ऐसा क्या हुआ यहां कि दौड़ते... भागते दफ्तर पहुंच गए ये लोग

Sikar, Rajasthan, India
ऐसा क्या हुआ यहां कि दौड़ते... भागते दफ्तर पहुंच गए ये लोग

सरकारी विभागों में लापरवाही का खेल थम नहीं रहा है। जिम्मेदार भी खानापूर्ति कर सरकारी पुलिन्दा बढ़ा रहे है। मोटी तनख्वाह लेने वाले सरकारी अधिकारी कर्मचारियों की मंगलवार को पोल खुल गई।

सरकारी विभागों में लापरवाही का खेल थम नहीं रहा है। जिम्मेदार भी खानापूर्ति कर सरकारी पुलिन्दा बढ़ा रहे है। मोटी तनख्वाह लेने वाले सरकारी अधिकारी कर्मचारियों की मंगलवार को पोल खुल गई। जिला कलक्टर के निर्देश पर जिलेभर में एक साथ सरकारी कार्यालयों में औचक निरीक्षण हुए तो 291 अधिकारी-कर्मचारी नदारद मिले। एक साथ जिलेभर में छापेमार कार्रवाई होने की सूचना पर अधिकारी-कर्मचारियों में दिनभर हड़कम्प मच गया। कई भागते-दौड़ते ऑफिस पहुंचे लेकिन तब टीम ने अनुपस्थिति दर्ज कर दी। इस वर्ष का यह तीसरा बड़ा निरीक्षण है। इससे पहले सीकर जिला कलक्टर दो बार निरीक्षण करा चुके है। लेकिन अधिकारी-कर्मचारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे है। इधर, जिला कलक्टर ने सभी लापरवाही अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस थमाने के निर्देश जारी किए है। इन सबके बीच परेशान है आमजन।




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हेल्थ में सबसे ज्यादा लापरवाही


जांच टीम को सबसे ज्यादा लापरवाही स्वास्थ्य केन्द्रों पर देखने को मिली। कई स्वास्थ्य केन्द्रों पर सुबह दस बजे तक ताले लटके हुए थे। कई केन्द्रों पर चौथाई स्टाफ भी नहीं पहुंचा। एेसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से बेहतर उपचार की क्या उम्मीद की जा सकती है। सीकर उपखंड अधिकारी सिराज अली जैदी ने शहर के कार्यालयों का निरीक्षण किया।  बिजली निगम विजिलेंस टीम के सहायक अभियंता कार्यालय बंद मिला। धोद विकास अधिकारी को उप स्वास्थ्य केन्द्र चैलासी, श्यामपुरा व पालवास कार्यालय बंद मिले। तहसीलदार धोद को उप स्वास्थ्य केन्द्र मूंडवाड़ा, पशु उप स्वास्थ्य केन्द्र दुजोद बंद मिले। वहीं दांतारामगढ़ में उप स्वास्थ्य केन्द्र रलावता बंद मिला। सहायक कृषि कार्यालय लापुवां बंद मिला। वहीं उप स्वास्थ्य केन्द्र पटवारी का बास व भोपतपुरा बंद मिले। नायब तहसीलदार के 13 निरीक्षणों में अटल सेवा केन्द्र लिसाडिय़ा, मऊ, विद्युत निगम लिसाडिय़ा, आयुर्वेदिक औषधालय नाथूसर एवं पशु चिकित्सा केन्द्र मऊबंद मिले। वहीं उप स्वास्थ्य केन्द्र हथौरा व अटल सेवा केन्द्र हथौरा बंद पाए। वहीं प्रा.स्वा. केन्द्र कंचनपुर व कल्याणपुरा बंद मिला।




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हर बार नोटिस तक सिमटी कार्रवाई


जिला प्रशासन दो वर्ष में आठ बार औचक निरीक्षण करा चुका है। इसमें 857 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी नदारद मिल चुके है। हर नदारद मिलने वालों को नोटिस थमा दिया जाता है और जवाब से संतुष्ट हो मामला रफा-दफा भी हो जाता है।




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जिलेभर में टीम बनाकर मंगलवार को सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण कराया गया। जो अधिकारी-कर्मचारी नदारद मिले है,उनको नोटिस जारी किया जाएगा। वहीं प्रभारी मंत्री व सचिव की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा कर आगामी कार्रवाई की रणनीति बनाई जाएगी। जो कर्मचारी तीन बार से ज्यादा बार नदारद मिले है उनकी रिपोर्ट मुख्यालय को  भिजवाई जाएगी।

डॉ. के.बी. गुप्ता, जिला कलक्टर

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