने सीमावर्ती गांवों में लिंग परीक्षण करने वाले दलालों के सक्रिय होने की खबर 10 जून को ही प्रकाशित कर चेताया दिया था। इधर, पीसीपीएनडीटी टीम ने डिकोय ऑपरेशन कर लिंग परीक्षण करने वालों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ भी लिया। 

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