अॉस्ट्रेलियन ओपन: फेडरर के साथ होने वाले ड्रीम फाइनल के लिए बेताब हैं नडाल

balram singh

Publish: Jan, 28 2017 08:29:00 (IST)

Sports
अॉस्ट्रेलियन ओपन: फेडरर के साथ होने वाले ड्रीम फाइनल के लिए बेताब हैं नडाल

खास यह है कि हालिया दौर में चोटों और खराब फॉर्म से जूझ रहे दोनों खिलाडिय़ों के फाइनल में एकदूसरे के सामने होने की उम्मीद कम ही की जा रही थी।

साल के पहले ग्रैंड स्लैम टेनिस टूर्नामेंट आस्ट्रेलियन ओपन के पुरुष एकल वर्ग के रविवार को होने वाले फाइनल में टेनिस जगत के दो दिग्गज स्पेन के राफेल नडाल और स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर लंबे अरसे के बाद एकदूसरे के सामने होंगे। टेनिस जगत में इस मुकाबले को ड्रीम फाइनल की तरह देखा जा रहा है।



ऐसा नहीं है कि यह दोनों पहली बारी किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के फाइनल में भिड़ रहे हों। खास यह है कि हालिया दौर में चोटों और खराब फॉर्म से जूझ रहे दोनों खिलाडिय़ों के फाइनल में एकदूसरे के सामने होने की उम्मीद कम ही की जा रही थी।



दोनों दिग्गज बीते कुछ वर्षों से खराब दौर से गुजर रहे थे, जिसका असर उनकी रैंकिंग पर भी पड़ा। नडाल इस समय एटीपी रैकिंग में नौवें स्थान पर हैं, वहीं फेडरर 17वें स्थान पर हैं।



लेकिन मिसाल पेश करते हुए फेडरर और नडाल ने एक बार फिर टेनिस जगत को बहुप्रतीक्षित फाइनल का तोहफा दिया है। दोनों के बीच यह नौवां ग्रैंड स्लैम फाइनल है। नडाल ने फेडरर के खिलाफ खेले गए पिछले आठ ग्रैंड स्लैम फाइनल मुकाबलों में से छह में जीत हासिल की है जबकि फेडरर दो फाइनल जीतने में कामयाब रहे हैं।



फेडरर के नाम कुल 17 ग्रैंड स्लैम खिताब हैं, वहीं नडाल उनसे तीन खिताब पीछे हैं। दोनों दिग्गजों ने अब तक एकदूसरे के खिलाफ कुल 34 मुकाबले खेले हैं जिसमें से 23 में नडाल और 11 में फेडरर को जीत मिली है।



हालांकि खेल के महारथियों के लिए आंकड़े कभी भी मायने नहीं रखते। नडाल न इन आंकड़ों को देखकर अपनी जीत को लेकर सुनिश्चित होंगे और न ही फेडरर चिंतित। दोनों जानते हैं कि कोर्ट पर जिसने अच्छा खेला खिताब उसकी झोली में जाएगा।



फेडरर ने पांच साल बाद आस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में प्रवेश किया। इससे पहले वह 2010 में इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे थे जहां उन्होंने जीत हासिल की थी। 2010 में उन्होंने मौजूदा नंबर-1 खिलाड़ी ब्रिटेन के एंडी मरे को मात दी थी।



फेडरर चार बार आस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीत चुके हैं और एक बार उप-विजेता रहे हैं। फेडरर ने अपना आखिरी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट 2012 में विंबलडन के तौर पर जीता था। वहीं नडाल ने अपना आखिरी ग्रैंड स्लैम फाइनल 2014 में फ्रेंच ओपन के तौर पर खेला था जहां उन्हें जीत मिली थी।



फेडरर के लिए चिंता का विषय आकंड़े नहीं उनकी चोट होगी। हमवतन स्टानिस्लास वावरिंका के खिलाफ सेमीफाइनल के दौरान फेडरर के पैर में हल्की चोट लगी थी, जो उनके लिए थोड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है।



नडाल को भी सेमीफाइनल में आसान जीत नहीं मिली थी। बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में नडाल ने एड़ी-चोटी का दम लगा दिया था। फेडरर के साथ फाइनल मुकाबले की उम्मीद खुद नडाल को नहीं थी। नडाल ने इस मुकाबले को विशेष बताया है।



मैच के बाद नडाल ने कहा था, ''ग्रैंड स्लैम के फाइनल में एक बार फिर रोजर के खिलाफ खेलना मेरे लिए विशेष है। मैं झूठ नहीं बोल सकता। यह विशेष है। हम दोनों के लिए यहां एक बार फिर पहुंचना और खिताब के लिए लडऩा रोमांचक है। हम दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। टेनिस जगत वर्षों बाद नडाल और फेडरर को एक बार फिर खिताबी भिंड़त करते देखेगा।

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