चौथे दिन कंगारुओं पर भारी पड़ी टीम इंडिया, पुजारा-साहा का चला 'शतकीय' बल्ला, AUS 23/2

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चौथे दिन कंगारुओं पर भारी पड़ी टीम इंडिया, पुजारा-साहा का चला 'शतकीय' बल्ला, AUS 23/2

तेश्वर पुजारा (202) की मैराथन पारी और रिद्धिमान साहा (117) की जुझारू पारी के बाद रवींद्र जडेजा की फिरकी के दम पर भारत ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया पर अपनी पकड़ बना ली है।

चेतेश्वर पुजारा (202) की मैराथन पारी और रिद्धिमान साहा (117) की जुझारू पारी के बाद रवींद्र जडेजा की फिरकी के दम पर भारत ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया पर अपनी पकड़ बना ली है। चौथे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक उसने ऑस्ट्रेलिया के दूसरी पारी में 23 रनों पर दो विकेट चटका दिए हैं।



भारत ने ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी के विशाल स्कोर 451 रनों का मजबूत जवाब देते हुए अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 603 रनों पर घोषित कर 152 रनों की अहम बढ़त ली। मेहमान टीम अभी 129 रन पीछे है।



स्टम्प्स तक मैट रेनशॉ सात रन बनाकर नाबाद लौटे। ऑस्ट्रेलिया ने डेविड वार्नर (14) के रूप में पहला विकेट खोया। उन्हें रवींद्र जडेजा ने बोल्ड किया। जडेजा ने ही नाइट वॉचमैन बन कर आए नाथन लॉयन (2) को बोल्ड कर मेहमानों को दूसरा झटका दिया और इसी के साथ दिन का खेल खत्म करने की घोषणा कर दी गई। इससे पहले पुजारा-साहा की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के मंसूबों पर पानी फेरते हुए भारत को न सिर्फ बड़े स्कोर के पार पहुंचाया बल्कि बढ़त भी दिलाई। पुजारा और साहा ने सातवें विकेट के लिए 199 रनों की साझेदारी की।



दीवार बनकर खड़े पुजारा ने शुरू से एक छोर संभाले रखा। उन्होंने पहले मुरली विजय (82) के साथ दूसरे विकेट के लिए 102 रनों की साझेदारी की और फिर साहा के साथ मिलकर एक और शतकीय साझेदारी कर भारत को अहम बढ़त दिलाई।



पुजारा ने इस मैच में अपने करियर का तीसरा दोहरा शतक जड़ा। यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका दूसरा दोहरा शतक था। उन्होंने भारत की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में सबसे लंबी पारी खेलने का रिकार्ड भी अपने नाम कर किया। पुजारा ने मैच के दूसरे दिन मैदान पर कदम रखा था और तीसरे दिन भी विकेट पर जमे रहे थे। पुजारा ने अपनी पारी में 525 गेंदों का सामना किया। इससे पहले भारत के लिए सबसे लंबी पारी का रिकॉर्ड राहुल द्रविड़ के नाम था। उन्होंने अप्रैल 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ 495 गेंदों में 270 रनों की पारी खेली थी।



उन्होंने अपनी पारी में 21 चौके लगाए। वहीं साहा ने पुजारा का अच्छा साथ दिया है और 233 गेंदों का सामना किया। साहा की पारी में आठ चौके और एक छक्का शामिल है। यह जोड़ी तीसरे दिन मैदान पर थी। भारत ने तीसरे दिन का अंत छह विकेट के नुकसान पर 360 रनों के साथ किया था। चौथे दिन भारत ने पुजारा और साहा के दम पर पहले सत्र में 75 रन जोड़े। दूसरे सत्र में इस जोड़ी ने भारत के स्कोर में 68 रनों का इजाफा किया। तीसरे सत्र में साहा ने अपना शतक पूरा किया और पुजारा ने अपना दोहरा शतक।



तीसरे सत्र में पुजारा को लॉयन ने ग्लैन मैक्सवेल के हाथों कैच कराया। वहीं साहा को भी मैक्सवेल ने ओकीफ की गेंद पर लपक कर पवेलियन भेजा। इन दोनों के जाने के बाद आए जडेजा ने तेजी से रन जुटाए और 55 गेंदों में 54 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनके साथ ईशांत शर्मा बिना खाता खोले नाबाद लौटे। उमेश यादव ने 16 रनों का योगदान दिया।



इससे पहले तीसरे दिन के स्कोर से आगे खेलने उतरी मेजबान टीम ऑस्ट्रेलिया को पहले और दूसरे सत्र में विकेट के महरूम रखा, हालांकि दिन के दूसरे ओवर की पहली गेंद पर अंपायर ने साहा को पगबाधा करार दे दिया था, लेकिन साहा द्वारा रिव्यू लेने के बाद उन्हें अपना फैसला बदलना पड़ा। पुजारा को भी एक जीवनदान मिला। 150वें ओवर में स्टीव ओकीफ की गेंद विकेटकीपर मैथ्यू वेड पुजारा का कैच छोड़ा।



भारत के सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल ने भी 67 रनों का पारी खेली थी। वह मैच के दूसरे दिन ही पवेलियन लौट गए थे। तीसरे दिन भारत ने विजय, विराट कोहली (6), अजिंक्य रहाणे (14), करुण नायर (23), रविचंद्रन अश्विन (3) के महत्वपूर्ण विकेट गंवाए थे। ऑस्ट्रेलिया के लिए पैट कमिंस ने चार विकेट लिए। ओकीफ को तीन सफलता मिलीं। जोस हाजलेवुड और लॉयन एक-एक विकेट लेने में सफल रहे हैं।

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