सीकर: किसानों का हल्लाबोल आज, नहीं मिलेगा दूध सब्जी, स्कूल कॉलेज भी बंद...

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सीकर: किसानों का हल्लाबोल आज, नहीं मिलेगा दूध सब्जी, स्कूल कॉलेज भी बंद...

अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले सोमवार को किसान कफ्र्यू होगा।

अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले सोमवार को किसान कफ्र्यू होगा। सुबह आठ बजे से दोपहर बारह बजे तक जिले में 50 जगह किसानों की सभा होगी। कफ्र्यू के दौरान आमजन को दूध, सब्जी या  कृषि जिन्स नहीं मिलेंगे। गांवों से शहरों या कस्बों का परिवहन पूरी तरह ठप रहेगा। कृषि उपज मंडी में कारोबार नहीं होगा। शिक्षण संस्थाएं व बाजार बंद रहेंगे। चिह्नित स्थानों पर किसान  सड़़क जाम कर सभाएं करेंगे।

 किसानों के समर्थन में जिलेभर में विभिन्न संगठनों की ओर से सभाएं की जाएगी। किसानों की मांगों को जायज ठहराते हुए माकपा, बकरा मंडी यूनियन, हाथ ठेला यूनियन, निजी बस यूनियन, दुग्ध डेयरियां, शिक्षण संस्थान व कोचिंग संस्थान, डीवाईएफआई, खाद्य पदार्थ व्यापार संघ  सहित अन्य कई संगठनों ने भी समर्थन दिया है। 


माकपा ने सौंपी जिम्मेदारियां 


किसान कफ्र्यू को माकपा ने समर्थन दे दिया है। किसान कफ्र्यू को लेकर रविवार को पार्टी के सचिव मंडल व जिला कमेटी सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गई। जिला कमेटी सदस्य तहसील कमेटी सदस्यों के साथ चिन्हित स्थानों पर नेतृत्व करेंगे। इसके लिए शहर में शिक्षण संस्था संचालकों ने बंदी को समर्थन दिया है। सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमराराम, राज्याध्यक्ष पेमाराम एवं उपाध्यक्ष मंगल सिंह, जिला महासचिव सागर खाचरिया, किशन पारीक सहित पदाधिकारियों की मौजूदगी में समीक्षा की गई। चिन्हित 50 चौकियों के प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी। इस दौरान निर्णय किया गया कि किसानों के सभी कर्जों की माफी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें व आवारा पशुओं की समस्या का निराकरण नहीं करने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके लिए आंदोलन की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। 


यह रहेगी मांगें 


माकपा जिला सचिव किशन पारीक ने बताया कि  केंद्र राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण ही किसानों को फसल का लागत मूल्य नहीं मिल रहा है। इसमें कारण ही पिछले 20 सालों में चार लाख से ज्यादा किसानों ने कर्ज के जाल में फंसकर आत्महत्या की है। किसानों की सात सूत्री मांगों को लेकर इस बार किसान कफ्र्यू लगाया जाएगा। किसानों  की मुख्य तौर पर कर्जा माफ करने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने, पशु क्रूरता कानून 2017 को वापस लेने, प्याज की सरकारी खरीद के भाव बढ़ाने, बछड़ों की बिक्री से रोक हटाने और सहकारी समिति के कर्जो में कटौती बंद करने की मांग है।  किसान सभा के प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक उत्तर प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ किया जा चुका है। लेकिन राजस्थान के किसानों का कर्ज माफ नहीं किया गया और ही स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की गई।इन पर रोक नहीं चक्काजाम के दौरान एम्बुलेंस, बारात की गाडियों को नहीं रोका जाएगा। चक्का जाम को देखते हुए रोडवेज ने भी अनहोनी की आशंका को देखते हुए चालकों व परिचालकों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सीकर जिला थडी, हाथ ठेला मजदूर यूनियन सीटू के जिलाध्यक्ष शकूर पठान व रघुवीर सिंह बारेठ ने बताया कि किसान सभा के बंद के समर्थन में ठेले नहीं लगाए जाएंगे। यहां बनेगी चौकियां किसान कफ्र्यू को लेकर पूरे जिले में अनुमानित 50 जगह पर चौकियां लगाई जाएंगी, जहां पर सभाएं होंगी। इसमें फतेहपुर के देवास, मल्डाटू, हरसावा, रोलसाहबसर, तनाणा, जोहड़ा, लक्ष्मणगढ़ के काछवा, दंतुजला, बलारां डूडवा, खूड़ी, धोद के रसीदपुरा, नानी बाइपास चौराहा, फागलवा, कासली, धोद, मूंडवाडा, खूड, लोसल, सिहोट बड़ी, फतेहपुरा, मोरडूंगा, तासर बड़ी, नागवा, नेतड़वास चौराहा, चरण सिंह सर्किल, सांवली बोसाना, सीकर के दादिया, पिपराली कटराथल में एसएफआई, दांतारामगढ़ में अखेपुरा,  खाटूश्यामजी, दांता, खाचरियावास,  सुरेरा, बाय, धींगपुर, खंडेला रींगस , खंडेला कांवट, श्रीमाधोपुर में अजीतगढ़, थोई, खटकड़ मोड ब्रह्मचारी आश्रम और नीमकाथाना के पाटन सिरोही बाइपास पर सड़क जाम कर चौकियां बनाई जाएगी। सीकर के बकरामंडी में किसानों की सभा होगी। 

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