सावधान! क्या आप भी कर रहे है विदेश से एमबीबीएस, अगर हां तो जरूर पढ़े यह खबर...

Sikar, Rajasthan, India
सावधान! क्या आप भी कर रहे है विदेश से एमबीबीएस, अगर हां तो जरूर पढ़े यह खबर...

विदेशों से एमबीबीएस कर रहे विद्यार्थियों के साथ ठगी का खेल खेला जा रहा है। कन्सलटेंट वन टाइम के नाम से जेब ढि़ली कर रहे है।

अजय शर्मा. विदेश से पढ़ाई कर डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले युवाओं की उम्मीदों पर कन्सलटेंट बड़ा दांव खेल रहे हैं। विदेश में प्रवेश का दावा करने वाले दलाल कन्सलटेंसी फीस, हॉस्टल, पंजीयन सहित अन्य फीस के नाम पर युवाओं की जेब ढ़ीली कर रहे हैं। प्रदेश से हर वर्ष ढाई से तीन हजार से अधिक युवा एमबीबीएस करने के लिए विदेश जाते हैंए लेकिन 700-800 युवक बीच में ही पढ़ाई छोड कर आ रहे हैं। पत्रिका ने इस मामले की पड़ताल की तो सामने आया कदम-कदम पर ठगी का बड़ा खेल। सबसे ज्यादा ठगी के शिकार युवा सीकर, चूरू, झुंझुनूं, अलवर, भरतपुर, अजमेर, भीलवाड़ा इलाके के हैं, लेकिन महीनों बाद दलाल युवाओं से समझौता कर लेते है। इस कारण पुलिस के पास महज कुछ शिकायत दर्ज हुई।


इन विद्यार्थियों की पीड़ा से समझे ठगी


केस एक: बदलना पड़ा कॉलेज

सीकर निवासी छात्र शक्तिसिंह ने एमबीबीएस के लिए जयपुर व दिल्ली के कई कन्सलटेंट से सम्पर्क किया। आखिर में एक कन्सलटेंट के जरिए कजाकिस्तान में प्रवेश ले लिया। वहां विद्यार्थियों को निजी हॉस्टल में प्रवेश के लिए वाध्य किया गया। एडवांस फीस के लिए भी दबाव बनाया गया। इसके बाद मजबूरन वापस आना पड़ा। फिलहाल वह चीन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।


केस दो: बीच में छोडऩी पढ़ी पढ़ाई

करौली जिले के पांच विद्यार्थियों ने दो वर्ष पहले रुस में एमबीबीएस के लिए प्रवेश लिया। इन विद्यार्थियों से कन्सलटेंट ने दो वर्ष की एक साथ फीस जमा करा ली। विद्यार्थियों को मौसम, फीस व खानपान को लेकर काफी झांसे दिए गए। लेकिन वहां दावों से सब कुछ होने के कारण वह छोडकर आ गए। अब पांचों विद्यार्थी बीबीए की पढ़ाई कर रहे है।



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वन टाइम पैमेंट  


प्रदेश के कई विद्यार्थी वन टाइम पैमेंट के जरिए ठगी के शिकार हो रहे हैं। कई कन्सलटेंट मैनेजमेंट फीस, विश्वविद्यालय विकास फीस, कन्सलटेंसी फीस सहित अन्य फीस वसूलते है। जबकि विदेश में इस तरह की कोई फीस नहीं होती है। विदेश में एमबीबीएस  के लिए ट्यूशन फीस, हॉस्टल फीस, इंश्योरेस, वीजा व मेडिकल फीस के अलावा किसी भी तरह की फीस नहीं वसूली जाती है। एक्सपर्ट वेद कुमार ने बताया कि कन्सलटेंट का ऑथोरिटी लेटर देखे बिना किसी भी तरह का लेनदेन नहीं करना चाहिए।


खुद को बताते है डॉक्टर


प्रदेश के कई कन्सलटेंसी संचालक खुद को डॉक्टर बताते है। पत्रिका ने पांच कन्सलटेंसी को फोन कर आरएमसी के पंजीयन नंबर के बारे में पूछा तो फोन ही काट दिया। इसके बाद दोबारा कॉल किया तो यह नंबर बंद कर दिया। जबकि कन्सलटेंसी के कर्मचारियों ने फोन रिसीव किए। कर्मचारियों का कहना है कि डॉक्टर साहब ही पंजीयन नंबर की जानकारी दे सकते है।


ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान


  • एमबीबीएसएस में प्रवेश के समय आयु 31 दिसम्बर तक 17 वर्ष होनी चाहिए।
  • एससी, एसटी, ओबीसी के विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 40 व सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 50 फीसदी अंक फिजिक्स, कैमेस्ट्री व बायोलॉजी में होना जरूरी है।
  • विदेश जाने से पहले विद्यार्थी को स्वयं को एमसीआई जाकर अर्हता प्रमाण पत्र लेना आवश्यक है।

  • जिस संस्थान में दाखिला ले रहे है वहां की एमसीआई सहित अन्य माध्यमों से पूरी जानकारी जुटाए।
  • फीस कन्सलटेंट को देने के बजाय सीधे विवि में जमा कराए।

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