जिसके सिर से छिना था मां-बाप का साया, अब उन्हें समाज ने दिया ऐसा तोहफा...

dinesh rathore

Publish: Mar, 18 2017 12:59:00 (IST)

Sikar, Rajasthan, India
जिसके सिर से छिना था मां-बाप का साया, अब उन्हें समाज ने दिया ऐसा तोहफा...

मां-बाप की मौत के बाद बेसहारा हुए धोद क्षेत्र के अनोखू गांव के चार बच्चों की मदद के लिए प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवी संगठनों ने भी हाथ बढ़ाया है।

मां-बाप की मौत के बाद बेसहारा हुए धोद क्षेत्र के अनोखू गांव के चार बच्चों की मदद के लिए प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवी संगठनों ने भी हाथ बढ़ाया है। राजस्थान पत्रिका में शुक्रवार को '13 दिन में चल बसे मां-बाप, चार बच्चों की जिंदगी दाव पर...Ó समाचार प्रकाशित होने के बाद कई लोगों ने उनके घर पहुंचकर सहायता दी। ग्राम पंचायत ने जहां इन बच्चों के लिए सरकारी योजना में मकान बनाकर देने की घोषणा की है। वहीं अन्य कई सामाजिक संगठनों ने चारों बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण का जिम्मा उठाया। प्रशासन ने इन बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाने की तैयारी शुरू कर दी है।



Read:

Video : दर्दनाक! शराब...आग...हादसा और फिर उजड़ गई इन बच्चों की जिंदगी



उप जिला प्रमुख ने लिया चारों बच्चों  को गोद


उप जिला प्रमुख शोभ सिंह अनोखू ने चारों बच्चों को शिक्षा के लिए गोद लेने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गांव के शिशु बाल विहार स्कूल में चारों बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। साथ ही इनकी यूनिफोर्म व किताबों की व्यवस्था भी स्कूल की तरफ की जाएगी। शोभसिंह ने इन बच्चों के पालन-पोषण के लिए सामाजिक संगठनों को प्रेरित करने की भी घोषणा की है।



Read:

Video : छह बच्चों पर ऐसा टूटा पहाड़ कि...



घर का सामान और नकद सहायता


मनसुख रणवा 'मनु' संस्थान के सुरेन्द्र ङ्क्षसह बगडि़या, भंवर सिंह बगडि़या, अभिलाषा रणवां ने अनोखू गांव पहुंचकर इस परिवार के लिए जरूरत के सामान, कपड़े और दो हजार रुपए नकद की सहायता दी। संस्थान ने इस परिवार की हर संभव मदद करने की बात कही है।



Read:

विक्षिप्त बेटे व बेटी के साथ भगवान के सहारे यह महिला काट रही दिन, ऐसा क्या इनके साथ



पंचायत देगी मकान


गांव के सरपंच पोखर सिंह रणवां ने इन बच्चों के लिए सरकारी योजना में मकान बनाकर देने की घोषणा की है।



Read:

गाय को लेकर पांच गांवों का ऐसा संकल्प, जो...



बना रहा इंतजार


शिश्यूं. कस्बे के दिवंगत दो भाइयों के छह बच्चों के पालन पोषण को लेकर सहायता का अभी इंतजार बना हुआ है। पत्रिका के शुक्रवार के अंक में प्रकाशित समाचार के बाद शनिवार को किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली। सरकार की ओर से भी कोई इन पीडि़तों का हाल जानने नहीं गया। बच्चे ताऊ के साथ रह रहे हैं। कस्बे के लोगों ने पत्रिका की ओर से मामले में की गई पहल को सराहा है।



Read:

नोटबंदी से कम हो गए इसके शौकीन, पहले की तुलना में गिर गई इनकी कमाई



बाल कल्याण समिति और प्रशासनिक अधिकारियों ने ली सुध


बाल कल्याण समिति के सदस्य गजेन्द्र सिंह चारण, गिरवर सिंह झाझड़, कमल कांत शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के परिवीक्षा अधिकारी रघुनाथ सैनी ने अनोखू गांव पहुंचकर सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ जल्द ही इन बच्चों को दिलवाया जाएगा। समिति ने भी इनका  जिम्मा उठाने की बात कहीं है। 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned