8वीं पास डॉक्टर करता था ये घिनौना काम, पकड़ा गया तो हुआ खुलासा

dinesh rathore

Publish: Apr, 19 2017 03:35:00 (IST)

Sikar, Rajasthan, India
8वीं पास डॉक्टर करता था ये घिनौना काम, पकड़ा गया तो हुआ खुलासा

राज्य पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ ने मंगलवार को डिकोय ऑपरेशन कर भ्रूण लिंग जांच करते आठवीं पास झोलाछाप डॉक्टर हरफूल को एक बार फिर इस धंधे में लिप्त होने के कारण गिरफ्तार किया है।

राज्य पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ ने मंगलवार को डिकोय ऑपरेशन कर भ्रूण लिंग जांच करते आठवीं पास झोलाछाप डॉक्टर हरफूल को एक बार फिर इस धंधे में लिप्त होने के कारण गिरफ्तार किया है। खंडेला निवासी तथाकथित डॉक्टर अपनी सहयोगी महिला के साथ 30 हजार रुपए में नकली सोनोग्राफी मशीन से जांच कर रहा था। हालांकि लिंग जांच में लड़की बताते हुए हरफूल ने गर्भपात कराने की सलाह भी दे डाली थी। इस काम के बदले उसने अलग से 30 हजार रुपए की मांग बोगस ग्राहक के सामने रखी थी। इस डिकोय ऑपरेशन में उसकी सहयोगी महिला सुशीला मीणा को भी गिरफ्तार करते हुए मौके से सोनोग्राफी जांच के लिए काम में ली जाने वाली नकली मशीन को भी जब्त कर लिया है। कार्रवाई की स्विजरलैंड की टीम ने डाक्यमेंट्री भी बनाई है जो जल्द प्रसारित की जाएगी।




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परियोजना निदेशक पीसीपीएनडीटी रघुवीर सिंह ने बताया कि कई माह से अचरोल में बंद राहुल नर्सिग होम में एक चिकित्सक द्वारा भू्रण लिंग जांच की सूचना मिल रही थी। पुष्टि के बाद डिकॉय महिला व सहयोगी महिला को बोगस ग्राहक बनाकर भिजवाया गया। उन्हें यहां बंद पड़े राहुल नर्सिग होम में ठहराया एवं भ्रूण लिंग जांच के लिए 30 हजार रूपए दलाल सुशीला मीणा ने लिए। इसके बाद सुशीला डॉक्टर को गर्भवती महिला के आने की सूचना दी। एक घंटे इंतजार के बाद तथाकथित डॉक्टर हरफूलसिंह आया। आठवीं पास हरफूल ने बंद कमरे में गर्भवती महिला की भू्रण लिंग जांच कर गर्भस्थ शिशु के लिंग की जानकारी दी। गर्भपात कराने की सलाह देते हुए 30 हजार रूपए और मांगे। लेकिन, इशारा मिलते ही टीम ने कार्रवाई कर सुशीला व आरोपी हरफूलसिंह को गिरफ्तार कर लिया। काम में ली जाने वाली हरफूलसिंह की डिजायर गाड़ी भी जब्त कर ली।  कार्रवाई में सीआई उमेश निठारवाल, सांवरमल, लालूराम, सीकर पीसीपीएनडीटी जिला समन्वयक नंदलाल पूनिया, विक्रम सिंह, बबीता चौधरी, मनीषा व संजीव महला शामिल थे। 




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जमानत पर छूटा और लग गया इसी काम में


पीसीपीएनडीटी जिला समन्वयक नंदलाल पूनिया ने बताया कि इससे पहले 7 मई 2016 को पुरा की ढाणी में अपंजीकृत मशीन से लिंग जांच करते झोलाछाप डॉक्टर हरफूल को एक सरकारी कंपाउंडर के साथ पकड़ा था। कंपाउंडर एसके अस्पताल का था। दोनों को गिरफ्तार करने के बाद हरफूल जमानत पर छूट गया था और वापस इसी धंधे में उतर गया था। जानकारी में आया है कि हरफूल खंडेला का रहने वाला है। जिसने   अपने आप को मनीष चौधरी के   नाम से भी स्थापित कर रखा है। हरफूल के सीकर जिले में काफी जगह रिश्तेदारी है। 





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12 घंटे हरफूल के पीछे लगी रही टीम


डिकोय ऑपरेशन करने राज्य टीम सुबह पांच बजे रवाना हुई थी। आरोपियों को पकडऩे के लिए 12 घंटे लगातार गाडि़यों से पीछा किया। इसके बाद शाम पांच बजे कार्रवाई पूरी कर टीम के सदस्यों ने राहत की सांस ली। क्योंकि शातिर हरफूल भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए पल-पल प्लान बदल रहा था। कभी कहां और कभी कहीं जांच के लिए बुला रहा था। टीम के अनुसार यह झोलाछाप डॉक्टर सैंकड़ों भू्रण लिंग जांच कर चुका है। जांच में ज्यादातर लड़की बताकर झूठी सूचना देकर कइयों के गर्भपात करा चुका है।

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